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मॉस्को: रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Vladimir Putin) ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (PM Narendra Modi) को अगले साल रूस की यात्रा के लिए आमंत्रित किया। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने रूस के राष्ट्रपति भवन ‘क्रेमलिन’ में पुतिन से मुलाकात की। पुतिन ने जयशंकर से कहा, ‘‘हमें अपने मित्र प्रधानमंत्री मोदी को रूस में देखकर खुशी होगी।”
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा कि दुनिया भर में हो रही तमाम उथल-पुथल के बावजूद, एशिया-भारत में हमारे सच्चे दोस्तों के साथ रिश्ते लगातार आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि यूक्रेन की स्थिति के बारे में, मैंने कई बार उन्हें सलाह दी कि चीजें कैसी चल रही हैं वहां और मुझे पता है कि वह अपना सर्वश्रेष्ठ करने को तैयार हैं। रूस के राष्ट्रपति ने कहा कि हमें अपने मित्र प्रधानमंत्री मोदी को रूस में देखकर खुशी होगी।’
#WATCH | Moscow: Russian President Vladimir Putin says, “Despite all the turmoil happening worldwide, the relationship with our true friends in Asia-India has been progressing incrementally…Regarding the situation in Ukraine, many times I advised him of how things have been… pic.twitter.com/5z2RBf8Ogz
— ANI (@ANI) December 27, 2023
उन्होंने जयशंकर से कहा कि कृपया उन्हें बताएं कि हम उनसे यहां आने की उम्मीद करते हैं। मैं जानता हूं कि भारत, अगले वर्ष व्यस्त राजनीतिक कार्यक्रम (आम चुनाव) होगा। हम अपने मित्रों की इसमें सफलता की कामना करते हैं।”
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रूस की पांच दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर यहां आए जयशंकर ने इससे पहले अपने रूसी समकक्ष सर्गेई लावरोव से मुलाकात की। लावरोव के साथ अपनी बातचीत के बाद संयुक्त रूप से संवाददाता सम्मेलन में जयशंकर ने कहा कि उन्हें विश्वास है कि प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति पुतिन अगले साल वार्षिक शिखर सम्मेलन में मिलेंगे। इससे पहले अपनी प्रारंभिक टिप्पणी में जयशंकर ने कहा कि दोनों नेता लगातार संपर्क में रहे हैं।
भारत के प्रधानमंत्री और रूसी राष्ट्रपति के बीच शिखर सम्मेलन दोनों पक्षों के बीच रणनीतिक साझेदारी में सर्वोच्च संस्थागत संवाद तंत्र है। अब तक भारत और रूस में बारी-बारी से 21 वार्षिक शिखर सम्मेलन हो चुके हैं। पिछला शिखर सम्मेलन दिसंबर 2021 में नयी दिल्ली में हुआ था। पुतिन ने यह भी कहा कि रूस और भारत के बीच व्यापार बढ़ रहा है, खासकर कच्चे तेल और उच्च प्रौद्योगिकी क्षेत्रों के कारण। उन्होंने कहा, ‘‘हमारा व्यापार लगातार दूसरे साल स्थिर गति से बढ़ रहा है। इस साल विकास दर पिछले साल से भी अधिक है।”
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