Fake voting in UP many more revelations cause panic re-polling to be held on May 25

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यूपी के फर्रुखाबाद लोकसभा सीट पर एटा के अलीगंज विधानसभा क्षेत्र में फर्जी वोटिंग का वीडियो वायरल होने के बाद से खलबली मची है। चुनाव आयोग की सख्ती पर पूरी पोलिंग पार्टी सस्पेंड करने के साथ केस भी दर्ज करा दिया गया है। वायरल वीडियो में दिख रहे किशोर को भी गिरफ्तार किया जा चुका है। इस बीच जांच में कई खुलासे हो रहे हैं। जांच में पता चला कि इस बूथ पर 69.22 प्रतिशत मतदान हुआ है। इसमें सिर्फ दस लोगों ने ही वोटर पहचान पत्र का इस्तेमाल किया है। ऐसे में कई तरह की आशंकाएं जताई जा रही हैं। चर्चा इस बात की भी हो रही है कि अगर किशोर ने वीडियो खुद बनाकर नहीं डाला होता तो इतने बड़े फर्जीवाड़े का पता कैसे चलता। विपक्षी पार्टियां भाजपा के साथ ही प्रशासन को कटघरे में खड़ा कर रहा है। फिलहाल आयोग ने यहां पर फिर से मतदान की तारीख का भी ऐलान कर दिया है। यहां 25 मई को दोबारा वोटिंग होगी। 

फर्रुखाबाद लोकसभा सीट पर चौथे चरण में 13 मई को वोटिंग हुई थी। इसके एक हफ्ते बाद रविवार को यहां के अलीगंज विधानसभा क्षेत्र के बूथ खिरिया पवारान के बूथ का वीडियो तेजी से वायरल हुआ। इस वीडियो में एक किशोर बारी-बारी से बूथ के अंदर जाकर भाजपा प्रत्याशी को वोट डाल रहा है। इसके साथ ही मोबाइल फोन से वीडियो भी बना रहा है। वह जिस तरह से अपने वोटों को गिनकर बता रहा है, ऐसे लग रहा है किसी ने उसे इस तरह से फर्जी वोटिंग का टॉस्क दिया है।

यूपी में फर्जी वोटिंग में बड़ा एक्शन; पूरी पोलिंग पार्टी सस्पेंड, दोबारा होगा मतदान, अखिलेश की पोस्ट के बाद कार्रवाई

वीडियो को समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर पोस्ट कर चुनाव आयोग और भाजपा को निशाने पर लिया। अखिलेश यादव की पोस्ट को कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने रिपोस्ट करते हुए अपनी सरकार बनने पर ऐसे लोगों पर कड़ी कार्रवाई की बात कही। इसके बाद पूरे प्रशासन में हड़कंप मच गया। 

तत्काल जांच शुरू हुई और कुछ घंटे में ही बूथ पर तैनात पूरी पोलिंग पार्टी को सस्पेंड करने के साथ ही किशोर को गिरफ्तार कर लिया गया। पोलिंग पार्टी के खिलाफ भी केस दर्ज कर पुलिस ने भी जांच शुरू कर दी। जांच में पता चला कि वहां पर वोट देने वाले लोगों में सिर्फ 10 लोगों ने ही वोटर कार्ड का इस्तेमाल किया है। इससे यह भी माना जा रहा है कि बड़ी संख्या में फर्जी वोट यहां डाले गए हैं। अब 25 को पुनर्मतदान में पता चलेगा कि जिन दस लोगों ने वोटर कार्ड से वोट डाले उनके अलावा क्या किसी के पास वोटर कार्ड नहीं था। कई और बातें भी पता चल सकती हैं।

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