El Salvador has offered to accept deportees from U.S. of any nationality | अमेरिका के अपराधियों को पैसे लेकर जेल में रखेगा अल-सल्वाडोर: किसी देश के बीच पहला ऐसा समझौता; मस्क बोले- ये ग्रेट आइडिया

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वॉशिंगटन44 मिनट पहले

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मध्य अमेरिकी देश अल सल्वाडोर अपनी जेलों में अमेरिका के हिंसक अपराधियों और अवैध अप्रवासियों को रखेगा। CNN के मुताबिक अल साल्वाडोर के राष्ट्रपति नायब बुकेले ने सोमवार को अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के सामने यह प्रस्ताव रखा था, जिसे उन्होंने तुरंत स्वीकार कर लिया।

मार्को रुबियो ने बुकेले के प्रस्ताव की तारीफ करते हुए कहा-

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अमेरिका में अवैध रूप से रह रहे किसी भी अपराधी, चाहे वह किसी भी देश का हो, अल सल्वाडोर उन्हें अपनी जेलों में रखेगा। किसी भी देश ने पहले ऐसी पेशकश नहीं की थी। हम इस समझौते से बहुत खुश हैं।

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ट्रम्प प्रशासन और राष्ट्रपति के सहयोगियों ने भी इस समझौते की तारीफ की है। टेस्ला चीफ इलॉन मस्क ने एक्स पर एक पोस्ट में इस समझौते को एक ग्रेट आइडिया बताया। हालांकि मानवाधिकार संगठनों ने इस कदम की निंदा की है।

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने सोमवार को राष्ट्रपति नायब बुकेले से मुलाकात के बाद इस समझौते की घोषणा की।

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने सोमवार को राष्ट्रपति नायब बुकेले से मुलाकात के बाद इस समझौते की घोषणा की।

मानवाधिकार संगठनों ने की आलोचना लीग ऑफ यूनाइटेड लैटिन अमेरिकन सिटीजन्स (LULAC) के राष्ट्रीय अध्यक्ष रोमन पालोमारेस ने कहा कि हम इस बात का विरोध करते हैं कि गैर-आपराधिक डिपोर्ट किए गए लोगों के साथ जानवरों की तरह बर्ताव करें। उन्हें उनके मूल देश भेजने की परवाह किए बिना कहीं भी भेज दिया जाए।

वहीं इमर्सन कॉलेज की प्रोफेसर मनीषा गेलमैन ने कहा कि अमेरिका मूल रूप से लोगों को ऐसे देश में भेजने की योजना बना रहा है जो न तो उनका जन्मस्थान है और न ही वह देश जिससे वे गुजरे थे। अल सल्वाडोर के वामपंथी फराबुंडो मार्ती नेशनल लिबरेशन फ्रंट (FMLN) पार्टी के महासचिव मैनुअल फ्लोरेस ने भी इस फैसले की आलोचना करते हुए कहा कि हम क्या हैं? कचरे का ढेर?

अल सल्वाडोर में 40 हजार कैदियों को रखने वाली जेल अल सल्वाडोर में जनवरी 2023 में एक जेल का निर्माण हुआ था। इसका नाम ‘आंतकवादी बंदी केंद्र’ है जिसे CECOT के नाम से भी जाना जाता है। यह दुनिया की सबसे बड़ी जेलों में से एक है। इसमें 40 हजार से ज्यादा कैदी रखे जा सकते हैं।

बुकेले ने कहा कि वह इस जेल में मामूली पैसे लेकर अमेरिका के खतरनाक कैदियों को रखेंगे। इससे दोनों देशों को फायदा होगा। बुकेले ने सोशल मीडिया पर इस जेल की तस्वीरें भी पोस्ट की हैं। इसमें कई कैदी और गार्ड्स नजर आ रहे हैं।

CECOT जेल की ड्रोन इमेज। इसे दुनिया की सबसे खतरनाक जेलों में से एक कहा जाता है।

CECOT जेल की ड्रोन इमेज। इसे दुनिया की सबसे खतरनाक जेलों में से एक कहा जाता है।

CECOT जेल में कैदियों के साथ गार्ड्स।

CECOT जेल में कैदियों के साथ गार्ड्स।

बुकेले ने अल स्लवाडोर में क्राइम रेट कम किया बुकेले को अल सल्वाडोर में अपराध को कम करने का श्रेय दिया जाता है। उन्होंने साल 2019 में अपराध खत्म करने के नाम पर राष्ट्रपति चुनाव लड़ा था। चुनाव जीतने के एक साल बाद ही उन्होंने देश में लोगों के संवैधानिक अधिकारों को खत्म कर दिया और कोर्ट की ताकत बढ़ा दी। इससे अपराध दर में 50% की गिरावट आ गई।

हालांकि तब बुकेले पर आरोप लगा था कि उन्होंने क्रिमिनल गैंग के बीच समझौता कर लिया है। हालांकि मार्च 2022 में ऐसी घटना हुई कि जिसने बुकेले को अपराध को और ज्यादा सख्ती से कुचलने के लिए मजबूर कर दिया। दरअसल, एक स्ट्रीट गैंग ने कुछ ही घंटे में 60 से ज्यादा लोगों की हत्या कर दी थी।

बुकेले के अपराध रोकने के दावे की खूब किरकिरी हुई। इसके बाद उन्होंने स्टेट ऑफ इमरजेंसी की घोषणा कर दी। संदिग्ध अपराधियों और दोषी ठहराए गए आरोपियों में भेद खत्म कर दिया गया। इसके बाद से देश में करीब 85 हजार लोगों को जेल में बद कर दिया गया है।

बुकेले का दावा है कि उनके इस कदम से देश में हिंसा काफी कम हो गई है। साल 2024 में सिर्फ 114 लोगों की हत्या हुई है। एक साल पहले यह आंकड़ा 2014 था। 2015 में देशभर में 6,656 लोगों की हत्या हुई थी। अपराध कम करने के दावे पर वे 2024 में दोबारा चुनाव जीते हैं। उन्हें 85% वोटर्स का समर्थन मिला।

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