EC Home Secretaries Removal Reason Update | Lok Sabha Elections 2024 | चुनाव आयोग ने 6 राज्यों के गृह सचिव हटाए: एक से ज्यादा पद पर तैनात थे; पश्चिम बंगाल के डीजीपी का नाम भी शामिल

14 मिनट पहले

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चुनाव आयोग ने लोकसभा चुनाव की तारीखों के ऐलान के दो दिन बाद 7 राज्यों के बड़े अधिकारियों को हटा दिया। इनमें गुजरात के गृह सचिव पंकज जोशी, उत्तर प्रदेश के गृह सचिव संजय प्रसाद, झारखंड के गृह सचिव अरवा राजकमल, बिहार के अपर मुख्य सचिव, गृह विभाग एस सिद्धार्थ, हिमाचल के गृह सचिव अभिषेक जैन और उत्तराखंड के शैलेष बागोली हैं।

इनके अलावा, बंगाल के डीजीपी राजीव कुमार का नाम सामने आया है। मिजोरम और हिमाचल प्रदेश में सामान्य प्रशासनिक विभाग के सचिव, बृहन्मुंबई नगर आयुक्त इकबाल सिंह चहल शामिल हैं।

राजीव कुमार की अध्यक्षता में चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और सुखबीर सिंह संधू की सोमवार दोपहर में बैठक के बाद यह फैसला लिया गया।

अफसरों को हटाने की वजह
जिन अधिकारियों को हटाया गया है, उनके पास संबंधित राज्यों में मुख्यमंत्री के कार्यालय में दोहरे प्रभार थे, जो चुनावी प्रक्रिया के दौरान जरूरी निष्पक्षता, खासकर कानून व्यवस्था सुरक्षा बलों की तैनाती को लेकर भी समझौता कर सकते थे।

महाराष्ट्र ने कुछ नगर आयुक्त और कुछ अतिरिक्त/उप नगर आयुक्त ने चुनाव आयोग के निर्देश नहीं माने थे। ये आदेश 16 मार्च को लोकसभा चुनाव की तारीखों के ऐलान के वक्त दिए गए थे। आयोग ने महाराष्ट्र के मुख्य सचिव से नाराजगी जताते हुए उपायुक्त, अतिरिक्त उपायुक्त को आज शाम 6 बजे तक रिपोर्ट देने और अधिकारियों के ट्रांसफर करने का निर्देश दिया है।

अब पढ़िए हटाए गए अफसरों के बारे में…

पश्चिम बंगाल के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) राजीव कुमार के पहले भी राज्य में 2016 के विधानसभा चुनाव और 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान डीजीपी को हटाया गया था।

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और डीजीपी राजीव कुमार। फाइल फोटो

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और डीजीपी राजीव कुमार। फाइल फोटो

कुमार के लिए धरने पर बैठ गई थीं ममता
राजीव पहले भी विवादों में रहे हैं। शारदा चिटफंड घोटाले से जुड़े केस में CBI की टीम 3 फरवरी 2019 को कुमार के घर पूछताछ करने के लिए गई थी तो टीम को रोका गया था। मुख्यमंत्री बनर्जी ने केंद्र सरकार पर विपक्ष के खिलाफ केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया था। वे धरने पर बैठ गई थीं। कुमार उस वक्त कोलकाता के पुलिस आयुक्त थे। इसी मामले में अदालत के आदेश के बाद, उनसे मेघालय के शिलांग में सीबीआई ने पूछताछ की थी।

टीएमसी ने कहा- भाजपा ने केंद्रीय एजेंसियों का कंट्रोल अपने हाथ में लिया
टीएमसी नेता कुणाल घोष ने DGP को हटाए जाने की कार्रवाई को गलत बताया। उन्होंने कहा कि हमने देखा है कि BJP चुनाव आयोग समेत कई संगठनों को हथियाने की पूरी कोशिश कर रही है।
उन्होंने केंद्रीय एजेंसियों का कंट्रोल अपने हाथ में ले लिया है। लोकसभा चुनाव की घोषणा के बाद आज जो हुआ वह भाजपा का आईना है। BJP चुनाव आयोग के कामकाज को हथियाने और उन पर नजर रखने की पूरी कोशिश कर रही है।

इकबाल चहल: शिंदे सरकार ने तबादला ना करने की अपील की थी
एक दिन पहले शिंदे सरकार ने चुनाव आयोग से बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) के आयुक्त चहल को तबादले से छूट देने की अपील की थी। हालांकि, ECI ने ये अपील खारिज कर दी।

ये हैं बृहन्मुंबई नगर आयुक्त इकबाल सिंह। इन्हें भी चुनाव आयोग ने हटा दिया।

ये हैं बृहन्मुंबई नगर आयुक्त इकबाल सिंह। इन्हें भी चुनाव आयोग ने हटा दिया।

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