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काठमांडू. नेपाल (Nepal) में शुक्रवार को आए विनाशकारी भूकंप (Earthquake) के बाद शनिवार दोपहर को एक और भूकंप आया। रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 4.2 रही। राष्ट्रीय भूकंप निगरानी केंद्र के अनुसार, भूकंप का केंद्र रामिदंडा था। भूकंप के झटके दोपहर तीन बजकर 40 मिनट पर जाजरकोट जिले में लगे।
नेपाल में शुक्रवार को आए भूकंप से 157 लोगों की मौत हो गई और 160 से अधिक घायल हो गए हैं। इनमें से 105 लोगों की मौत जाजरकोट में और 52 की मौत रुकुम जिले में हुई है। अधिकारियों ने बताया कि जाजरकोट, रुकुम पश्चिम, दाइलेख और जुमला जिलों में 160 से अधिक लोग घायल हुए हैं।
The death toll in Nepal Earthquake stands at 157: PM Secretariat pic.twitter.com/vzQ5BoUCdE
— ANI (@ANI) November 4, 2023
2015 के बाद सबसे विनाशकारी भूकंप
राष्ट्रीय भूकंप निगरानी एवं अनुसंधान केंद्र के अनुसार, भूकंप आधी रात 11 बजकर 47 मिनट पर आया, जिसका केंद्र जाजरकोट जिले में था। भूकंप के झटके नेपाल के अलावा दिल्ली-एनसीआर समेत पूरे उत्तर भारत में महसूस किए गए थे। यह नेपाल में 2015 के बाद सबसे विनाशकारी भूकंप है। 2015 में 7.8 तीव्रता के भूकंप और उसके बाद आए झटकों के कारण लगभग 9,000 लोगों की मौत हो गई थी और 22,000 से अधिक लोग घायल हो गए थे।
और बढ़ेगा मौत का आंकड़ा
नेपाल सेना के प्रवक्ता कृष्ण प्रसाद भंडारी के अनुसार, नेपाल सेना ने भूकंप के तुरंत बाद घटनास्थल पर बचाव कार्य करने के लिए शुक्रवार को अपने कर्मियों को तैनात किया। सरकारी ‘नेपाल टेलीविजन’ के अनुसार, पश्चिमी नेपाल के जाजरकोट और रुकुम जिले भूकंप के कारण सबसे अधिक प्रभावित हुए। मृतक संख्या और बढ़ने की संभावना है।
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भूकंप बाद के लगभग 159 झटके दर्ज
राष्ट्रीय भूकंप निगरानी एवं अनुसंधान केंद्र ने बताया कि शुक्रवार रात आए भूकंप बाद के लगभग 159 झटके दर्ज किए गए हैं। कई लोग फिर से भूकंप आने और मकानों को होने वाले संभावित नुकसान की आशंका से डरकर रातभर बाहर रहे।
बता दें कि नेपाल में अक्सर भूकंप आते रहते हैं। दरअसल नेपाल उस पर्वत श्रृंखला पर स्थित है जहां तिब्बती और भारतीय टेक्टोनिक प्लेट मिलती हैं और ये हर सदी एक-दूसरे के तकरीबन दो मीटर पास खिसकती हैं जिसके परिणामस्वरूप दबाव उत्पन्न होता है और भूकंप आते हैं। (एजेंसी इनपुट के साथ)
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