Earthquake In Afghanistan: देर रात घरों से निकलकर बाहर भागने लोग, अफगानिस्तान में फिर महसूस हुए भूकंप के झटके, जानें तीव्रता

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हाइलाइट्स

अफगानिस्तान में 15 दिन के भीतर चार बार भूकंप आ चुके हैं.
इससे पहले 6 से अधिक तीव्रता के साथ आए भूकंप में हजारों लोग मारे गए थे.

काबुलः अफगानिस्तान में पिछले रविवार से लगातार भूकंप के झटके महसूस किए जा रहे हैं. इसी क्रम में गुरुवार तड़के भी कुछ इलाकों में भूकंप के झटके महसूस किए गए. रिक्टर पैमानी पर इस भूकंप की तीव्रता 4.3 बताई जा रही है. नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के मुताबिक भूकंप लगभग देर रात 1:10 बजे आया और 150 किलोमीटर की गहराई पर था. क्षति या हताहत की अभी तक कोई सूचना नहीं मिली है. गौरतलब है कि अफगानिस्तान में यह लगातार चौथा भूकंप है और हेरात प्रांत में एक मजबूत भूकंप के ठीक एक हफ्ते बाद आया है, जिसमें 4,000 से अधिक लोगों की जान चली गई थी.

इससे पहले 15 अक्टूबर को अफगानिस्तान में रिक्टर स्केल पर 5.4 तीव्रता का भूकंप आया था. इससे पहले 13 अक्टूबर को अफगानिस्तान में 4.6 तीव्रता का भूकंप आया था. इससे पहले 11 अक्टूबर को देश में रिक्टर पैमाने पर 6.1 तीव्रता का एक और भूकंप आया था. खामा प्रेस ने तालिबान के नेतृत्व वाले मंत्रालय के हवाले से बताया था कि पिछले हफ्ते, अफगानिस्तान के हेरात प्रांत में आए भूकंप में 4,000 से अधिक लोगों की जान चली गई और हजारों आवासीय घर नष्ट हो गए.

पश्चिमी अफगानिस्तान में पिछले दो हफ़्तों के दौरान आए विनाशकारी भूकंपों की एक सिरीज के कारण हजारों लोग हताहत हुए हैं और हजारों लोग बेघर हो गए हैं. जमीनी सहायता कर्मियों का कहना है कि तालिबान ऐसी आपदा से निपटने के लिए तैयार नहीं है. मानवीय मामलों के समन्वय के लिए संयुक्त राष्ट्र कार्यालय (ओसीएचए) के अनुसार, भूकंप ने सामूहिक रूप से 1,480 से अधिक लोगों की जान ले ली है और हेरात के छह जिलों में 27,150 लोग प्रभावित हुए हैं. तालिबान के आपदा प्रबंधन मंत्रालय ने अधिक संख्या देते हुए कहा कि हताहतों की संख्या 4,000 से अधिक है.

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जानिए क्यों आता है भूकंप?
धरती के ऊपरी सतह सात टेक्टोनिक प्लेटों से मिलकर बनी है. जहां भी ये प्लेटें एक-दूसरे से टकराती हैं वहां भूकंप का खतरा पैदा हो जाता है. भूकंप तब आता है, जब इन प्लेट्स एक-दूसरे के क्षेत्र में घुसने की कोशिश करती हैं. जब ये प्लेट आपस में टकराती हैं, रगड़ती हैं. एक-दूसरे के ऊपर चढ़ती या उनसे दूर होती हैं, तब जमीन हिलने लगती है.

Tags: Earthquake in Afghanistan, World news in hindi

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