Delhi Paharganj Digital Arrest Case Update; China Links | Fake ED Officer | डिजिटल अरेस्ट सिंडिकेट के 5 मेंबर गिरफ्तार: टेलीग्राम के जरिए चीनी कंपनी के संपर्क में थे; ED अधिकारी बनकर बुजुर्ग से 15 लाख ठगे

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नई दिल्ली13 मिनट पहले

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दिल्ली की साइबर पुलिस ने बताया कि 4 आरोपी पहाड़गंज इलाक से गिरफ्तार किए गए।

दिल्ली पुलिस ने डिजिटल अरेस्ट सिंडिकेट में शामिल 5 लोगों को गिरफ्तार किया है। इन सभी ने दिल्ली में रहने वाले आर्मी से रिटायर्ड 81 साल के बुजुर्ग को डिजिटल अरेस्ट किया था। खुद को ED अधिकारी बताकर बुजुर्ग से 15 लाख ठगे थे।

पीड़ित ने 8 दिसंबर 2024 को नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) में ठगी की शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद दिल्ली पुलिस की साइबर सेल मामले की जांच में जुटी थी।

पुलिस ने 4 आरोपियों इमरान कुरैशी, असद कुरैशी, देव सागर और जावेद को दिल्ली के पहाड़गंज इलाके से गिरफ्तार किया। मुख्य आरोपी अभिषेक यादव को मध्य प्रदेश के इंदौर से गिरफ्तार किया।

पुलिस के मुताबिक से सभी चीनी कंपनी के लिए काम करते थे। यूपी के झांसी से कंपनी को ऑपरेट कर रहे थे। वहीं से डिजिटल अरेस्ट की घटनाओं के अंजाम दे रहे थे।

पुलिस ने बताया कि आरोपियों के पास से 11 स्मार्टफोन, 6 एटीएम, एक लैपटॉप और कई बैंक खातों की चेकबुक जब्त हुई हैं।

टेलीग्राम के जरिए चीनी कंपनी से संपर्क मे थे आरोपी

पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने पीड़ित बुजुर्ग को वीडियो कॉल किया। खुद को ED का अधिकारी बताया। पीड़ित को कहा कि उसका मनी लॉड्रिंग से जुड़े मामले में नाम है। अगर वो गिरफ्तारी से बचना चाहते हैं तो 15 लाख रुपए दें।इसके बाद पीड़ित से 15 लाख रुपए ठग लिए।

पुलिस ने बताया कि शिकायत के बाद मामले की जांच में सामने आया था कि सिंडिकेट झांसी से ऑपरेट हो रहा है। आरोपियों ने अनजान लोगों के नाम पर कई सारे बैंक अकाउंट खोल रखे थे। इन्हीं में ठगी की रकम ट्रांसफर कराते थे।

मुख्य आरोपी अभिषेक यादव टेलीग्राफ एप के जरिए चीनी कंपनी के संपर्क में था। इसी ने चीनी कंपनी को 100 से ज्यादा बैंक अकाउंट की डिटेल उसे उपलब्ध कराई थी।

जनवरी में भी दो लोगों को गिरफ्तार किया

ED के चेन्नई स्थित रीजनल ऑफिस ने जनवरी की शुरआत में डिजिटल अरेस्ट में शामिल दो लोगों को 33 लाख की ठगी में गिरफ्तार किया था। इन लोगों ने म्यूल अकाउंट्स का यूज करके लोगों को ठगी और कैश को क्रिप्टोकरेंसी में बदला था।

ईडी ने एक वरिष्ठ नागरिक द्वारा चेन्नई पुलिस को दी गई शिकायत के बाद कथित घोटाले की जाँच शुरू की थी, जिसमें उल्लेख किया गया था कि दोनों घोटालेबाजों ने व्यक्ति से 33 लाख रुपए की ठगी की है।

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