Canada New PM Mark Carney India: Justin Trudeau की जगह संभालेंगे Mark Carney India से Relations सुधारने का वादा

[ad_1]

Last Updated:

Canada India Relations: कनाडा में जस्टिन ट्रूडो की जगह मार्क कार्नी नए प्रधानमंत्री बनने वाले हैं. कार्नी ने भारत के साथ तनावपूर्ण रिश्तों को सुधारने का वादा किया है. ट्रूडो के कार्यकाल में भारत-कनाडा संबंध बिग…और पढ़ें

ट्रूडो का फैलाया रायता साफ करेंगे कनाडा के नए पीएम! भारत से ऐसे होंगे संबंध

कनाडा के नए प्रधानमंत्री मार्क कार्नी को चुना गया है. (reuters)

हाइलाइट्स

  • कनाडा में नए प्रधानमंत्री चुने गए हैं
  • मार्क कार्नी देश के नए पीएम होंगे
  • कार्नी ने भारत से अच्छे संबंधों की बात कही है

ओटावा: कनाडा में जस्टिन ट्रूडो अपनी कुर्सी से जल्द ही उतरने वाले हैं. ट्रूडो की सत्तारूढ़ पार्टी ने नए नेता और देश के अगले प्रधानमंत्री के रूप में मार्क कार्नी को चुना है. कार्नी पूर्व गवर्नर हैं. जस्टिन ट्रूडो ने जहां अपने कार्यकाल में भारत से संबंधों को तनावपूर्ण बनाया तो वहीं मार्क कार्नी ने भारत से संबंधों को सुधारने का वादा किया है. लिबरल पार्टी में नेतृत्व की दौड़ से पहले कार्नी ने एक इंटरव्यू में कहा कि अगर वह पीएम बने तो वह समान विचारधारा वाले देशों के साथ कनाडा के व्यापारिक संबंधों को विविधता देने के लिए काम करेंगे. कार्नी ने कहा, ‘कनाडा जो करना चाहेगा वह है समान विचारधारा वाले देशों के साथ हमारे व्यापारिक संबंधों को विविधता देना, और भारत के साथ संबंधों को फिर से बनाने के अवसर हैं.’

उन्होंने कहा, ‘उस व्यावसायिक संबंध के आसपास साझा मूल्यों की भावना होनी चाहिए और अगर मैं प्रधानमंत्री बना, तो मैं इसे बनाने के अवसर की प्रतीक्षा करूंगा.’ ट्रूडो के कार्यकाल के दौरान भारत-कनाडा संबंध काफी बिगड़ गए थे, जो ऐतिहासिक निम्न स्तर पर पहुंच गए थे. दोनों देशों के बीच तनाव तब बढ़ गया जब ट्रूडो ने खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में भारत का हाथ होने का आरोप लगाया, जिसे भारत ने सख्ती से खारिज कर दिया. इसके जवाब में, दोनों देशों ने एक-दूसरे के राजनयिकों को निष्कासित कर दिया, जिससे राजनयिक संबंध और खराब हो गए. व्यापार वार्ता भी रोक दी गई और कनाडाई नागरिकों के लिए वीजा सेवाएं अस्थायी रूप से निलंबित कर दी गईं.

अमेरिका पर क्या है रुख?
भारत ने कनाडा पर अपनी संप्रभुता को खतरे में डालने वाले चरमपंथी तत्वों को शरण देने का आरोप लगाया, जबकि कनाडा ने विदेशी हस्तक्षेप पर चिंता व्यक्त की. अब ट्रूडो के उत्तराधिकारी मार्क कार्नी के सामने भारत के साथ टूटे हुए संबंधों को सुधारने की चुनौती है. 59 साल के कार्नी राजनीति में एक बाहरी व्यक्ति हैं, जिन्होंने बैंक ऑफ कनाडा और बैंक ऑफ इंग्लैंड के गवर्नर के रूप में सेवा की है. उन्होंने कनाडा की लिबरल पार्टी के नेतृत्व की दौड़ में 86 प्रतिशत वोटों के साथ पूर्व वित्त मंत्री क्रिस्टिया फ्रीलैंड को हराया.

कार्नी एक ऐसे समय में नेतृत्व संभालेंगे, जब कनाडा का उसके सबसे बड़े सहयोगी अमेरिका के साथ व्यापार युद्ध लड़ रहा है और आगामी आम चुनाव की तैयारी भी हो रही है. मार्क कार्नी, राष्ट्रपति ट्रंप की आलोचना में मुखर रहे हैं. उन्होंने अपनी जीत के भाषण में अमेरिका के खिलाफ अपने दृढ़ रुख को दोहराया. उन्होंने घोषणा की कि वह कभी भी ओटावा को ‘किसी भी तरह से अमेरिका का हिस्सा’ नहीं बनने देंगे. उन्होंने कहा, ‘अमेरिका कनाडा नहीं है. कनाडा कभी भी किसी भी तरह से अमेरिका का हिस्सा नहीं बनेगा’.

ट्रूडो ने दिया इस्तीफा
ट्रंप के टैरिफ खतरों को लेकर कार्नी ने कहा कि कनाडा का प्रतिशोधी उपाय तब तक प्रभावी रहेंगे जब तक कि अमेरिका मुक्त और निष्पक्ष व्यापार के लिए एक विश्वसनीय प्रतिबद्धता नहीं करता. ट्रंप के सभी कनाडाई सामानों पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगाने के फैसले के बाद, ऑटोमोबाइल और ऊर्जा क्षेत्रों को छोड़कर, कनाडा ने एक प्रतिशोधी रुख बनाए रखा है. कार्नी ने ट्रंप के बारे में कहा, ‘कोई है जो हमारी अर्थव्यवस्था को कमजोर करने की कोशिश कर रहा है.’

कनाडा में नए प्रधानमंत्री से जुड़ा डेवलपमेंट तब हुआ जब ट्रूडो ने जनवरी में घोषणा की कि वह नौ साल से अधिक समय तक सत्ता में रहने के बाद पद छोड़ देंगे, क्योंकि उनकी अप्रूवल रेटिंग गिर गई थी, जिससे सत्तारूढ़ लिबरल पार्टी को उन्हें बदलने के लिए एक नए चेहरे की तलाश करनी पड़ी.

homeworld

ट्रूडो का फैलाया रायता साफ करेंगे कनाडा के नए पीएम! भारत से ऐसे होंगे संबंध

[ad_2]

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *