पूरी सूची
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सुप्रीम कोर्ट में लंबित आरक्षण के मसले को किनारे करते हुए बिहार की नीतीश कुमार सरकार ने औपबंधिक रूप से जो प्रोन्नति का प्रावधान लागू किया था, उसकी मियाद पूरी होने से पहले प्रोमोशन का सिलसिला जारी है। सभी प्रोमोशन ‘अस्थायी स्थानापन्न कार्यकारी प्रभार’ के रूप में दिए जा रहे हैं। मतलब, अगर कोर्ट इसपर आपत्ति करता है तो इसे वापस लिया जाएगा, लेकिन उस अवधि में बढ़े वेतनमान के हिसाब से मिली राशि नहीं लौटानी होगी। बिहार पुलिस मुख्यालय ने भी एक नई सूची इसी क्रम में जारी की। यह सूची 11 दिसंबर की तारीख से अपलोड की गई है। इसमें 905 अवर पुलिस निरीक्षकों, यानी दारोगा को पुलिस निरीक्षक (इंस्पेक्टर) के रूप में कार्यकारी प्रभार दिया गया है। पूरी सूची देखने के लिए यहां क्लिक कीजिये।
