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21 मिनट पहले
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अमृतपाल सिंह के समर्थन में खालिस्तानियों ने लंदन के उच्चायोग के सामने प्रदर्शन किया था।
नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) ने 2023 में लंदन में भारतीय उच्चायोग पर हुए हिंसक हमले के आरोपी इंद्रपाल सिंह गाबा को गिरफ्तार किया है। हाउंसलो में रहने वाले इंद्रपाल सिंह गाबा पर भारत उच्चायोग के सामने हुए विरोध-प्रदर्शनों के दौरान हंगामा करने का आरोप है।
NIA ने बयान जारी कर बताया है कि अब तक की जांच से पता चला है कि पिछले साल 19 और 22 मार्च को लंदन में हुई घटनाएं भारतीय मिशन्स और उसके अधिकारियों पर हमले करने की एक बड़ी साजिश का हिस्सा थीं।
दरअसल 22 मार्च 2023 में वारिस पंजाब दे के प्रमुख अमृतपाल सिंह और उसके साथियों पर पुलिस की कार्रवाई के विरोध में खालिस्तान समर्थकों ने लंदन में इंडियन हाई कमीशन का तिरंगा उतार दिया था। हालांकि इंडियन डिप्लोमैट्स ने कुछ ही देर बाद पहले से ज्यादा बड़ा तिरंगा हाई कमीशन पर लगा दिया था।

भारतीय दूतावास के बाहर फहराया गया तिरंगा।
भारत सरकार ने इंटेलिजेंस रिपोर्ट दी थी
लंदन में भारत उच्चायोग पर हुई घटना से पहले भारत ने ब्रिटिश सरकार को खालिस्तानी समर्थकों के प्रदर्शन की इंटेलिजेंस रिपोर्ट के जरिए जानकारी भी दी थी। लेकिन इसके बाद भी लंदन पुलिस मौके पर देरी से पहुंची थी। घटना के बाद भारत ने ब्रिटेन की डिप्टी कमिश्नर क्रिस्टीना स्कॉट को तलब किया था। उनसे पूछा गया कि भारतीय हाई कमीशन पर सिक्योरिटी क्यों नहीं थी।
भारत ने ब्रिटिश सरकार से तिरंगे का अपमान करने वाले लोगों को गिरफ्तार कर सजा देने की मांग की थी। ये भी कहा था कि ब्रिटेन सरकार भारतीय हाई कमीशन को पर्याप्त सुरक्षा मुहैया कराए।
तिरंगा उतारने वाला आरोपी पहले ही गिरफ्तार
इससे पहले लंदन स्थित भारतीय हाई कमीशन के बाहर तिरंगे का अपमान करने वाले खालिस्तानी समर्थक अवतार सिंह खंडा को ब्रिटेन में गिरफ्तार कर लिया गया था। खंडा प्रतिबंधित ग्रुप बब्बर खालसा इंटरनेशनल (BKI) का सदस्य है। वहीं पंजाब में चल रही जांच में भी सामने आ रहा है कि खंडा ही अमृतपाल का हैंडलर है।

लंदन में पकड़ा गया अवतार सिंह खंडा खालिस्तान लिबरेशन फोर्स से जुड़े रहे कुलवंत सिंह खुखराना का बेटा है।
दरअसल, विश्व भर में खालिस्तानी समर्थक अमृतपाल सिंह के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान का विरोध कर रहे हैं, लेकिन 22 मार्च 2023 की शाम UK में भारतीय दूतावास के बाहर कुछ खालिस्तानी समर्थक इकट्ठे हुए। इन्होंने पहले भारतीयों के खिलाफ अपशब्दों का प्रयोग किया और फिर दूतावास पर फहराए गए तिरंगे को खालिस्तान समर्थकों ने उतार खींचने की कोशिश की।
भारतीय राजनयिकों ने इसका विरोध किया और झंडे को वापस लिया। लेकिन प्रदर्शनकारी दूतावास की बिल्डिंग के बाहर खालिस्तानी तिरंगा फहराते रहे।
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