‘हमें लेक्चर दे रहे…’ बीबीसी के पत्रकार पर भड़क गए इस देश के राष्ट्रपति, पश्चिम का खोल दिया धागा

[ad_1]

पत्रकार कई बार ऐसे-ऐसे सवाल करते हैं, जिससे सामने वाले के लिए जवाब देना मुश्किल हो जाता है. हालांकि कई बार इंटरव्यू दे रहा शख्स ऐसा जवाब देता है कि पत्रकार ही मुश्किल स्थिति में उलझ जाता है. ऐसा ही कुछ मामला गुयाना में सामने आया, जहां राष्ट्रपति इरफान अली ने बीबीसी के पत्रकार को इतनी खरी-खोटी सुनाई कि उनका यह वीडियो खूब वायरल हो गया.

दरअसल बीबीसी के पत्रकार ने गुयाना के तेल एवं गैस निकालने की योजना का हवाला देते हुए राष्ट्रपति इरफान अली से देश के कार्बन उत्सर्जन के बारे में सवाल किया था. इस गुयाना के राष्ट्रपति ने ऐसा जवाब दिया, जिसकी कई विकासशील देशों के लोग खूब तारीफ कर रहे हैं. सोशल मीडिया पर वायरल इस तीखी नोकझोंक के वीडियो में बीबीसी संवाददाता ने रिपोर्टों का हवाला देते हुए कहा कि गुयाना के तट से तेल और गैस निकालने से दो अरब टन से अधिक कार्बन उत्सर्जन होगा. इस पर राष्ट्रपति अली उन्हें रोकते हुए सवाल करते हैं कि क्या उन्हें ‘जलवायु परिवर्तन पर दूसरों लेक्चर देने का अधिकार’ है और क्या वह ‘उन लोगों की जेब में थे, जो औद्योगिक क्रांति के जरिये पर्यावरण को नष्ट कर रहे थे और अब हमें लेक्चर दे रहे हैं.’

इस पर बीबीसी पत्रकार ने सवाल किया कि क्या इरफान अली ने दुबई में COP28 जलवायु शिखर सम्मेलन में भाग लिया था. इस पर गुयाना के राष्ट्रपति ने हस्तक्षेप करते हुए कहा, ‘मैं आपको यहीं रोक देता हूं. क्या आप जानते हैं कि गुयाना में एक वन क्षेत्र है, जो इंग्लैंड और स्कॉटलैंड जितना बड़ा है? एक जंगल जो 19.5 गीगाटन कार्बन संग्रहीत करता है. वन जिसने हमने जीवित रखा है.’

यह भी पढ़ें- कौन है वह शख्स, जिसने अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी पर अमेरिका और UN में उठाए सवाल?

पत्रकार ने फिर सवाल किया कि क्या इससे गुयाना को ‘यह सारा कार्बन उत्सर्जन का अधिकार मिल जाता है’. इरफ़ान अली ने रिपोर्टर का सवाल पूरा होने से पहले ही जवाब दिया, ‘क्या इससे आपको हमें जलवायु परिवर्तन पर लेक्चर देने का अधिकार मिल जाता है? मैं आपको जलवायु परिवर्तन पर लेक्चर देने जा रहा हूं, क्योंकि हमने इस जंगल को जीवित रखा है जो 19.5 गीगाटन कार्बन संग्रहीत करता है, जिसका आप आनंद लेते हैं, जिसका आनंद दुनिया लेती है.’

यह भी पढ़ें- ‘मुख्तार अंसारी खुद ही गिनाने लगा अपने जुर्म…’ पुलिस अफसर भी रह गए थे हैरान, 30 साल की उम्र में ही दिखा दिए थे तेवर

राष्ट्रपति अली ने बताया कि गुयाना में वनों की कटाई की दर दुनिया में सबसे कम है और कहा, ‘अभी हमारे पास मौजूद तेल और गैस संसाधनों की सबसे बड़ी खोज के बाद भी, हम अभी भी शुद्ध-शून्य (उत्सर्जन में) रहेंगे.’ गुयाना के राष्ट्रपति ने कहा कि उनके देश को उन जंगलों के लिए भुगतान नहीं किया जाता है जिन्हें देश के लोगों ने जीवित रखा है. उन्होंने कहा कि कि जब विकासशील देशों द्वारा अपने तेल और गैस भंडार की खोज की बात आती है तो “दुनिया का एक पाखंड सामने आ जाता है’.

गुयाना के राष्ट्रपति इरफान अली और बीबीसी पत्रकार का यह वीडियो सोशल मीडिय पर खूब वायरल हो रहा है और कई लोग विकासशील देशों के खिलाफ ‘पाखंड’ का सामने रखने के लिए उनकी तारीफ कर रहे हैं.

Tags: Environment, Viral video



[ad_2]

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *