Pakistan New PM | शहबाज शरीफ के हाथ में एक बार फिर पाकिस्तान की कमान, दोबारा चुने गए PM, पीटीआई के उम्मीदवार की हुई हार

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नवभारत डिजिटल टीम: पाकिस्तान मुस्लिम लीग (नवाज़) के दिग्गज नेता शहबाज शरीफ एक बार फिर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री चुन लिया गया हैं। पाकिस्तान में रविवार (3 मार्च 2024) को हुई वोटिंग के बाद वे देश के 24वें प्रधानमंत्री बन गए है। पाकिस्तान के संसद में हुई वोटिंग में शहबाज शरीफ को कुल 201 वोट मिले, जबकि उनके प्रतिद्वंद्वी उमर अयूब खान को सिर्फ 92 वोट ही मिल सके। इससे पहले शहबाज शरीफ ने शनिवार (2 मार्च) को प्रधानमंत्री पद के लिए अपना नामांकन दाखिल किया था। ऐसे में वोटिंग से पहले ही उनका पी बनाना लगभग ते अन्य जा रहा था। शरीफ के खिलाफ इमरान खान की पार्टी पीटीआई के नेता उमर अयूब खान ने नामांकन दाखिल किया था। 

किसे कितने वोट?

मिली जानकारी के अनुसार, पाकिस्तानी संसद में रविवार को प्रधानमंत्री के चुनाव के लिए वोटिंग शुरू हुई। इस दौरान शहबाज शरीफ ने अपने प्रतिद्वंद्वी पर 100 वोटों से ज्यादा की बढ़त हासिल कर देश की कमान एक बार फिर अपने हाथ में ले ली। पीएमएल-एन और पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) के संयुक्त उम्मीदवार शहबाज (72) को 336 सदस्यीय सदन में 201 वोट मिले। जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के उनके प्रतिद्वंद्वी उमर अयूब खान को 92 वोट मिले।

सोमवार को राष्ट्रपति निवास लेंगे शपथ 

इस दौरान पीटीआई समर्थित सांसदों ने नारेबाजी की। शहबाज को सोमवार को राष्ट्रपति निवास ऐवान-ए-सद्र में पद की शपथ दिलाई जाएगी। आम चुनाव कराने के लिए संसद भंग किए जाने से पहले शहबाज ने अप्रैल 2022 से अगस्त 2023 तक प्रधानमंत्री के रूप में गठबंधन सरकार का नेतृत्व किया था।

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पीटीआई ने क्या कहा था 

मतदान से पहले पीटीआई ने कहा कि अच्छा होता अगर पीएमएल-एन प्रमुख नवाज शरीफ हार स्वीकार करते।  पार्टी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘…लेकिन उन्होंने शर्म से जीना चुना। इस हारे हुए गठबंधन (कोलिशन ऑफ लूजर्स) खासतौर से नवाज शरीफ और मरयम के लिए हर दिन गुजरे दिन से बदतर होगा।”

आठ फरवरी को हुए थे चुनाव

आम चुनाव कराने के लिए संसद भंग किए जाने से पहले शहबाज ने अप्रैल 2022 से अगस्त 2023 तक प्रधानमंत्री के रूप में गठबंधन सरकार का नेतृत्व किया था। आठ फरवरी को हुए चुनाव में शरीफ की अगुवाई में पार्टी स्पष्ट बहुमत पाने में नाकाम रही। हालांकि, तकनीकी रूप से वह 265 में से 75 सीट के साथ सबसे बड़ी पार्टी है। पीपीपी के अलावा शहबाज के पास मुत्ताहिदा कौमी मूवमेंट (एमक्यूएम-पी), पाकिस्तान मुस्लिम लीग (क्यू), बलूचिस्तान आवामी पार्टी, पाकिस्तान मुस्लिम लीग (जेड), इस्तेकाम-ए-पाकिस्तान पार्टी तथा नेशनल पार्टी का समर्थन है। 



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