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नई दिल्ली: ईरान ने एक बार फिर पाकिस्तान में घुस कर आतंकी संगठन जैश अल-अदल के वरिष्ठ कमांडर इस्माइल शाह बख्श और उसके कुछ साथियों को मौत की आगोश में भेज दिया। ईरान के इस कार्रवाई का अंदाजा पाकिस्तान को भी नहीं था। अगर पाकिस्तान को इसकी भनक होती तो उनकी सेना जरुर इसे रोकने का प्रयास करती लेकिन उनकी नाक के नीचे ईरानी सेना ने सर्जिकल स्ट्राइक कर फुर्र हो गए। अब सवाल उठता है कि ईरानी सेना ने जिस आतंकी संगठन जैश अल-अदल के वरिष्ठ कमांडर इस्माइल शाहबख्श को मारने के लिए इतना बड़ा कदम उठाया है आखिर वो आतंकी संगठन जैश अल-अदल क्या करता है, जिससे खत्म करने के लिए ये फैसला लिया।
कौन है जैश अल-अदल
जैश अल-अदल का मतलब न्याय की सेना होता है। जैश अल-अदल को 2012 में इसे बनाया गया था। इस आतंकी संगठन जैश अल-अदल ने 2013 में एक हमले को अंजाम दिया था और उसके बाद उसकी जिम्मेदारी ली। जैश अल-अदल के उस आतंकी हमले में 14 ईरानी गार्ड मारे गए थे। उसके बाद से ये संगठन दुनिया की नजरों में आया। रिपोर्ट के मुताबिक, जैश अल-अदल पाकिस्तानी बॉर्डर से सटे दक्षिण-पूर्वी ईरान में एक्टिव रहता है। जैश अल-अदल के कई ठिकाने पाकिस्तान में है, जहां हमला करने के बाद इस ग्रुप के आतंकी जाकर छिप जाते हैं। यही कारण है कि ईरान पाकिस्तान से चिढ़ता है।
पाकिस्तान भी कर चुका है हमला
पाकिस्तान और ईरान के बीच पिछले काफी समय से खटपट चल रही है। इसी बीच दोनों एक दूसरे पर हमला करने से नहीं चूक रहे हैं। बता दें कि कुछ दिनों पहले ही पाकिस्तान की एयर फोर्स ने बलूचिस्तान लिबरेशन फ्रंट और बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी की चौकियों पर हमला किया था। पाकिस्तान का यह हमला उसका जवाब था जब ईरान ने जैश अल-अदल समूह के मुख्यालय पर मिसाइल और ड्रोन से अटैक किया था।
जिसके बाद पाकिस्तान के विदेश कार्यालय ने बयान में कहा था, यह कार्रवाई सभी खतरों के खिलाफ अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति पाकिस्तान के दृढ़ संकल्प को प्रदर्शित करती है। साथ ही उसने कहा था कि पाकिस्तान अपने लोगों की सुरक्षा को बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाना जारी रखेगा।
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