Supreme Court To Hear Petition Seeking Sandeshkhali Violence Probe today | संदेशखाली केस में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई आज: SIT जांच पश्चिम बंगाल से बाहर करवाने की मांग; TMC नेताओं पर यौन उत्पीड़न का आरोप

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कोलकाता27 मिनट पहले

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संदेशखाली में महिलाओं के यौन शोषण के विरोध में महिलाओं ने विरोध प्रदर्शन किया। (फाइल फोटो)

सुप्रीम कोर्ट पश्चिम बंगाल के संदेशखाली गांव में रहने वाली महिलाओं के यौन उत्पीड़न के मामले में सुप्रीम कोर्ट 19 फरवरी यानी आज सुनवाई करेगा। इस मामले की सुनवाई जस्टिस बीवी नागरत्ना और ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की बेंच करेगी।

कोर्ट 16 फरवरी को संदेशखाली यौन हिंसा मामले पर सुनवाई करने के लिए राजी हुआ था। याचिका में संदेशखाली यौन हिंसा की जांच CBI से करवाने की मांग की गई है। साथ ही SIT जांच पश्चिम बंगाल से बाहर करवाने की भी मांग की गई है। इस पर तत्काल सुनवाई की अपील की गई थी, लेकिन कोर्ट ने तत्काल सुनवाई से इंकार कर दिया था।

संदेशखाली में महिलाओं ने TMC नेता शाहजहां शेख पर यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए थे। महिलाओं का कहना है कि, शाहजहां शेख जिसे चाहे उसे अपनी हवस का शिकार बनाता था। हालांकि, टीएमसी नेता राशन घोटाला मामले में ईडी के रेड के बाद से फरार है।

जमीन हड़पने और महिलाओं के यौन उत्पीड़न मामले में कुल तीन मुख्य आरोपी हैं। इसमें से दो आरोपी अरेस्ट किए जा चुके हैं। पकड़े गए आरोपी की पहचान TMC नेता शिबाप्रसाद हाजरा और उत्तम सरदार के रूप में हुई है। मामले में अब तक कुल 18 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

गर्वनर आनंद बोस बोले- राजभवन के दरवाजे हमेशा खुले
पश्चिम बंगाल के गर्वनर सीवी आनंद बोस ने शनिवार को कहा कि संकटग्रस्त संदेशखाली की उन महिलाओं के लिए राजभवन के दरवाजे खुले हैं जो अपने घरों में असुरक्षित महसूस करती हैं।

न्यूज एजेंसी PTI से बात करते हुए, बोस ने कहा- वह संदेशखाली की महिलाओं के राखी भाई हैं। उनकी रक्षा के लिए कुछ भी कर सकते हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि उत्तर 24 परगना जिले के संदेशखाली की “प्रताड़ित” महिलाएं राजभवन में शरण ले सकती हैं, जहां उन्हें हर संभव मदद दी जाएगी।

राज्यपाल ने कहा कि जिन महिलाओं को खतरा लग रहा है। वो 033-22001641 डायल करके राजभवन में शिकायत दर्ज करा सकती हैं। आरोपियों के खिलाफ तुरंत एक्शन लिया जाएगा।

रामपुर में कांग्रेस डेलिगेशन की सुरक्षाबलों से झड़प हुई।

रामपुर में कांग्रेस डेलिगेशन की सुरक्षाबलों से झड़प हुई।

संदेशखाली यौन उत्पीड़न मामले को लेकर 16 फरवरी को भी काफी बवाल हुआ था। भाजपा डेलिगेशन ने संदेशखाली जाने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक दिया। उनके वापस लौटने के बाद कांग्रेस सांसद अधीर रंजन चौधरी वहां पहुंचे।

हालांकि, पुलिस ने उन्हें भी संदेशखाली ​​​जाने से रोका। इस पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच झड़प हुई। इसके बाद अधीर रंजन रामपुर में धरने पर बैठ गए। उन्होंने कहा- हम जानना चाहते हैं कि संदेशखाली की असली घटना क्या है? वास्तव में वहां क्या हुआ कि लोगों को वहां जाने से रोका जा रहा है?

कांग्रेस सांसद ने कहा- संदेशखाली मामले को हिंदू-मुस्लिम सांप्रदायिक घटना के रूप में दिखाने की कोशिश हो रही है। ममता बहुत चतुराई से इसे बढ़ावा देने की कोशिश कर रही हैं। विधानसभा में कल उनके भाषण में ये स्पष्ट है। ममता बनर्जी को जवाब देना होगा। शाहजहां और उनके समर्थक सभी TMC के प्रोडक्ट हैं।

संदेशखाली जाने से रोकने पर BJP टीम वापस लौटी
अधीर से पहले भाजपा की 6 सदस्यीय टीम को भी संदेशखाली जाने से रोका गया था। टीम ​​​​​​की संयोजक और केंद्रीय मंत्री ​अन्नपूर्णा देवी ने कहा- हम पीड़ित बहनों को न्याय दिलाना चाहते हैं। जितनी मुस्तैदी से हमें रोका गया, अगर उसी मुस्तैदी से आरोपियों को पकड़ा जाता तो ये दिन नहीं देखना पड़ता। शेख के गुंडे महिलाओं को प्रताड़ित कर रहे थे। वे न्याय की गुहार लगा रही थीं।

भाजपा सांसद सुनीता दुग्गल ने कहा कि बंगाल में गुंडा राज की सरकार है। हमने संदेशखाली की पीड़ित महिलाओं से वीडियो कॉल पर बात की। जो महिलाएं हमसे बात कर रही थीं, उन पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया है। हम बंगाल के गवर्नर से मिलेंगे और उन्हें पूरी जानकारी देंगे।

संदेशखाली से लौटने के बाद भाजपा डेलिगेशन कोलकाता में बंगाल के राज्यपाल डॉ सीवी आनंद बोस से मिलने पहुंचा।

संदेशखाली से लौटने के बाद भाजपा डेलिगेशन कोलकाता में बंगाल के राज्यपाल डॉ सीवी आनंद बोस से मिलने पहुंचा।

TMC नेता पर महिलाओं से यौन उत्पीड़न का आरोप
संदेशखाली में महिलाओं ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) नेता शेख शाहजहां और उसके साथियों पर यौन उत्पीड़न, हिंसा और जमीन हड़पने के आरोप लगाए हैं। एक महीने पहले ED ने राशन घोटाले में शाहजहां के ठिकानों पर छापा मारा था। इस दौरान ED टीम पर हमला हुआ था। तब से शाहजहां ​​​​​फरार है। उसके खिलाफ लुकआउट नोटिस भी जारी किया जा चुका है।

शाहजहां ​​​​​की गिरफ्तारी की मांग को लेकर संदेशखाली में पिछले एक हफ्ते से विरोध-प्रदर्शन हो रहे हैं। 14 फरवरी को भाजपा के नेता और कार्यकर्ता पीड़ितों से मिलने गए थे। इस दौरान पुलिस से उनकी झड़प हुई। इसके बाद संदेशखाली समेत 7 ग्राम पंचायतों के 500 मीटर के दायरे में 19 फरवरी तक धारा 144 लागू है।

राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग ने राष्ट्रपति को रिपोर्ट सौंपी

NCSC की मेंबर अंजू बाला ने ममता पर TMC नेताओं को बचाने का आरोप लगाया है।

NCSC की मेंबर अंजू बाला ने ममता पर TMC नेताओं को बचाने का आरोप लगाया है।

दूसरी तरफ राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग (NCSC) ने 16 फरवरी को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को संदेशखाली मामले पर रिपोर्ट सौंपीं। NCSC के अध्यक्ष अरुण हलदर और मेंबर अंजू बाला ने गुरुवार को पीड़ित महिलाओं से मुलाकात की थी।

अंजू बाला ने कहा था- ममता बनर्जी खुद एक महिला CM हैं, लेकिन वे कुछ भी बताना नहीं चाहती हैं। वे अपने नेताओं को बचाने की कोशिश कर रही हैं। उनका नाम ममता है, लेकिन उनके दिल में ममता नाम की चीज नहीं है।

सुप्रीम कोर्ट संदेशखाली मामले पर सुनवाई को तैयार
दूसरी तरफ, सुप्रीम कोर्ट संदेशखाली मामले पर सुनवाई के लिए तैयार हो गया है। कोर्ट ने 16 फरवरी को मामले की लिस्टिंग की। हालांकि, सुनवाई की तारीख अभी नहीं बताई गई है। वकील अलख आलोक श्रीवास्तव ने एक दिन पहले संदेशखाली मामले पर जनहित याचिका दायर की थी।

उन्होंने मामले की जांच पश्चिम बंगाल से बाहर कराने और सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में सेंट्रल इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (CBI) या स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) से जांच की मांग की है। अलख ने मणिपुर हिंसा की तर्ज पर तीन जस्टिस की समिति से यौन उत्पीड़न और हिंसा मामले की जांच की अपील की है।

ममता बोलीं- संदेशखाली RSS का गढ़, यहां पहले भी दंगे हुए

ममता बनर्जी ने विधानसभा में कहा कि संदेशखाली RSS का गढ़ है। वहां 7-8 साल पहले भी दंगे हुए थे।

ममता बनर्जी ने विधानसभा में कहा कि संदेशखाली RSS का गढ़ है। वहां 7-8 साल पहले भी दंगे हुए थे।

संदेशखाली मामले में CM ममता बनर्जी ने 15 फरवरी को विधानसभा में अपनी बात रखी थी। ममता ने कहा था कि संदेशखाली RSS का गढ़ है। वहां तनाव पैदा करने की भयानक साजिश चल रही है। 7-8 साल पहले भी वहां दंगे हुए थे।

ममता ने कहा- संदेशखाली संवेदनशील स्थलों में से एक है। मैंने कभी किसी के साथ अन्याय नहीं होने दिया है और न ही होने दूंगी। गलत काम में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।

ममता ने कहा- अब तक 17 लोग गिरफ्तार किए गए हैं। राज्य महिला आयोग और पुलिस टीम को संदेशखाली भेजा गया है। महिला पुलिस की एक टीम घर-घर जाकर महिलाओं की शिकायतें सुन रही है। स्थिति को काबू किया जा रहा है।

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स्मृति ईरानी बोलीं- कम उम्र की हिंदू लड़कियों को रात में उठा ले जा रहे TMC के गुंडे​​​

पश्चिम बंगाल के साउथ 24 परगना जिले के संदेशखाली में महिलाओं ने TMC नेता शेख शाहजहां और उनके समर्थकों पर यौन उत्पीड़न और जमीन हड़पने का आरोप लगाया है। इस मामले में केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा- ममता बनर्जी TMC के गुंडों को संरक्षण दे रही हैं। TMC के लोग कम उम्र की हिंदू लड़कियों को रात में उठा रहे हैं। पूरी खबर पढ़ें…

पश्चिम बंगाल हिंसा पर हाईकोर्ट ने कहा- संदेशखाली में जो हुआ वह विचलित करने वाला

पश्चिम बंगाल के साउथ 24 परगना जिले में धारा 144 लगाने के खिलाफ कलकत्ता हाईकोर्ट ने 13 फरवरी को खुद से एक्शन लिया है। जस्टिस अपूर्बा सिन्हा रॉय ने कहा- संदेशखाली में जो भी हो रहा वह विचलित करने वाला है। मीडिया में दिखाया गया कि महिला के साथ गन पॉइंट पर यौन उत्पीड़न हुआ। यह दुखद है। कोर्ट ने 20 फरवरी तक सरकार से जवाब मांगा है। पूरी खबर पढ़ें…

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