[ad_1]
![]()
नवभारत डिजिटल डेस्क: पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान (Imran Khan) की बुशरा बीबी (Bushra Bibi) से शादी को सरकार ने अवैध माना है। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो ‘गैर-इस्लामिक निकाह’ के मामले में इमरान और बुशरा को 7-7 साल की सजा सुनाई गई है। इस मामले की सुनवाई जेल के अंदर ही की गई।
दरअसल, बुशरा बीबी पर आरोप था कि उन्होंने अपने पहले पति फरीद मानेका को तलाक देने और इमरान खान से शादी करने के बीच जरूरी वेटिंग पीरियड, जिसे इद्दत कहते हैं, उसे उन्होंने पूरा नहीं किया। इस्लाम में शरीयत के अनुसार, किसी मुस्लिम महिला के शौहर की मौत के बाद कुछ वक्त के लिए दूसरी शादी करने पर पाबंदी होती है। इद्दत के समय यानी एक तय समय तक महिला दूसरी शादी नहीं कर सकती। इस तय किए गए वक्त को ही इद्दत कहा जाता है। ये वक्त 4 महीने 10 दिन का होता है। इस दौरान महिला पर गैर मर्दों से पर्दा भी जरूरी होता है।
यह भी पढ़ें
पाकिस्तानी न्यूज वेबसाइट जियो न्यूज के अनुसार, कोर्ट ने आज अदियाला जेल में बंद पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के संस्थापक और पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान एक दिन पहले जेल परिसर के अंदर लगभग 14 घंटे तक चली सुनवाई के बाद कोर्ट ने उन्हें और पत्नी बुशरा बीबी को सात-सात साल की सजा सुनाई है। साथ ही दोनों पर पांच-पांच लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
पाकिस्तानी न्यूज चैनल जियो से बात करते हुए खावर फरीद ने कहा था कि साल 1989 में मेरी शादी हुई। उस समय मेरी और बुशरा की जिंदगी काफी अच्छी बीत रही थी। लोग हमारा मिसाल दिया करते थे। सालों बाद जब इस्लामाबाद में राजनीतिक प्रदर्शन शुरू हुए, तो इमरान खान की पीरी मुरीदी (किसी का अनुयायी बनना) की आड़ में पहली बार बुशरा बीबी से मुलाकात हुई थी।
[ad_2]
Source link
