[ad_1]
नई दिल्ली. हिंदी सिनेमा का वो अभिनेता जो अपने आप में सिनेमा का महाविद्यालय कहलाए. करियर में तीन कल्ट क्लासिक फिल्में की जिन्हें लोग आज भी नहीं भूल पाए हैं. परफेक्शन ऐसा कि एक छोटे से सीन के लिए भी उन्होंने 104 रीटेक दिए थे. क्योंकि वह अपनी फिल्मों में हर चीज परफेक्ट देखना चाहते थे. एक दिन तो उन्होंने शाम 5 बजे शुरू की और रात 12 बजे तक एक ही सीन की प्रैक्टिस करते रहे थे.
फिल्मी दुनिया की वो जानी मानी हस्ती टैलेंटे का महाविद्यालय कहे जाने वाले अभिनेता कोई और नहीं बल्कि गुरु दत्त थे. उनकी आइकॉनिक फिल्मों से जुड़ी कई ऐसी कहानियां हैं जिन्हें सुनकर लोगों के लिए यकीन करना मुश्किल हो जाता है. अपने करियर में उन्होंने ‘साहिब बीवी और गुलाम’, ‘प्यासा’ और ‘कागज के फूल’ जैसी कई ऐसी दमदार फिल्में की थी जिन्हें टेक्स्ट बुक का दर्जा मिला है. वह एक्टर होने के साथ-साथ बतौर डायरेक्टर भी अपने काम को लेकर काफी मशहूर थे.
भंसाली की नई फिल्म का हुआ ऐलान, आलिया भट्ट, रणबीर कपूर संग नजर आएगा ये बड़ा स्टार, जमकर धमाल मचाएगी तिकड़ी
बतौर कोरियोग्राफर की थी शुरुआत
एक्टिंग और डायरेक्शन में खूब वाहवाही लूट चुके गुरुदत्त ने एक्टिंग में हाथ आजमाने से पहले बतौर कोरियोग्राफर काम कर रहे थे. साल 1946 में प्रभात स्टूडियो की एक फिल्म आई थी जिसका नाम था ‘हम एक हैं’. इस फिल्म में गुरुदत्त ने बतौर कोरियोग्राफर अपनी फिल्मी पारी शुरू की थी. इसके बाद अभिनेता को फिल्म में एक्टिंग करने का सुनहरा मौका भी मिला. साल 1951 में उन्होंने देवानंद की फिल्म ‘बाजी’ में भी काम किया. इस फिल्म के बाद उनके एक्टिंग की गाड़ी निकल पड़ी थी.
गुरुदत्त अपने आप में एक्टिंग का महाविद्यालय थे.
जब परफेक्शन के लिए दिए थे 104 रीटेक
गुरुदत्त अपने परफेक्शन के लिए खासतौर पर जाने जाते थे. अपनी फिल्म ‘प्यासा’ के लिए उन्होंने एक के लिए ही 104 रीटेक दिए थे. फिल्म ‘प्यासा’ के सिनेमैटोग्रफर वीके मूर्ती ने अपने एक इंटरव्यू में खुद इस बात का खुलासा किया था कि जूनियर आर्टिस्ट के साथ कुछ सीन्स शूट किए जाने थे. लेकिन वो सीन ठीक ढंग से शूट नहीं हो पा रहे थे. इस एक सीन के लिए उन्होंने शाम के पांच बजे से रात 12 बड़े तक शूटिंग की थी. खुद इस छोटे से सीन के लिए उन्होंने 104 रीटेक्स दिए थे. इसके बाद अगले दिन फिर से इसी सीन से शूट शुरू हुआ और गुरु दत्त ने पहले ही टेक में वो सीन ओके कर दिया. बाद में उनकी ये फिल्म कल्ट क्लासिक साबित हुई.
बता दें कि गुरुदत्त ने अपनी एक्टिंग में लोहा मनवाने के बाद साल 1951 में बतौर डायरेक्टर अपने करियर की शुरुआत की थी. इस फिल्म में देवानंद और गीता दत्त लीड रोल में नजर आई थीं. उनके डायरेक्शन में बनी ये पहली ही फिल्म जबरदस्त हिट साबित हुई थी. इसके बाद गुरु दत्त ने ‘सीआईडी’ में वहीदा रहमान को पहली बार कास्ट किया. फिर क्या था उन्होंने क्लासिकल सिनेमा की झड़ी लगा दी थी.
.
Tags: Bollywood actors, Waheeda rehman
FIRST PUBLISHED : January 24, 2024, 21:27 IST
[ad_2]
Source link