Jdu Chief Nitish Kumar Wants Good Relations With Gandhi Family – Amar Ujala Hindi News Live

JDU chief Nitish Kumar wants good relations with Gandhi family

Nitish With Rahul and Kharge
– फोटो : ANI (File Photo)

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बीते शनिवार को हुई विपक्षी गठबंधन इंडिया की वर्चुअल बैठक में बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने अपने प्रस्ताव से सभी को चौंका दिया। इस बैठक में उन्होंने खुद संयोजक बनने के बदले इसके लिए राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव का नाम सुझाया। इससे पहले उन्होंने गठबंधन के अध्यक्ष के लिए राहुल गांधी के नाम का प्रस्ताव रखा। वह भी तब जब गठबंधन के दूसरे दलों में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को इस पद पर बैठाने के मामले में पहले सहमति बन चुकी है।

जदयू सूत्रों के मुताबिक नीतीश ने पहले  ही खुद संयोजक नहीं बनने के फैसले से कांग्रेस समेत कुछ दूसरे दलों के नेताओं को अवगत करा दिया था। चूंकि गठबंधन का एक अध्यक्ष भी होगा, ऐसे में नीतीश  गठबंधन में नंबर दो की भूमिका नहीं चाहते थे। इसके अलावा नीतीश का मानना है कि गठबंधन में शामिल दलों और नेताओं में राहुल गांधी की ही राष्ट्रीय स्तर पर  सर्वाधिक पहचान है, इसलिए उन्होंने खरगे की जगह अध्यक्ष पद के लिए राहुल का नाम प्रस्तावित किया था।

इसलिए सुझाया लालू का नाम

खुद संयोजक बनने से इंकार करने के बाद नीतीश ने इस पद के लिए लालू प्रसाद का नाम आगे बढ़ाया। दरअसल बिहार में राजद लंबे समय से नीतीश को राष्ट्रीय भूमिका में लाना चाहता है, जिससे वर्तमान डिप्टी सीएम तेजस्वी को सरकार के नेतृत्व का अवसर मिले। इसके उलट नीतीश अपनी कुर्सी की कीमत पर कोई पद स्वीकार करने के इच्छुक नहीं हैं। यही कारण है कि उन्होंने इस पद के लिए राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद का नाम आगे कर दिया।

लोकसभा चुनाव के बाद की संभावनाओं पर निगाहें

दरअसल नीतीश की निगाहें लोकसभा चुनाव के बाद की संभावनाओं पर है। उन्हें पता है कि इस बार कांग्रेस बमुश्किल 250-275 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। जाहिर तौर पर इस स्थिति में अगर विपक्ष की सरकार बनने की स्थिति पैदा हुई तो कांग्रेस के लिए अपनी पार्टी का पीएम बनाना संभव नहीं होगा। ऐसे में कांग्रेस सहयोगी दलों को अपनी पसंद के नेता का नाम सुझाएगी। इन्हीं संभावनाओं के मद्देनजर नीतीश कांग्रेस और खासतौर पर गांधी परिवार को साधे रखना चाहते हैं। इसी रणनीति के तहत उन्होंने खरगे का नाम तय होने के बावजूद अध्यक्ष पद के लिए राहुल का नाम आगे बढ़ाया।

राहुल ने अध्यक्ष पद लेने से इन्कार कर खरगे का नाम आगे बढ़ाया

बैठक में जिस तरह नीतीश ने संयोजक बनने से  इन्कार किया, उसी तरह राहुल गांधी ने भी अध्यक्ष बनने से इन्कार करते हुए एक बार फिर से इस पद के लिए खरगे का नाम आगे किया। राहुल ने इसके लिए अपनी भारत जोड़ो यात्रा और जमीनी स्तर पर काम करने का हवाला दिया। एनसीपी सूत्रों का कहना है कि इस महीने के अंत में गठबंधन के नेताओं की आमने सामने की बैठक से पहले संयोजक पद के लिए आम सहमति बनाई जाएगी और इसी बैठक में दोनों पदों की जिम्मेदारी तय करने की घोषणा की जाएगी।

सीट बंटवारा अब भी पहेली.

हालांकि गठबंधन की लगातार बैठकें हो रही हैं, मगर सीट बंटवारा अभी भी पहेली बना हुआ है। सीट बंटवारे पर असमंजस और एक दूसरे के खिलाफ बयानबाजी के कारण ही शनिवार की बैठक से ममता बनर्जी, अखिलेश यादव और उद्धव ठाकरे दूर रहे। ममता चाहती हैं कि कांग्रेस उसे असम और त्रिपुरा में हिस्सेदारी दे। सपा का मानना है कि यूपी में कांग्रेस अंदरखाने बसपा के संपर्क में है।






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