Mohamed Muizzu
– फोटो : Social Media
विस्तार
मालदीव और भारत के बीच तनाव जारी है। भारत से उलझने के कारण मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू की अपने ही देश में खूब किरकिरी हो रही है। इस बीच, राजधानी माले में हुए मेयर के चुनावों में मुइज्जू की पार्टी की करारी हार हो गई। बता दें, भारत के खिलाफ टिप्पणी करने के कारण मुइज्जू ने अपने तीन मंत्रियों को बर्खास्त कर दिया था।
भारत समर्थक पार्टी की जीत
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, मालदीवियन डेमोक्रेटिक पार्टी (एमडीपी) ने माले के मेयर चुनावों में जीत हासिल की है। एमडीपी उम्मीदवार आदम अजीम को माले का नया मेयर नियुक्त किया है। खास बात यह है कि अजीम से पहले तक मुइज्जू ही माले के मेयर थे। मुइज्जू ने पिछले साल ही राष्ट्रपति चुनाव लड़ने के लिए पद से इस्तीफा दे दिया था। बता दें, एमडीपी का नेतृत्व पूर्व राष्ट्रपति मोहम्मद सोलिह कर रहे हैं, जो भारत समर्थक माने जाते हैं।
एमडीपी की चमक सकती है कीमत
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, अजीम ने बड़े अंतर से जीत हासिल की है। राजनीतिक एक्सपर्ट्स की मानें तो मेयर चुनाव में जीत से एमडीपी की राजनीतिक किस्मत पुनर्जीवित होने की उम्मीद है। हालांकि, एमडीपी के पास अब भी संसद में बहुमत बहुत कम है।
राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की मांग
हाल ही में मालदीव की पार्टी द डेमोक्रेट्स के सदस्य अली अजीम ने मांग की है कि राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू को सत्ता से हटाने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जाने चाहिए। अली अजीम ने मालदीव की सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी एमडीपी से मांग की है कि वह मोहम्मद मुइज्जू के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लेकर आएं। एक अन्य नेता ने मालदीव के विदेश मंत्री को भी समन भेजकर संसद में बुलाने की मांग की है क्योंकि उन्होंने पीएम मोदी के खिलाफ टिप्पणी मामले में कोई कार्रवाई नहीं की।
‘मालदीव की अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा बड़ा असर’
एक अन्य विपक्षी नेता अहमद माहलूफ ने मालदीव सरकार को चेताया है कि भारत के साथ जारी तनाव के चलते अगर भारतीय पर्यटक मालदीव का बहिष्कार करते रहेंगे तो इसका मालदीव की अर्थव्यवस्था पर बड़ा प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने कहा कि यह प्रभाव इतना बड़ा होगा कि इससे उबरना मुश्किल हो जाएगा। दरअसल मालदीव के नेताओं के पीएम मोदी पर आपत्तिजनक टिप्पणी से हुए विवाद के चलते हाल के दिनों में बड़ी संख्या में पर्यटकों ने मालदीव का दौरा रद्द कर दिया है। मालदीव के पूर्व राष्ट्रपति इब्राहिम सोलिह और पूर्व विदेश मंत्री अब्दुल्ला शाहिद ने भी सरकार की आलोचना की।
