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इंटरनेशनल डेस्क2 मिनट पहले
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PM मोदी 2-3 जनवरी को लक्षद्वीप में थे। उन्होंने यहां की तस्वीरें शेयर कीं। कहा- प्राकृतिक सुंदरता के अलावा लक्षद्वीप की शांति भी मंत्रमुग्ध कर देने वाली है। इसके बाद मालदीव के लोग भारतीयों का मजाक उड़ाने लगे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत पर अपमानजनक टिप्पणी करने वाली मालदीव की महिला मंत्री मरियम शिउना को कैबिनेट से सस्पेंड कर दिया गया है। PTI के मुताबिक शिउना के अलावा दो और डिप्टी मिनिस्टर्स माल्शा शरीफ और अब्दुल्ला महजूम माजिद को भी सस्पेंड किया गया है।
‘इंडिया टुडे’ से बातचीत में मालदीव सरकार के प्रवक्ता इब्राहिम खलील ने कहा- भारत के बारे में सोशल मीडिया पर पोस्ट्स के हवाले से जो कुछ चल रहा है, उसके बारे में हमारी सरकार अपना रुख साफ कर चुकी है। फॉरेन मिनिस्ट्री ने भी बयान जारी किया है। भारत के बारे में कमेंट्स करने वाले सभी सरकारी अफसरों को फौरन सस्पेंड किया जा रहा है।
खलील ने उन अफसरों (वास्तव में मंत्री) के नाम का खुलासा नहीं किया, जिन्हें सस्पेंड किया गया है। दरअसल, इन नेताओं ने प्रधानमंत्री मोदी के लक्षद्वीप दौरे को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। इसमें भारत की टूरिज्म सेक्टर में फेसेलिटीज को लेकर भी कमेंट्स थे।
इसके बाद सोशल मीडिया पर हैशटैग BoycottMaldives ट्रेंड होने लगा। वहीं, भारत के कई सेलेब्रिटीज ने लक्षद्वीप में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए भारत सरकार की तारीफ और समर्थन किया।

PM ने लक्षद्वीप विजिट की फोटो शेयर की थी। इस तस्वीर के साथ लिखा था- जो लोग अपने अंदर साहस बटोरना चाहते हैं, उनकी लिस्ट में लक्षद्वीप जरूर होना चाहिए।
मालदीव की मंत्री ने PM मोदी को आपत्तिजनक शब्द कहे
मंत्री मरियम शिउना ने सोशल मीडिया पर पोस्ट में PM मोदी के लिए आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया। वहीं, नेता जाहिद रमीज लिखा कि भारत सर्विस के मामले में हमारा मुकाबला नहीं कर सकता। मरियम यूथ एम्पावरमेंट, इन्फॉर्मेशन एंड आर्ट की डिप्टी मिनिस्टर थीं।
उनकी इस पोस्ट पर मालदीव के पूर्व राष्ट्रपति मोहम्मद नशीद ने कहा- शिउना ने गलत शब्द कहे हैं। ये बात मालदीव की सुरक्षा और समृद्धि को खतरे में डाल सकती है। राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू की सरकार को ऐसी टिप्पणियों से दूरी बनानी चाहिए।

मालदीव के नेता ने लिखा- वहां सफाई नहीं, कमरों से बदबू आती है
सोशल मीडिया पर एक यूजर ने PM मोदी का लक्षद्वीप वाला वीडियो शेयर करते हुए लिखा- बढ़िया कदम है! यह मालदीव की नई सरकार के लिए एक बड़ा झटका है, जो चीन की कठपुतली है। इस दौरे के बाद लक्षद्वीप में पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।
इसके जवाब में PPM के नेता जाहिद रमीज ने लिखा- बेशक यह अच्छा कदम है, लेकिन भारत कभी हमारी बराबरी नहीं कर सकता है। मालदीव पर्यटकों को जो सर्विस देता है, वो भारत कैसे देगा। वो इतनी सफाई कैसे रख पाएंगे, जितनी हम रखते हैं। उनके कमरों में आने वाली बदबू टूरिस्टों के लिए सबसे बड़ी दिक्कत होगी।

सोशल मीडिया पर मालदीव का विरोध बढ़ा
PM मोदी ने लक्षद्वीप दौरे का एक वीडियो शेयर किया था। इसमें खूबसूरती के लिहाज से लक्षद्वीप अब मालदीव को टक्कर देता नजर आया। इसके बाद सोशल मीडिया पर लोग कहने लगे कि लाखों रुपए खर्च कर मालदीव जाने से बेहतर है कि लक्षद्वीप जाएं।
इससे मालदीव के मंत्री और नेता नाराज नजर आए। उनके आपत्तिजनक पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर भारतीयों और मालदीव के नागरिकों के बीच जंग छिड़ गई। भारत के लोगों का गुस्सा इतना बढ़ गया कि देश में हैशटैग BoycottMaldives ट्रेंड करने लगा। लोग मालदीव का जमकर विरोध कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि PM मोदी के लक्षद्वीप दौरे से मालदीव के टूरिज्म को तगड़ा झटका जरूर लगने वाला है।
भारतीयों की तरफ से किए गए पोस्ट्स पर एक नजर…



लोगों ने मालदीव की छुट्टियां कैंसिल की
भारतीय लाखों रुपए खर्च कर मालदीव में छुट्टियां मनाने के लिए जाते हैं। इसी से वहां की अर्थव्यवस्था चलती है। लोगों को रोजगार मिलता है। इसके बावजूद मालदीव के लोग भारत के खिलाफ बात कर रहे हैं और भारतीयों का मजाक उड़ा रहे हैं। इसके जवाब में कई भारतीयों ने मालदीव की छुट्टियां कैंसिल कर दी हैं।

एक भारतीय ने मालदीव के विरोध में वहां जाने का प्लान कैंसिल कर दिया। उसने सोशल मीडिया पर मालदीव जाने की कैंसिल्ड टिकट का फोटो शेयर किया।
बॉलीवुड सेलेब्रिटीज भी लक्षद्वीप की तारीफ कर रहे
हिंदी फिल्म इंडस्ट्री के सितारे भी मालदीव के विरोध में सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर कर रहे हैं। अक्षय कुमार, जॉन अब्राहम, श्रद्धा कपूर ने लक्षद्वीप की तस्वीरें शेयर की हैं और लिखा है कि यहां छुट्टियां मनाने जरूर आएं। अक्षय कुमार ने लिखा- हैरानी की बात यह है कि मालदीव के लोग उस देश की बुराई कर रहे हैं, जहां से सबसे ज्यादा टूरिस्ट मालदीव पहुंचते हैं।



मालदीव सरकार की सफाई
प्रधानमंत्री मोदी पर मालदीव के दो मंत्रियों की टिप्पणी का भारत में जबरदस्त विरोध हुआ। इसके बाद मालदीव सरकार ने बयान जारी किया और विवाद शांत करने की कोशिश की। बयान के मुताबिक सोशल मीडिया पर विदेशी नेताओं और अहम लोगों के बारे में अपमानजनक टिप्पणियों पर मालदीव सरकार की नजर है। यह कमेंट्स पर्सनल हैं और मालदीव सरकार का नजरिया नहीं हैं।
हमारी सरकार मानती है कि लोकतंत्र में सभी को अपनी बात कहने का हक है, लेकिन यह राय जिम्मेदारी से देनी चाहिए। इस तरह की बयानबाजी से नफरत या दुश्मनी नहीं फैलनी चाहिए। इससे मालदीव और दुनिया में उसके सहयोगियों के रिश्ते खराब नहीं होने चाहिए। हम ये भी साफ कर देना चाहते हैं कि इस तरह की अपमानजनक बयानबाजी करने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने में मालदीव सरकार कोई संकोच नहीं करेगी।
राष्ट्रपति मुइज्जू ने ‘इंडिया आउट’ का नारा दिया था
नए राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू के सत्ता संभालने के बाद दोनों देशों के बीच खटास आई है। राष्ट्रपति मुइज्जू चीन समर्थक माने जाते है। वे अपने देश से भारतीय सैनिकों को निकालने के लिए तैयार हैं। उन्होंने मालदीव में कथित भारतीय सेना की मौजूदगी के खिलाफ ‘इंडिया आउट’ का नारा दिया था और इसे लेकर कई प्रदर्शन भी हुए। मालदीव की नई सरकार को लगता है कि उनके देश में भारतीय सैनिकों की मौजूदगी संप्रभुता के लिए खतरा है।
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