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1 घंटे पहले
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फुटेज मॉरीशस के सांसद महेंद गंगाप्रसाद का है। इसमें उन्होंने PM मोदी को राम मंदिर के लिए धन्यवाद कहा है।
मॉरीशस के सांसद महेंद गंगा प्रसाद ने प्रधानमंत्री मोदी का आभार जताते हुए कहा है कि सिर्फ PM मोदी ही अयोध्या को फिर से दुनिया के सामने ला सकते थे और उन्होंने ऐसा कर दिखाया है। मैं और मॉरीशस में रह रहे हिंदू धर्म के लोग आज इस बात से बेहद खुश हैं कि भगवान राम का मंदिर अब वहां है, जो वो पैदा हुए थे।
न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक, गंगा प्रसाद ने कहा- अयोध्या में जिस तरह से मंदिर का निर्माण हो रहा है, उसे देखकर हम सबको PM मोदी पर गर्व है। उनके कार्यकाल के दौरान शिक्षा के क्षेत्र के साथ ही हर सेक्टर में तेजी से विकास हुआ है। आज स्कूल-कॉलेज से निकल रहे बच्चे नए भारत को दर्शा रहे हैं। मैं भारत में नई शिक्षा नीति के लिए भी PM मोदी को बधाई देना चाहता हूं।

मॉरीशस के सांसद महेंद गंगाप्रसाद ने अपने वीडियो में PM मोदी और राम मंदिर से जुड़े कई फुटेज जोड़े हैं।
मॉरीशस के सांसद बोले- मोदी करिश्माई नेता, भारत का भविष्य उज्ज्वल
मॉरीशस के सांसद गंगा प्रसाद इस वक्त भारत में हैं। PM मोदी की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा- वे एक करिश्माई नेता हैं। उनका काम करने का तरीका बेहद अनोखा है और इसके जरिए उन्होंने भारत, भारत की नियति और छवि सबको बदल दिया है। आज दुनिया भारत की तरफ देख रही है और इसका श्रेय PM मोदी को ही जाता है।
गंगा प्रसाद ने कहा- मुझे इस बात में कोई शक नहीं है कि PM मोदी के नेतृत्व में भारत का भविष्य उज्ज्वल है। अब दुनिया के कई देश भारत से दोस्ती करना चाहते हैं। भारत-मॉरीशस रिश्तों पर बात करते हुए सांसद ने कहा- मॉरीशियाई लोगों के भारत के साथ हमेशा से अच्छे रिश्ते रहे हैं। PM मोदी के कार्यकाल में ये संबंध और मजबूत हुई। मैं इसके लिए उन्हें धन्यवाद कहना चाहूंगा। मोदी है तो मुमकिन है।
7 दिन तक चलेगा प्राण-प्रतिष्ठा का कार्यक्रम
अयोध्या के राम मंदिर में 22 जनवरी को रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा का कार्यक्रम होगा। मंदिर के अधिकारियों के मुताबिक अभिषेक समारोह 16 जनवरी से शुरू होकर सात दिनों तक चलेगा।
- 16 जनवरी: मंदिर ट्रस्ट, श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र की तरफ से नियुक्त किए गए यजमान प्रायश्चित समारोह की शुरुआत करेंगे। सरयू नदी के तट पर ‘दशविध’ स्नान, विष्णु पूजा और गायों को प्रसाद दिया जाएगा।
- 17 जनवरी: 5 साल के रामलला की मूर्ति के साथ एक काफिला अयोध्या पहुंचेगा। श्रद्धालु मंगल कलश में सरयू नदी का जल लेकर राम जन्मभूमि मंदिर आएंगे।
- 18 जनवरी: गणेश अंबिका पूजा, वरुण पूजा, मातृका पूजा, ब्राह्मण वरण और वास्तु पूजा के साथ औपचारिक अनुष्ठान शुरू होंगे।
- 19 जनवरी: पवित्र अग्नि जलाई जाएगी। इसके बाद नवग्रह की स्थापना और हवन किया जाएगा।
- 20 जनवरी: राम जन्मभूमि मंदिर के गर्भगृह को सरयू जल से धोया जाएगा, जिसके बाद वास्तु शांति और ‘अन्नाधिवास’ अनुष्ठान होगा।
- 21 जनवरी: रामलला की मूर्ति को 125 कलशों के जल से स्नान कराया जाएगा।
- 22 जनवरी: सुबह की पूजा के बाद दोपहर में ‘मृगशिरा नक्षत्र’ में रामलला के मूर्ति का अभिषेक किया जाएगा।

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