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- Lok Sabha Speaker Om Birla Writes To All MPs Over Parliament Security Breach Matter
नई दिल्लीएक घंटा पहले
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संसद का शीतकालीन सत्र 22 दिसंबर तक चलेगा। 15 बैठकों के दौरान कुल 21 बिलों पर चर्चा और वोटिंग होनी हैं।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने शनिवार (16 दिसंबर) को सांसदों के नाम एक चिट्ठी लिखी। इसमें उन्होंने उन दावों को खारिज कर दिया, जिनमें कहा जा रहा था कि 13 विपक्षी सांसदों का निलंबन संसद के सुरक्षा उल्लंघन के खिलाफ किए विरोध के कारण हुआ।
चिट्ठी में लोकसभा स्पीकर ने बताया कि सांसदों का निलंबन सदन की पवित्रता बनाए रखने के लिए किया गया है। देश सदन की कार्यवाही के दौरान ऐसे आचरण की उम्मीद नहीं करता। इसलिए सांसदों को निलंबित करने का फैसला लेना पड़ा।
बिड़ला ने लिखा- सुरक्षा पहलुओं की समीक्षा और ऐसी घटनाएं दोबारा न हों, इसकी प्लानिंग करने के लिए हाई लेवल कमेटी बनाई है। जो CRPF महानिदेशक के पैनल से अलग है। कमेटी जो रिपोर्ट देगी, उसे सदन में शेयर किया जाएगा।
दरअसल, संसद में 13 दिसंबर को प्रश्नकाल में दो लोग विजिटर्स गैलरी से सांसदों के बीच कूदे थे। इन लोगों ने नारेबाजी करते हुए स्मोक कैन चलाई थी। बाद में इन्हें सांसदों ने पकड़कर सुरक्षा कर्मियों के हवाले कर दिया था।

नौवें दिन लोकसभा और राज्यसभा दोनों सदनों में विपक्षी नेताओं ने नारेबाजी की। दिन में कई बार सदन को स्थगित करना पड़ा।
ओम बिड़ला की चिट्ठी की बड़ी बातें…
- पिस्तौल लेकर आने, नारे लगाने, गैलरी से कूदने और पर्चे फेंकने जैसी घटनाएं पहले भी हुई हैं। सांसदों ने पहले भी सदन में कई बार एकजुटता और संकल्प का प्रदर्शन किया है।
- यह वाकई दुर्भाग्यपूर्ण है कि कुछ सदस्य और राजनीतिक दल कुछ सांसदों के निलंबन के फैसले को 13 दिसंबर को हुई घटना से जोड़ रहे हैं। यह गलत है।
- सदस्यों के निलंबन और सुरक्षा चूक की घटना के बीच कोई संबंध नहीं है। निलंबन पूरी तरह से सदन की पवित्रता बनाए रखने के लिए किया गया है।
- घटना वाले दिन सभी दलों के नेताओं के साथ सुरक्षा मुद्दे पर चर्चा हुई थी और बैठक के दौरान दिए गए कुछ महत्वपूर्ण सुझावों को तुरंत लागू किया गया था।
किस पार्टी से कितने सांसद निलंबित हुए
इसके बाद लोकसभा से विपक्षी पार्टियों के 13 और राज्यसभा से एक सांसद को पूरे सत्र के लिए सस्पेंड कर दिया गया। लोकसभा से कांग्रेस के 9, CPI (M) के 2, DMK और CPI के एक-एक नेता को सस्पेंड किया गया है। इससे पहले खबर आई थी कि लोकसभा से 14 सांसदों को सस्पेंड किया गया है।
विपक्ष ने बताया कि लोकसभा से सस्पेंड हुए DMK सांसद एसआर पार्थिबन आज संसद आए ही नहीं थे। फिर भी उन्हें सस्पेंड किया गया। इस पर लोकसभा सचिवालय ने सर्कुलर जारी किया, इसमें पार्थिबन का नाम सस्पेंड किए गए सांसदों की सूची में नहीं था।
सर्कुलर में कांग्रेस के सांसद टी एन प्रतापन, हिबी ईडन, जोथिमानी, राम्या हरिदास, डीन कुरियाकोस , मनिकम टैगोर, एमडी जावेद, वीके श्रीकंदन और बेनी बेहनन का नाम शामिल है। राज्यसभा से TMC सांसद डेरेक ओ’ब्रायन को सस्पेंड किया गया है।
राहुल गांधी बोले- लोकसभा में घुसपैठ बेरोजगारी के चलते हुई
राहुल गांधी से संसद में सुरक्षा चूक पर सवाल पूछा गया। उन्होंने कहा- सिक्योरिटी ब्रीच (सुरक्षा में चूक) है, वो तो है, लेकिन ये क्यों हुई? देश में इस समय जो सबसे बड़ा मुद्दा है, वो बेरोजगारी है। मोदी जी की पॉलिसीज के कारण देश के युवाओं को रोजगार नहीं मिल रहा। सिक्योरिटी ब्रीच जरूर हुई है, लेकिन इसका सबसे बड़ा कारण बेरोजगारी और महंगाई है।

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शनिवार को कहा कि यह घटना बेरोजगारी और महंगाई की वजह से हुई है।
संसद सुरक्षा उल्लंघन केस में अब तक 6 आरोपी गिरफ्तार
लोकसभा में घुसपैठ मामले में शनिवार 16 दिसंबर को एक और आरोपी महेश कुमावत को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने उसे पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया जहां से उसे 7 दिन के लिए पुलिस हिरासत में सौंप दिया गया। मामले में अब तक छह लोग पकड़े गए हैं।
13 दिसंबर को 4 आरोपी पकड़े गए थे। ललित झा ने 14 दिसंबर को सरेंडर किया था। मामले में विकी शर्मा और उसकी पत्नी राखी को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई थी, बाद में उन्हें छोड़ दिया गया। विकी के गुड़गांव स्थित घर पर ही चार आरोपी रुके थे।

उधर, दिल्ली पुलिस के सूत्रों के मुताबिक, लोकसभा में कूदने वाले सागर शर्मा और मनोरंजन एक या दो नहीं, बल्कि 7 स्मोक केन (धुआं फैलाने वाला उपकरण) लेकर गए थे। आरोपियों ने संसद के आसपास के इलाके की गूगल के जरिए रेकी की थी। वे लोग कई चीजों से वाकिफ थे।
इतना ही नहीं, संसद का सिक्योरिटी अरेंजमेंट पता करने के लिए उन्होंने पुराने वीडियो भी देखे थे। आरोपियों की संसद के बाहर आत्मदाह करने की भी प्लानिंग थी। पढ़ें पूरी खबर…
