Assam Blast Case; DGP Gyanendra Pratap Singh | NIA Investigation | ULFA-(I) ने कहा- पुलिस अफसर मुद्दा भटका रहे; DGP बोले- वे जनता को बख्शें, मुझ पर हमला करें

गुवाहाटी3 घंटे पहले

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असम में 14 दिसंबर को जोरहाट मिलिट्री स्टेशन, 9 दिसंबर को शिवसागर में CRPF कैंप और 22 नवंबर को तिनसुकिया में आर्मी कैंप के पास धमाके हुए थे।

असम के DGP ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह ने पिछले 23 दिनों के दौरान बम धमाके की 3 घटनाओं को लेकर शुक्रवार को प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन यूनाइटेड लिबरेशन फ्रंट ऑफ असम इंडिपेंडेंट यानी ULFA-(I) को चेतावनी दी।

उन्होंने कहा- वे हमेशा मेरा नाम लेते हैं। अगर उन्हें कोई दिक्कत है, तो वे मुझे निशाना बना सकते हैं। मैं काहिलीपारा में रहता हूं और गुवाहाटी में मेरा ऑफिस है। वे मुझपर हमला करें। यहां-वहां ग्रेनेड फेंककर आम लोगों को क्यों परेशान कर रहे हैं।

दरअसल, जोरहाट मिलिट्री स्टेशन के पास 14 दिसंबर की शाम में धमाका हुआ था। इससे पहले 9 दिसंबर को शिवसागर में CRPF कैंप और 22 नवंबर को तिनसुकिया में आर्मी कैंप के पास दो और धमाके हुए थे।

ULFA-(I) ने तीनों धमाकों की जिम्मेदारी ली। शुक्रवार को ULFA-(I) ने एक बयान जारी किया और कहा- आम लोगों को धमाकों से घबराने की कोई जरूरत नहीं है, क्योंकि संगठन उनके खिलाफ नहीं है।

उग्रवादी संगठन ने कहा- हम DGP जीपी सिंह के अहंकार के कारण धमाकों को अंजाम दे रहे हैं, जो हमारी मांग को राजनीतिक मुद्दा न बताकर कानून-व्यवस्था की समस्या बता रहे हैं।

जांच के लिए NIA की मदद लेगी पुलिस
DGP ने कहा कि धमाकों की जांच के लिए नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) की मदद ली जाएगी। NIA की एक टीम शनिवार (16 दिसंबर) को असम आ रही है। सेंट्रल इन्वेस्टिगेशन एजेंसियों के साथ इन धमाकों पर चर्चा होगी। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। धमाका करने वालों को पकड़ा जाएगा और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।

तीनों धमाके में कोई हताहत नहीं
असम के जोरहाट में 14 दिसंबर को मिलिट्री स्टेशन के गेट के पास कम तीव्रता का धमाका सुना गया था। बताया गया कि यह IED ब्लास्ट था। धमाके में किसी के हताहत होने की कोई खबर नहीं है। घटना के बाद जोरहाट और उससे सटे इलाकों में तलाशी अभियान चलाया गया। इस दौरान पुलिस ने तिनसुकिया में एक हैंड ग्रेनेड बरामद किया।

9 दिसंबर को हमले के बाद ULFA-(I) ने अपने बयान में कहा था- हमारी असम पुलिस से कोई दुश्मनी नहीं है। DGP सिंह असम पुलिस को अपनी पैतृक संपत्ति न समझें। अगर उन्होंने अपना अहंकार नहीं छोड़ा तो वे और ग्रेनेड हमले करेंगे।

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