जापान में आखिर क्यों मारने पड़े 40 हजार पक्षी, क्या यह किसी महामारी की चेतावनी है या फिर…, जानें वजह

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टोक्यो. जापान में एक खतरनाक बीमारी तेजी से पैर पसारना शुरु कर दिया है. नई बीमारी की आहट को देखते हुए सरकार ने जरूरी कदम उठाने शुरू कर दिए हैं. देश में रोगजनक एवियन इन्फ्लूएंजा की पुष्टि होने के बाद दक्षिणी जापान में लगभग 40 हजार पक्षियों को मार दिया गया है. देश में इस साल ठंड और सर्दी के मौसम की शुरुआत में बर्ड फ्लू का पहला मामला देखा गया है.

समाचार एजेंसी शिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, जापान के कृषि, वानिकी और मत्स्य पालन मंत्रालय ने दक्षिणी जापानी प्रान्त सागा के काशीमा शहर में एक फॉर्म में इसके प्रकोप की पुष्टि होने के एक दिन बाद यह घटनाक्रम सामने आया है. मंत्रालय के अनुसार, प्रभावित फार्म में लगभग 40 हजार अंडे देने वाली मुर्गियां थीं.

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प्रभावित फार्म पर सभी 40 हजार पक्षियों को मारने सहित इससे फैलने से रोकने के उपाय किए गए हैं. प्रभावित फॉर्म से विशिष्ट क्षेत्र के बाहर के 10 किमी के दायरे में पॉल्ट्री और अंडा उत्पादों का परिवहन प्रतिबंधित कर दिया गया है.

इस अभियान, जिसमें 12 पोल्ट्री फार्मों के लगभग 2 लाख 55 हजार पक्षी शामिल थे, की आनुवंशिक परीक्षण के बाद पुष्टि हुई कि प्रभावित फार्म में मृत पक्षी एवियन इन्फ्लूएंजा के एच5 उपप्रकार से संक्रमित थे. जापान में बर्ड फ़्लू का मौसम आम तौर पर हर साल अक्टूबर में शुरू हो जाता है.

प्रधान मंत्री फुमियो किशिदा ने अनुरोध किया कि कृषि, वानिकी और मत्स्य पालन मंत्रालय सहित संबंधित अधिकारी एवियन इन्फ्लूएंजा संक्रमण से निपटने के लिए बारीकी से सहयोग करें और संपूर्ण निवारक उपायों को तेजी से लागू करें.

Tags: Bird Flu, Japan

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