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नई दिल्ली: पाकिस्तान (Pakistan) से मिली बड़ी खबर के अनुसार यहाँ आज यानी बुधवार 15 नवंबर की सुबह 5:35 बजे रिक्टर पैमाने पर 5.2 तीव्रता के भूकंप (Earthquake) के तगड़े झटके महसूस किए गए है। इस बाबत राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र ने जानकारी दी है। करीब 18 किलोमीटर की गहराई में इसका केंद्र था।
इस तरह पाकिस्तान (Pakistan) में बीते चार दिन में दूसरी बार धरती हिली है। वहीं अन्य मीडिया से प्राप्त रिपोर्ट्स के फिलहाल किसी भी तरह के जानमाल के नुकसान की खबर नहीं है।
An earthquake of Magnitude 5.2 on the Richter scale occurred in Pakistan at 5:35 am today: National Center for Seismology pic.twitter.com/brJnVAj8Ot
— ANI (@ANI) November 15, 2023
जी हां, इससे पहले पाकिस्तान (Pakistan) में बीते शनिवार यानी 11 नवंबर की शाम के वक्त लगभग 6 बजे के दौरान 4.1 तीव्रता का भूकंप (Earthquake) के झटके महसूस किए गए थे। फिलहाल अधिक जानकारी की प्रतीक्षा है।
श्रीलंका में आया था भूकंप
बता दें कि बीते मंगलवार 14 नवंबर को श्रीलंका के कोलंबो में रिक्टर पैमाने पर 6.2 तीव्रता का भूकंप आया था। वहीं तब नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) के अनुसार, यह भूकंप कल दोपहर करीब 12:31 बजे आया था। इस भूकंप की रिक्टर स्केल पर 6.2 तीव्रता रही। जबकि यह जमीन के अंदर 10 किमी तक महसूस किया गया था।
Earthquake of Magnitude:6.2, Occurred on 14-11-2023, 12:31:10 IST, Lat: -2.96 & Long: 86.54, Depth: 10 Km ,Location: 1326km SE of Colombo, Sri Lanka for more information Download the BhooKamp App https://t.co/4djY2ype7T@KirenRijiju @Dr_Mishra1966 @ndmaindia @Indiametdept pic.twitter.com/yqXchM4hZN
— National Center for Seismology (@NCS_Earthquake) November 14, 2023
क्यों आता है भूकंप
जानकारी दें कि हमारी धरती मुख्य तौर पर 4 परतों से निर्मित है। इनर कोर, आउटर कोर, मैनटल और क्रस्ट। इस क्रस्ट और ऊपरी मैन्टल कोर को लिथोस्फेयर के नाम से भी जाना जाता है। ये 50 किलोमीटर की मोटी परत कई वर्गों में विभक्त रहती है। इसे दुसरे शब्दों में टैकटोनिक प्लेट्स भी कहा जाता है। यही ‘टैकटोनिक प्लेट्स’ अपनी जगह पर हिलती-डुलती रहती हैं।
लेकिन जब ये प्लेट जरुरत से बहुत ज्यादा ही हिलने लगती है तो उसे हम भूकंप के नाम से हैं। ये प्लेट क्षैतिज और ऊर्ध्वाधर दोनों ही तरह से अपनी जगह से हिल-डुल सकती हैं। इसके बाद वह स्थिर होते हुए अपनी जगह तलाशती हैं इस दौरान एक प्लेट दूसरी प्लेट के नीचे आ जाता है। जिससे भूकंप बनता है और इससे जबरदस्त तरंगे और कंपन आती हैं।
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