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फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन मंगलवार को रामल्ला में अपने फिलिस्तीनी समकक्ष महमूद अब्बास से मुलाकात करेंगे। द टाइम्स ऑफ इजरायल ने फिलिस्तीनी प्राधिकरण के हवाले से यह जानकारी दी। मैक्रॉन इस समय इजरायल के दौरे पर हैं। मैक्रॉन से पहले कई पश्चिमी देश के नेता इजरायल का दौरा कर चुके हैं। ये नेता हमास द्वारा 7 अक्टूबर के हमलों के बाद इजरायल के साथ एकजुटता दिखाने के लिए यात्रा कर रहे हैं। हालांकि, मैक्रॉन संकट के बीच वेस्ट बैंक में फिलिस्तीनी प्राधिकरण मुख्यालय का दौरा करने वाले पहले व्यक्ति होंगे।
रिपोर्ट के अनुसार, फ्रांसीसी राष्ट्रपति ने तुरंत बैठक की पुष्टि नहीं की है। फिलिस्तीनी आतंकवादी समूह हमास द्वारा 7 अक्टूबर को किए गए नरसंहार के बाद यहूदी देश के दौरे पर आए मैक्रॉन ने अपने इजरायली समकक्ष इसहाक हर्जोग से मुलाकात की। इसके बाद फ्रांस के राष्ट्रपति तेल अवीव पहुंचे और हमास के हमले में मारे गए या गाजा में आतंकवादियों द्वारा बंधक बनाए गए फ्रांसीसी और फ्रांसीसी-इजरायली नागरिकों के परिवारों से मुलाकात की। फ्रांसीसी राष्ट्रपति ने इजरायल के साथ फ्रांस की “पूर्ण एकजुटता” व्यक्त करने के लिए प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से भी मुलाकात की।
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224 लोगों को बंधक बनाकर गाजा ले जाया गया
मैक्रॉन की यात्रा इजरायल पर हमास के हमले के दो सप्ताह से अधिक समय बाद हो रही है, जिसमें कम से कम 1,400 लोग मारे गए थे, उनमें से अधिकांश नागरिक थे। उनमें से तीस फ्रांस के नागरिक थे। इसके अलावा, कम से कम 224 लोगों को बंधक बनाकर गाजा ले जाया गया है। सात लापता फ्रांसीसी नागरिकों में से एक, एक फ्रांसीसी महिला, की पहचान हमास द्वारा बंदी बनाए गए लोगों में से एक के रूप में की गई है। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। मैक्रॉन ने दावा किया है कि अन्य लोगों के भी बंदी होने का संदेह है। मैक्रॉन और नेतन्याहू आज बाद में एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस करने वाले हैं।
युद्ध शुरू होने के बाद से अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन, जर्मन चांसलर ओलाफ स्कोल्ज, ब्रिटिश प्रधानमंत्री ऋषि सुनक, इतालवी प्रधान मंत्री जियोर्जिया मेलोनी, ग्रीक प्रधानमंत्री किरियाकोस मित्सोटाकिस और डच प्रधानमंत्री मार्क रूट पहले ही इजरायल का दौरा कर चुके हैं। अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, कनाडा और इटली के नेताओं ने फलस्तीनी आतंकवादी समूह हमास के खिलाफ खुद की रक्षा करने के इजरायल के अधिकार का समर्थन किया। हालांकि, उन्होंने इजरायल से अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानूनों का पालन करने और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का आग्रह भी दोहराया।
खाली हाथ लौटे थे बाइडेन
जो बाइडेन अपनी इजरायल यात्रा के दौरान फिलिस्तीनी राष्ट्रपति से मुलाकात करना चाहते थे। लेकिन वे ऐसा नहीं कर पाए। गाजा में एक अस्पताल पर हुए हमले के बाद फिलिस्तीनी राष्ट्रपति ने मीटिंग रद्द कर दी थी। ये मीटिंग पड़ोसी देश जॉर्डन में होने वाली थी। लेकिन हॉस्पिटल अटैक ने जॉर्डन के राजा अब्दुल्ला द्वितीय की फिलिस्तीनी राष्ट्रपति महमूद अब्बास और मिस्र के राष्ट्रपति अल-सिसी के साथ बाइडेन की मेजबानी करने की योजना को रद्द कर दिया था। अस्पताल विस्फोट के विरोध में अब्बास ने कथित तौर पर बाइडेन से मिलने से इनकार कर दिया था। जिसके बाद शिखर सम्मेलन को पूरी तरह से रद्द कर दिया गया।