Underworld Don Dawood Ibrahim hands over D company to younger brother | आतंकी दाऊद ने छोटे भाई अनीस को सौंपी डी-कंपनी की जिम्मेदारी

मुंबई40 मिनट पहलेलेखक: संतोषी गुलाबकली मिश्रा

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2022 में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने दाऊद इब्राहिम और डी कंपनी से जुड़े लोगों के बारे में जानकारी देने वालों को कुल 90 लाख का इनाम देने का ऐलान किया था।

भारतीय खुफिया एजेंसियों के सूत्रों ने ये दावा किया है कि पाकिस्तान के कराची में छिपे बैठे आतंकी दाऊद इब्राहिम ने डी-कंपनी का काम छोटे भाई अनीस कासकर को सौंप दिया है। ये जिम्मेदारी अब तक आतंकी और दाऊद का सबसे भरोसेमंद छोटा शकील संभाल रहा था। लेकिन, दो साल से दाऊद और शकील में मनमुटाव होने से काम प्रभावित हो रहा था, इसलिए दाऊद ने शकील को रिप्लेस कर दिया।

एजेंसी सूत्रों का ये भी दावा है कि अनीस ही कराची से मुंबई में गिरोह के साथियों को ऑर्डर दे रहा है। वही भारत-अमेरिका में नशीले पदार्थों की तस्करी, तंबाकू व्यवसाय, नकली भारतीय मुद्रा का काम संभाल रहा है। दाऊद, अनीस और शकील तीनों अभी कराची में ही हैं।

बेटे मोईन को सौंपना चाहता था डी-कंपनी, लेकिन वो हाफिज बन गया…
एजेंसी सूत्रों के मुताबिक दादा बनने के बाद से दाऊद ने डी-कंपनी के फैसलों में सीधा दखल कम कर दिया था। वो हायपर डायबिटीज भी है। इसलिए साम्राज्य चलाने में दिक्कतें आ रही थीं। दाऊद चाहता था कि उसका बड़ा बेटा मोईन डी-कंपनी संभाले, लेकिन मोईन हाफिज बन गया। शकील की भी तबीयत खराब रहने लगी, इसलिए अनीस को जिम्मेदारी देना दाऊद की मजबूरी हो गया। अनीस अब तक नंबर-3 की पोजिशन पर था।

NIA ने ये तस्वीरें और ईनामी रकम पिछले साल सितंबर में जारी की थी।

NIA ने ये तस्वीरें और ईनामी रकम पिछले साल सितंबर में जारी की थी।

अनीस ने डी कंपनी के CEO के तौर पर फैसले लिए
एजेंसी सूत्रों ने बताया कि डी-कंपनी के उत्तराधिकार में बदलाव की रूपरेखा दाऊद के 60वें जन्मदिन से बनने लगी थी। कुछ साल से शकील की अनीस से नहीं बन रही है। कई बैठकों में दोनों साथ नहीं रहे, इसलिए अनीस ने डी-कंपनी के सीईओ के रूप में फैसले लिए। अनीस ने नशीले पदार्थों के कारोबार में बहुत गहराई तक अपना जाल फैला रखा है।

सलीम फ्रूट की गिरफ्तारी से मिले थे संकेत
मुंबई में शकील का राइट हैंड रहा सलीम फ्रूट जेल में है। मई 2022 में उसे एनआईए ने गिरफ्तार किया था। फ्रूट छोटा शकील का साला है। पिछले महीने ही उसकी जमानत एनआईए कोर्ट ने खारिज की थी। इस गिरफ्तारी से संकेत मिले थे कि दाऊद-शकील में रिश्ते बिगड़ चुके हैं।

ड्रग्स के कारोबार से अनीस को मौका
ऐसा कहा जाता है कि 2020 के बाद से मुंबई नारकोटिक्स ब्यूरो ने ड्रग्स माफिया के खिलाफ जो भी कार्रवाई की, उसकी लीड गैंग में फूट पड़ने से ही मिली थी। ड्रग्स का कारोबार बड़ी समस्या बन रहा था, जिसके चलते अनीस इस पूरे खेल में आगे आया और शकील की पोजिशन पीछे हो गई। इसके बाद फ्रूट की गिरफ्तारी हुई, जिसमें ये साफ हो गया कि शकील अब कमजोर हो गया है।

मुंबई धमाकों का आरोपी है अनीस
अनीस पर 1993 के मुंबई बम धमाकों में भी शामिल होने का आरोप है। इस मामले को लेकर उसके खिलाफ इंटरपोल का रेड नोटिस भी जारी हुआ है। इन धमाकों में 257 लोग मारे गए थे।

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