मेरठ के सौरभ हत्याकांड के मामले में रविवार को ड्रग्स विभाग की टीम भी हरकत में आ गई। टीम ने खैरनगर स्थित ऊषा मेडिकल स्टोर पर छापा मारा। मुस्कान ने इसी मेडिकल स्टोर से सौरभ को बेहोश करने के लिए मिडाजोलम का इंजेक्शन खरीदा था। टीम ने मेडिकल स्टोर का एक साल का सेल्स और परचेज का रिकॉर्ड कब्जे में लिया और अग्रिम आदेश तक दवाइयां बिक्री पर रोक लगा दी। टीम ने मेडिकल स्टोर संचालक अमित जोशी निवासी ब्रह्मपुरी से पूछताछ की।
डॉक्टर ने नींद की गोली नहीं लिखी
मुस्कान ने खुद को डिप्रेशन में बताकर पर्चे पर नींद की गोली लिखवाई थीं। जिस डॉक्टर ने पर्चा बनाया, पुलिस ने उसके भी बयान लिए थे। डॉक्टर ने नींद की गोली नहीं लिखने की बात कही थी। सामने आया था कि मुस्कान ने गूगल पर सर्च कर डाक्टर के पर्चे पर स्वयं मिडाजोलम इंजेक्शन लिख लिया था। इसके बाद डॉक्टर के पर्चे को एक बुजुर्ग के साथ खैरनगर स्थित ऊषा मेडिकल स्टोर पर 22 फरवरी को इंजेक्शन लेने के लिए पहुंच गई थी।
स्टोर संचालक ने डॉक्टर के पर्चे पर दिया था इंजेक्शन
बताया गया है कि यह इंजेक्शन डॉक्टर के पर्चे पर भी नहीं दिया जा सकता। इस इंजेक्शन को अस्पताल के पर्चे पर उन मरीजों के लिए लिखा जाता है कि जो ओटी या आईसीयू में भर्ती होते हैं। इसके बावजूद मेडिकल स्टोर संचालक ने डॉक्टर के पर्चे पर इंजेक्शन दे दिया था। इसकी जांच करने के लिए रविवार को ड्रग्स विभाग के इंस्पेक्टर पीयूष शर्मा और प्रियंका चौधरी ऊषा मेडिकल स्टोर पर पहुंची।
ढाई घंटे तक की जांच पड़ताल
टीम ने दोपहर डेढ़ बजे से लेकर शाम को चार बजे तक जांच पड़ताल की। अमित जोशी ने पूछताछ में बताया कि डाइजिन और कोबा की टेबलेट व मिडाजोलम इंजेक्शन मुस्कान उनकी स्टोर से लेकर गई थी। दुकानदार ने तीनों दवाई के सेल और परचेज के बिल भी ड्रग्स विभाग की टीम को दिए। टीम ने कुछ दवाइयों के सैंपल भी लिए हैं।



