Pakistan Jamiat Leader Mufti Shah Mir Murder Case | Kulbhushan Jadhav | कुलभूषण जाधव को अगवा कराने वाला मुफ्ती मारा गया: पाकिस्तान में अज्ञात हमलावरों ने गोली मारी; जाधव को पकड़वाने में ISI की मदद की थी

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क्वेटा10 मिनट पहले

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भारतीय नौसेना के पूर्व अधिकारी कुलभूषण जाधव को अगवा कराने में मदद करने वाले मुफ्ती शाह मीर की पाकिस्तान के बलूचिस्तान में मौत हो गई है। उसे शुक्रवार रात अज्ञात बंदूक धारियों ने गोली मार दी। मुफ्ती मीर ने ईरान से कुलभूषण जाधव को अगवा करने में पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI की मदद की थी।

शुक्रवार रात को नमाज के बाद वह मस्जिद से बाहर निकल रहा था। तभी बाइक सवार हमलावरों ने घात लगाकर उस पर हमला कर दिया और कई बार गोली मारी। पाकिस्तानी अखबार डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक गोली लगने के बाद उसे अस्पताल ले जाया गया था, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया।

ह्यूमन ट्रेफिकिंग (मानव तस्करी) और हथियारों की तस्करी में शामिल मुफ्ती मीर इस्लामिक कट्टरपंथी पार्टी जमीयत उलेमा-ए-इस्लाम का मेंबर था।

शाह मीर मुफ्ती होने की आड़ में गैर कानूनों काम करता था।

शाह मीर मुफ्ती होने की आड़ में गैर कानूनों काम करता था।

पाकिस्तान ने जाधव को जासूसी के आरोप में गिरफ्तार किया

पाकिस्तानी सेना 3 मार्च 2016 को बताया कि उसने कुलभूषण जाधव को बलूचिस्तान प्रांत से गिरफ्तार किया गया। पाकिस्तान ने उन पर जासूसी और देशविरोधी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप लगाया।

पाकिस्तान ने एक वीडियो जारी किया, जिसमें जाधव ने कथित तौर पर स्वीकार किया कि वह भारतीय खुफिया एजेंसी RAW के लिए काम कर रहे थे और बलूचिस्तान तथा कराची में अस्थिरता फैलाने में शामिल थे। हालांकि, भारत ने इसे खारिज कर दिया और इसे जबरन लिया गया बयान बताया।

भारत ने कहा कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसियों ने जाधव को ईरान से अगवा किया। जाधव रिटायरमेंट के बाद ईरान में बिजनेस कर रहे थे।

जाधव को मौत की सजा सुनाई, फिलहाल जेल में बंद

जाधव पर पाकिस्तान की सैन्य अदालत में मुकदमा चलाया गया। 10 अप्रैल 2017 को सैन्य अदालत ने उन्हें जासूसी, आतंकवाद और देशविरोधी गतिविधियों के आरोप में मौत की सजा सुनाई। भारत ने इस फैसले की कड़ी निंदा की और मामले में पारदर्शिता नहीं बरतने का आरोप लगाया।

मई 2017 में, भारत ने अंतरराष्ट्रीय न्यायालय (ICJ) का रुख किया और पाकिस्तान पर वियना संधि के उल्लंघन का आरोप लगाया। भारत ने तर्क दिया कि जाधव को निष्पक्ष सुनवाई नहीं दी गई और उनके अधिकारों का उल्लंघन किया गया।

ICJ ने जाधव की फांसी पर रोक लगाते हुए अंतिम निर्णय तक उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने का आदेश दिया। जुलाई 2019 में, ICJ ने भारत के पक्ष में फैसला सुनाया और पाकिस्तान को निर्देश दिया कि वह जाधव की सजा की समीक्षा करे और निष्पक्ष मुकदमा सुनिश्चित करे। फिलहाल कुलभूषण जाधव पाकिस्तान की जेल में बंद हैं।

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