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2 घंटे पहले
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तस्वीर में रूस के राष्ट्रपति पुतिन वैगनर आर्मी के चीफ प्रिगोजिन के साथ नजर आ रहे हैं। (फाइल)
रूस के राष्ट्रपति पुतिन ने पहली बार वैगनर चीफ प्रिगोजिन की मौत की वजह पर बात की है। पुतिन ने कहा- प्रिगोजिन के प्लेन में विस्फोट अंदर रखे ग्रेनेड बमों के फटने से हुआ था। गुरुवार को पुतिन ने कहा- प्रिगोजिन के प्लेन पर कोई मिसाइल हमला नहीं हुआ था, बल्कि उसके अंदर ही ब्लास्ट हुआ था। विमान के अंदर मिले शवों पर विस्फोटकों के सबूत मिले हैं। इसमें हैंड ग्रेनेड के टुकड़े शामिल हैं।
ब्लैक सी के पास स्थित सोची शहर में एक मीटिंग के दौरान पुतिन ने कहा- जांच अधिकारियों को इस बात की भी जांच करनी चाहिए थी कि क्या विस्फोट में मरने वाले लोगों ने शराब और ड्रग्स ले रखे थे। हालांकि, ऐसा नहीं हुआ। पुतिन ने बताया कि प्रिगोजिन का प्लेन क्रैश होने के बाद सेंट पीटर्सबर्ग में वैगनर के कार्यालयों की तलाशी ली गई थी।

पुतिन ने गुरुवार को ब्लैक सी के पास स्थित सोची शहर में हुई मीटिंग में प्रिगोजिन से जुड़े सवालों के जवाब दिए।
पुतिन बोले- वैगनर आर्मी का रूस में अनुभव ज्यादा अच्छा नहीं
इस दौरान वहां से करीब 832 करोड़ रुपयों के साथ 5 किलो कोकीन बरामद हुआ था। वैगनर आर्मी के भविष्य पर एक सवाल के जवाब में पुतिन ने कहा- ऐसे ग्रुप्स पर अभी देश में कोई कानून नहीं है। रूस में उनके काम करने का अनुभव कुछ खास अच्छा नहीं रहा है। अभी रूस में इस बात को लेकर एक राय नहीं बन पाई है कि देश को इनकी जरूरत है या नहीं।
पुतिन ने कहा- मैं एक बात साफ तौर पर बता सकता हूं कि वैगनर आर्मी के हजारों लड़ाके अब तक रूस की आर्म्ड फोर्स के साथ कॉन्टैक्ट साइन कर चुके हैं। प्रिगोजिन के प्लेन में ग्रेनेड कहां से आए और ये कैसे फट गए इस बारे में फिलहाल कोई जानकारी सामने नहीं आई है। रूस की जांच एजेंसी ने अब तक अपनी आधिकारिक रिपोर्ट भी पेश नहीं की है।
अमेरिकी एजेंसी ने दावा किया था- प्रिगोजिन के प्लेन पर मिसाइल हमला हुआ
प्रिगोजिन की मौत के कुछ समय बाद अमेरिका की खुफिया एजेंसी ने दावा किया था कि उसके विमान पर किसी ने हमला करवाया था। कुछ रिपोर्ट्स में ये भी कहा गया था कि प्रिगोजिन के प्लेन पर मिसाइल हमला हुआ था। अमेरिकी खुफिया रिपोर्ट में इस बात का भी दावा किया गया था कि वैगनर चीफ पर ये हमला पुतिन ने ही करवाया था क्योंकि वो अपने दुश्मनों को मरवा देते हैं।

फुटेज में प्रिगोजिन का प्लेन नीचे गिरता दिख रहा है।
बगावत के ठीक 2 महीने बाद हुई थी प्रिगोजिन की मौत
हालांकि, रूस ने तभी अमेरिकी दावों को सिरे से खारिज कर दिया था। रूस में पुतिन के बागी वैगनर चीफ की 23 अगस्त को हुई मौत अब तक एक गुत्थी बनी हुई है। रूस की एविएशन मिनिस्ट्री के मुताबिक, पैसेंजर लिस्ट में प्रिगोजिन का नाम था और वो इसमें सवार थे। वो प्राइवेट आर्मी वैगनर ग्रुप के चीफ थे। क्रैश में 10 लोग मारे गए थे।
यह एयरक्राफ्ट मॉस्को से सेंट पीटर्सबर्ग जा रहा था। प्रिगोजिन के अलावा इस प्लेन में प्राइवेट आर्मी के को-फाउंडर और पूर्व रूसी स्पेशल फोर्स कमांडर दिमित्री उत्किन भी सवार थे। वैगनर के और भी अधिकारी विमान में मौजूद थे।
पुतिन बोले- प्रिगोजिन ने कुछ गलतियां की थीं, लेकिन वो टैलेंटेड थे
24 अगस्त को प्रिगोजिन की मौत के करीब 24 घंटे के बाद राष्ट्रपति पुतिन का बयान सामने आया था। उन्होंने वैगनर चीफ की मौत पर दुख जताया था। पुतिन ने कहा था- प्रिगोजिन टैलेंटेड कारोबारी थे। मुझे प्लेन क्रैश में उनकी मौत का अफसोस है। उन्होंने कुछ बड़ी गलतियां की थीं, लेकिन कई अच्छे काम भी किए थे।
पुतिन ने आगे कहा था- मैं उन्हें काफी लंबे वक्त से जानता था। पहली बार 1990 के आसपास उनसे मुलाकात हुई थी। उनको लेकर कुछ दिक्कतें जरूर थीं। जहां तक मुझे जानकारी है, प्रिगोजिन बुधवार को ही अफ्रीका से वापस मॉस्को आए थे। यूक्रेन में वैगनर ने जो किया, उसे हम भूल नहीं सकते। इस प्लेन क्रैश की जांच में कुछ वक्त लगेगा।

प्रिगोजिन की मौत के बाद उन्हें मॉस्को में श्रद्धांजलि दी गई थी।
23 जून को वैगनर ने किया था विद्रोह
23 जून को वैगनर ग्रुप ने रूस के खिलाफ विद्रोह की घोषणा की थी। वैगनर आर्मी यूक्रेन के कैंप छोड़कर रूसी सीमा में दाखिल हो गई थी। उसने रोस्तोव शहर और मिलिट्री हेडक्वार्टर पर कब्जा कर लिया था। प्रिगोजिन ने तब कहा था- हम मरने से नहीं डरते। उन्होंने दावा किया था वैगनर लड़ाकों ने रूसी सेना के कई हेलिकॉप्टर्स को मार गिराया था। RT के मुताबिक, प्रिगोजिन ने रूस के रक्षा मंत्री को रोस्तोव आकर उनसे मिलने के लिए कहा था।

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