NCP Symbol Controversy; Sharad Pawar | BJP Ajit Pawar | शरद और अजित दोनों गुटों को बुलाया; शरद बोले- सिंबल चला भी जाए तो चिंता नहीं

मुंबई43 मिनट पहले

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अजित पवार जुलाई में NCP से बगावत कर भाजपा-शिवसेना की सरकार में शामिल हो गए थे।

इलेक्शन कमीशन आज यानी 6 अक्टूबर को NCP के इलेक्शन सिंबल के अधिकार पर सुनवाई करेगा। कमीशन ने शरद और अजित दोनों गुटों को पर्सनल सुनवाई के लिए बुलाया है। ये दोनों ही गुट पार्टी पर अपना दावा कर रहे हैं।

उधर, शरद पवार ने गुरुवार को दिल्ली में कहा कि NCP का चुनाव चिन्ह बदलने की कोशिश हो सकती है। अगर पार्टी का चुनाव चिन्ह चला भी जाए तो कार्यकर्ताओं को चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है। सिंबल बदलने से लोग नहीं बदलते हैं। उन्हें पता होता है कि कौन सा बटन दबाना है। मैंने अलग-अलग चुनाव चिन्हों पर चुनाव लड़े और जीते हैं।

अजित पवार जुलाई में बगावत कर डिप्टी CM बने थे

अजित पवार महाराष्ट्र के वित्त मंत्री हैं और पुणे के गार्जियन मिनिस्टर हैं।

अजित पवार महाराष्ट्र के वित्त मंत्री हैं और पुणे के गार्जियन मिनिस्टर हैं।

इसी साल जुलाई में अजित पवार ने शरद पवार से बगावत कर दी थी। वे 2 जुलाई को NCP के आठ विधायकों के साथ भाजपा-शिवसेना (एकनाथ शिंदे) के नेतृत्व वाली महाराष्ट्र सरकार में शामिल हो गए थे। अजित महाराष्ट्र के उप-मुख्यमंत्री बनाए गए थे। ​​

इसके बाद अजित गुट ने पार्टी के नाम और इलेक्शन सिंबल पर अपना दावा किया था। अजित ने 40 विधायकों के समर्थन से खुद को पार्टी का नया प्रेसिडेंट भी घोषित कर दिया था। वहीं, शरद पवार गुट ने चुनाव आयोग से कहा था कि पार्टी में कोई विवाद नहीं है। सिर्फ कुछ शरारती लोग अपने व्यक्तिगत हितों के लिए पार्टी से अलग गए हैं। पूरी खबर पढ़ें…

सरकारी कार्यक्रमों में पॉलिटिकल बातें करने वाले पहले PM हैं मोदी: पवार

नई दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया में गुरुवार को NCP (शरद गुट) की वर्किंग कमेटी की मीटिंग हुई।

नई दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया में गुरुवार को NCP (शरद गुट) की वर्किंग कमेटी की मीटिंग हुई।

पवार ने गुरुवार को कहा कि नरेंद्र मोदी पहले प्रधानमंत्री हैं जो सरकारी कार्यक्रमों में राजनीतिक बातें करते हैं। उन्होंने कहा- मैंने कई प्रधानमंत्रियों को देखा है। कॉलेज के समय जवाहरलाल नेहरू को देखा। बाद में इंदिरा गांधी, नरसिम्हा राव और एचडी देवगौड़ा को देखा। आज के पीएम और पहले के पीएम में फर्क है।

पहले PM विकास प्रोजेक्ट के उद्घाटन के लिए जाते थे तो वहां कोई राजनीतिक टिप्पणी नहीं करते थे। आर्मी का कोई कार्यक्रम होता था तो प्रधानमंत्री वहां पर देश की रक्षा की बात करते थे। विपक्ष को गालियां नहीं देते थे। आज नरेंद्र मोदी रेलवे लाइन का उद्घाटन करने जयपुर जाते हैं। वहां, उनकी रेलगाड़ी विपक्ष की ओर निकल जाती है। वे भूल जाते हैं कि वे प्रधानमंत्री हैं और प्रशासन के प्रमुख हैं।

पवार बोले- भाजपा को अपना इलेक्शन सिंबल बदलना चाहिए
शरद पवार ने गुरुवार को कहा कि भाजपा को अपना इलेक्शन सिंबल बदल लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि मीडिया ने लोगों से पूछा कि भाजपा को नया चुनाव चिन्ह क्या रखना चाहिए। इस पर लोगों ने कहा कि कमल के फूल की जगह वॉशिंग मशीन को चुनाव चिन्ह बनाना चाहिए। नेताओं की धुलाई के लिए।

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