Bangladesh will buy rice from India | तनाव के बीच भारत से चावल खरीदेगा बांग्लादेश: 27 हजार टन की पहली खेप चटगांव पहुंची; कहा- भविष्य के संकट से बचने के लिए किया फैसला

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ढाका23 मिनट पहले

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बांग्लादेश ने भविष्य के संकट से बचने के लिए भारत से 2 लाख टन चावल खरीदने का फैसला किया है।

भारत और बांग्लादेश में लगातार बढ़ती तल्खी के बाद भी व्यापार जारी है। बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने भारत से चावल इंपोर्ट करना शुरू कर दिया है। बांग्लादेश ने भारत से 2 लाख टन चावल खरीदने का फैसला किया है। शुक्रवार को 27 हजार टन चावल की पहली खेप बांग्लादेश के चटगांव पहुंच गई है।

बांग्लादेश के एक फूड अधिकारी ने न्यूज एजेंसी ANI को बताया कि इस वक्त बांग्लादेश में चावल की कोई कमी नहीं है। हालांकि, हाल ही में आई भीषण बाढ़ के कारण सरकार ने भविष्य में संकट से बचने के लिए चावल इंपोर्ट करने का फैसला किया है।

उन्होंने कहा- बांग्लादेश की अंतरिम सरकार 2 लाख टन उबले चावल के अलावा टेंडर के जरिए भारत से 1 लाख टन चावल का इंपोर्ट करेगी।

G2G लेवल पर और ज्यादा चावल इंपोर्ट करने का प्लान

अधिकारी ने कहा- टेंडर के अलावा हमारा प्लान सरकार से गवर्नमेंट टू गवर्नमेंट (G2G) लेवल पर भारत से और ज्यादा चावल इंपोर्ट करने का है। इसके अलावा भारत के प्राइवेट एक्सपोर्ट्स से अब तक 16 लाख टन चावल आयात करने के लिए बांग्लादेश सरकार से परमिशन ले ली है।

उन्होंने बताया कि हमने म्यांमार के साथ 1 लाख टन चावल इंपोर्ट करने के लिए G2G समझौते पर भी हस्ताक्षर किए हैं। इसके साथ ही वियतनाम और पाकिस्तान से भी इसे लेकर चर्चा कर रहे हैं।

बांग्लादेश ने कीमतों को स्थिर रखने के लिए चावल के इंपोर्ट पर सभी ड्यूटी हटा ली है। भारत से प्राइवेट लेवल पर जीरो इंपोर्ट ड्यूटी के साथ बड़ी मात्रा में चावल का निर्यात किया जा रहा है।

भारत ने भी बांग्लादेश की नई सरकार के साथ काम करने की इच्छा जताई है। बांग्लादेश में भारत के हाई कमिश्नर प्रणय कुमार वर्मा ने हाल ही में कहा कि 5 अगस्त के उथल-पुथल भरे बदलावों के बाद भी, मुझे लगता है कि हमने बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के साथ पूरी ईमानदारी से काम किया है।

बांग्लादेश में भारत के हाई कमीश्नर प्रणय कुमार वर्मा का कहना है कि शेख हसीना का तख्तापलट होने के बाद भी हमने अंतरिम सरकार के साथ पूरी ईमानदारी से काम किया है।

बांग्लादेश में भारत के हाई कमीश्नर प्रणय कुमार वर्मा का कहना है कि शेख हसीना का तख्तापलट होने के बाद भी हमने अंतरिम सरकार के साथ पूरी ईमानदारी से काम किया है।

हिंदू धार्मिक स्थलों पर हमले से बढ़ी रिश्तों में तल्खी

बांग्लादेश और भारत के रिश्तों में पिछले कुछ वक्त में तल्खी काफी ज्यादा बढ़ गई है। शेख हसीना का तख्तापलट होने के बाद से लगातार हिंदू नेताओं और धार्मिक स्थलों को निशाना बनाया जा रहा है। इसके अलावा भारत को लेकर भी कई तरह के भड़काऊ बयान दिए जा रहे हैं। हिंदू धर्मगुरु चिन्मय प्रभु देशद्रोह के आरोप में 25 नवंबर से जेल में बंद हैं। इसे लेकर भी दोनों देशों ने काफी तल्ख बयान दिए हैं।

आरक्षण के खिलाफ आंदोलन ने किया था तख्तापलट

बता दें कि इस साल बांग्लादेश में 5 जून को हाईकोर्ट ने जॉब में 30% कोटा सिस्टम लागू किया था, इसके बाद से ही ढाका में यूनिवर्सिटीज के स्टूडेंट्स प्रोटेस्ट कर रहे थे। यह आरक्षण स्वतंत्रता सेनानियों के परिवारों को दिया जा रहा था। यह आरक्षण खत्म कर दिया गया तो छात्रों ने प्रधानमंत्री शेख हसीना के इस्तीफे की मांग शुरू कर दी। देखते ही देखते बड़ी संख्या में छात्र और आम लोग प्रधानमंत्री और उनकी सरकार के खिलाफ सड़क पर उतर आए।

इस प्रोटेस्ट के दो महीने बाद 5 अगस्त को शेख हसीना ने प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया और बांग्लादेश छोड़कर भारत आ गईं। इसके बाद अंतरिम सरकार की स्थापना की गई।

शेख हसीना की यह फुटेज 5 अगस्त की है। वे हेलिकॉप्टर में बैठ रही हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक उन्हें देश छोड़ने के लिए 1 घंटे से भी कम समय मिला था।

शेख हसीना की यह फुटेज 5 अगस्त की है। वे हेलिकॉप्टर में बैठ रही हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक उन्हें देश छोड़ने के लिए 1 घंटे से भी कम समय मिला था।

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