PM Narendra Modi World Peace Award; AIAM | Washington University | PM मोदी को अमेरिका में विश्व शांति पुरस्कार मिला: अमेरिकी संगठन ने अल्पसंख्यकों के हितों की रक्षा के लिए सम्मानित किया

[ad_1]

वॉशिंगटन20 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

प्रधानमंत्री मोदी को वाशिंगटन ऐडवेंटिस्ट यूनिवर्सिटी और एक संगठन अमेरिका इंडिया माइनॉरिटी एसोसिएशन (AIAM) ने मिलकर ‘डॉ. मार्टिन लूथर किंग जूनियर विश्व शांति पुरस्कार’ से सम्मानित किया है। उन्हें यह पुरस्कार समाज में शांति के लिए उनकी कोशिशों और अल्पसंख्यकों के हितों की रक्षा के लिए दिया गया है।

AIAM एक गैर-सरकारी संस्था है, जिसका मकसद अमेरिका में भारतीय अमेरिकी प्रवासियों के बीच एकता कायम करना है। संगठन के अध्यक्ष जसदीप सिंह ने कहा कि PM मोदी की लीडरशिप में भारत ने एक समावेशी नजरिया अपनाया है, जिसमें सभी नागरिकों के लिए बराबर के मौके हैं।

पीएम मोदी की विकसित भारत यात्रा से प्रभावित है संगठन

AIAM के संस्थापक जसदीप सिंह ने कहा कि पीएम मोदी की अगुवाई में भारत समावेशी विकास कर रहा है। इसमें सभी धर्मों के लोगों को बराबर अवसर मिल रहे हैं। वहीं इंडियन माइनॉरटीज फेडरेशन के कन्वेनर और संसद सदस्य सतनाम सिंह संधू ने कहा कि ‘सबका साथ, सबका विकास’ ने समाज में एकता बढ़ाने और का काम किया है और सबको बराबर अवसर दिए है।

भारतीय-अमेरिकन यहूदी निस्सिम रिव्बेन ने प्रधानमंत्री मोदी के भारत के यहूदी कम्युनिटी के साथ ऐतिहासिक संबंधों को मजबूत करने की सराहना की। रिव्बेन ने कहा –

QuoteImage

“यह बात बहुत कम लोग जानते हैं कि कलकत्ता में हमारे 120 साल पुराने यहूदी लड़कियों के स्कूल और मुंबई के दो ससून स्कूलों में, ज्यादातर छात्र मुस्लिम हैं। मिडल ईस्ट में भयंकर हिंसा के दौर में भी इन स्कूलों पर किसी ने एक भी पत्थर नहीं फेंका। ये स्कूल मुस्लिम बहुल इलाकों में हैं। इससे भारतीय लोगों के सद्भाव का पता चलता है।”

QuoteImage

——————————

प्रधानमंत्री मोदी से जुड़ी से खबरें भी पढ़ें…

कनाडा की सफाई- निज्जर हत्या में मोदी का नाम नहीं:इसके कोई सबूत नहीं, कनाडाई मीडिया का आरोप- मोदी को साजिश के बारे में पता था

कनाडा सरकार ने उन मीडिया रिपोर्ट्स को खारिज किया है, जिनमें कहा गया था कि प्रधानमंत्री मोदी को खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या की प्लानिंग की जानकारी थी। कनाडाई अखबार द ग्लोब एंड मेल की रिपोर्ट की एक रिपोर्ट में दावा किया गया था कि विदेश मंत्री एस जयशंकर और NSA अजीत डोभाल भी इस बारे में जानते थे।

ट्रूडो सरकार की तरफ से शुक्रवार को बयान जारी करके साफ किया गया कि इस बात का कोई सबूत नहीं है कि कनाडा में आपराधिक गतिविधियों से भारत के प्रधानमंत्री, विदेश मंत्री और NSA का लिंक है। पूरी खबर पढ़ें…

खबरें और भी हैं…

[ad_2]

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *