Western countries divided over Netanyahu | नेतन्याहू पर पश्चिमी देश बंटे: कोर्ट से गिरफ्तारी वारंट जारी होने पर अमेरिका नाराज; कनाडा, इटली और नीदरलैंड बोले- हमारे यहां आए तो गिरफ्तार करेंगे

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तेल अवीव5 मिनट पहले

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इजराइली PM बेंजामिन नेतन्याहू ने अंतरराष्ट्रीय कोर्ट के फैसले के बाद बयान जारी किया है।

इजराइली PM बेंजामिन नेतन्याहू पर अंतरराष्ट्रीय क्रिमिनल कोर्ट (ICC) के लगाए वॉर क्राइम के आरोपों और अरेस्ट वारंट पर पश्चिमी देश आपस में बंट गए हैं। न्यूज एजेंसी AP के मुताबिक अमेरिका ने गिरफ्तारी वारंट को मानने से इनकार कर दिया है। वहीं कनाडा, नीदरलैंड और इटली ने कहा है कि अगर नेतन्याहू उनके देश आते हैं तो उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा।

इटली के रक्षा मंत्री गुइडो क्रोसिटो ने कहा कि उनका देश ICC के नियमों को मानेगा। उन्होंने कहा कि वे ICC के इस आरोप से इनकार करते हैं कि हमास और इजराइल एक जैसे हैं, लेकिन फिर भी अगर नेतन्याहू इटली आते हैं तो उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा। हम नियमों से बंधे हुए हैं।

कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने कहा है कि ICC के सदस्य होने के नाते वे नियमों का पालन करेंगे। नीदरलैंड के विदेश मंत्री कैस्पर वेल्डकैम्प ने कहा कि वे नियमों का 100% पालन करेंगे और नेतन्याहू के डच जमीन पर पैर रखते ही उन्हें गिरफ्तार कर लेंगे।

इस बीच अमेरिका ने ICC के आदेश को मानने ने इनकार किया है। व्हाइट हाउस की प्रवक्ता कैरीन जीन पियरे कोर्ट के फैसले लेने के तरीके पर सवाल उठाए हैं और इसे ‘जल्दबाजी’ बताया है। अमेरिका ICC का मेंबर देश नहीं है।

इजराइली PM बेंजामिन नेतन्याहू और पूर्व रक्षा मंत्री योव गैलेंट के खिलाफ गुरुवार को अंतरराष्ट्रीय क्रिमिनल कोर्ट ने अरेस्ट वारंट जारी किया है। तस्वीर 31 अक्टूबर 2024 की एक मिलिट्री इवेंट की है।

इजराइली PM बेंजामिन नेतन्याहू और पूर्व रक्षा मंत्री योव गैलेंट के खिलाफ गुरुवार को अंतरराष्ट्रीय क्रिमिनल कोर्ट ने अरेस्ट वारंट जारी किया है। तस्वीर 31 अक्टूबर 2024 की एक मिलिट्री इवेंट की है।

नेतन्याहू ने क्रिमिनल कोर्ट के जजों पर पक्षपात का आरोप लगाया इजराइली PM बेंजामिन नेतन्याहू ने शुक्रवार को अंतरराष्ट्रीय क्रिमिनल कोर्ट के उन पर और पूर्व रक्षा मंत्री योव गैलेंट पर लगे आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए खारिज किया है। उन्होंने कोर्ट के जजों पर पक्षपात के आरोप लगाए हैं। नेतन्याहू ने कहा है कि ICC संवैधानिक तौर पर चुने गए प्रधानमंत्री पर गलत आरोप लगा रहा है। हम आम लोगों को टारगेट नहीं कर रहे। हम पूरी कोशिश कर रहे हैं कि जनहानि टाली जाए।

इजराइली PM ने अपना बचाव करते हुए हमास पर आम लोगों की जान खतरे में डालने का आरोप लगाया है। उन्होंने बताया कि इजराइल गाजा के लोगों को खतरे की चेतावनी देने के लिए लाखों कॉल, मैसेज, अनाउंसमेंट करता है और पर्चे फेंकता है। जबकि हमास के लड़ाके उन्हें खतरे में डालते हैं। उन्हें ह्यूमन शील्ड की तरह इस्तेमाल करते हैं।

नेतन्याहू ने यह भी बताया कि इजराइल गाजा को 7 लाख टन अनाज की सप्लाई कर चुका है।

अंतरराष्ट्रीय क्रिमिनल कोर्ट ने जारी किया था अरेस्ट वारंट

इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय क्रिमिनल कोर्ट (ICC) ने गुरुवार को अरेस्ट वारंट जारी किया था। अदालत ने नेतन्याहू को गाजा में युद्ध अपराध (वॉर क्राइम) और मानवता के खिलाफ अपराध के लिए आरोप तय किए। ICC ने माना कि हमास को मिटाने की आड़ में इजरायली सेना निर्दोषों का कत्ल कर रही है और उन्हें मरने के लिए छोड़ रही है।

इस मामले में हमास के पूर्व कमांडर मोहम्मद दाइफ के खिलाफ भी वारंट जारी हुआ है। वारंट में मोहम्मद दाइफ को इजराइल में 7 अक्टूबर को बड़े पैमाने पर हत्याओं, बलात्कार और लोगों को बंधक बनाकर साथ ले जाने का आरोप है। हालांकि, इजराइल ने दावा किया था कि उसने जुलाई में एक हमले में मोहम्मद दाइफ को मार दिया है।

ICC ने मार्च 2023 में पुतिन के खिलाफ अरेस्‍ट वारंट जारी किया था। पुतिन को यूक्रेन में बच्चों के अपहरण और डिपोर्टेशन के आरोपों को लेकर वॉर क्राइम्स के लिए जिम्मेदार बताया गया था।

2002 में शुरू हुआ इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट 1 जुलाई 2002 को इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट यानी ICC की शुरुआत हुई थी। ये संस्था दुनियाभर में होने वाले वॉर क्राइम, नरसंहार और मानवता के खिलाफ अपराधों की जांच करती है। ये संस्था 1998 के रोम समझौते पर तैयार किए गए नियमों के आधार पर कार्रवाई करती है।

इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट का मुख्यालय द हेग में है। ब्रिटेन, कनाडा, जापान समेत 123 देश रोम समझौते के तहत इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट के सदस्य हैं।

इजराइल-हमास जंग को 13 महीने हुए, 90% गाजा बर्बाद इजराइल-हमास जंग को 13 महीने हो चुके हैं। 7 अक्टूबर 2023 को इसकी शुरुआत हुई थी। हमास के सैकड़ों आतंकी गाजा पट्टी के रास्ते साउथ इजराइल में घुस गए। अंधाधुंध फायरिंग की। 1139 लोगों को मार दिया और 251 लोगों को अगवा करके ले गए। चंद घंटों बाद इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने हमास के खिलाफ जंग का ऐलान कर दिया।

इस जंग के शुरू होने के बाद से गाजा में 44 हजार से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं। गाजा हेल्थ मिनिस्ट्री के आंकड़ों के अनुसार, ये गाजा की आबादी का करीब 2% है। इजराइली सेना के मुताबिक, इनमें 17 से 18 हजार हमास के लड़ाके थे। इजराइल और हमास के बीच शुरू हुई जंग अब बढ़ते-बढ़ते लेबनान और ईरान तक पहुंच गई।

जून में जारी यूनाइटेड नेशन की रिपोर्ट के अनुसार, गाजा में खाना जुटाना चुनौती बन गया है। यहां के 50,000 बच्चे गंभीर कुपोषण का शिकार हैं। गाजा का हेल्थ सिस्टम ध्वस्त हो चुका है।

इजराइल की बमबारी में गाजा के ज्यादातर अस्पताल तबाह हो चुके हैं। डॉक्टर्स विदाउट बॉर्डर्स की अप्रैल की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि युद्ध से पहले यहां डायरिया के मामले 25 गुना बढ़े हैं। इंटरनेशनल क्राइसिस ग्रुप की रिपोर्ट के मुताबिक, 7 अक्टूबर से अब तक इजराइलियों ने फिलिस्तीनियों पर 1 हजार से ज्यादा हमले किए।

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