नई दिल्ली2 मिनट पहलेलेखक: अनिरुद्ध शर्मा
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अगले तीन महीनों में गगनयान मिशन का पहला अन-क्रू मिशन लांच होने वाला है। इसकी आखिरी तैयारियां चल रही हैं।
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने अगले 15 साल तक का पूरा रोडमैप तैयार कर लिया है। इसके लिए उसने साल 2040 तक स्पेस मिशन का कैलेंडर तैयार किया है। इससे भारत के स्पेस मिशन से जुड़ी कई जानकारियां सामने आई हैं।
इसी दिशा में अगले तीन महीनों में गगनयान मिशन का पहला अन-क्रू मिशन लांच होने वाला है। इसकी आखिरी तैयारियां चल रही हैं। इसके बाद दो रोबोटिक गगनयान जाएंगे, जिसमें ह्यूमनॉइड रोबोट व्योममित्र भेजा जाएगा। ह्यूमनॉइड का मतलब ऐसे रोबोट से है, जो आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस की मदद से इंसान जैसा बर्ताव कर सकता है।
2025 के आखिर या 2026 की शुरुआत में एस्ट्रोनॉट्स भेजने की योजना है। गगनयान मिशन के लिए चुने गए चार एस्ट्रोनॉट्स (गगनॉट) में दो भारतीय एस्ट्रोनॉट्स तीन दिन के लिए पृथ्वी की कक्षा में परिक्रमा करेंगे।

विक्रम साराभाई स्पेस सेंटर (VSSC) में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 27 फरवरी को चारों एस्ट्रोनॉट्स को एस्ट्रोनॉट विंग्स दिए थे।
ISRO 2029 तक 3 ह्यूमन फ्लाइट भेजेगा ISRO ने पांच साल में तीन बार दो-दो भारतीय एस्ट्रोनॉट्स को स्पेस में भेजने की योजना बनाई है। मिशन की सफलता के आधार पर एस्ट्रोनॉट्स और दिनों की संख्या बढ़ सकती है। पहले गगनयान मिशन के बाद 2026-27 में गगनयान की दूसरी ह्यूमन फ्लाइट और 2028-29 में तीसरी ह्यूमन फ्लाइट के जरिए एस्ट्रोनॉट्स को स्पेस में भेजने की योजना है।
अगले साल 6 सैटेलाइट लॉन्च होंगे ISRO अलगे साल छह सैटेलाइट लॉन्च करेगी। इसमें नेवी के लिए जीसैट-7आर, आर्मी के लिए जीसैट-7बी, ब्रॉडबैंड व इन-फ्लाइट कनेक्टिविटी के लिए जीसैट-एन2, डिफेंस, पैरामिलैट्री, रेलवे, फिशरीज के लिए जीसैट-एन3 के अलावा गगनयान के साथ कनेक्टिविटी बनाए रखने के लिए दो सैटेलाइट शामिल। 6 निगरानी उपग्रह भी लांच होंगे।

जनवरी, 2020 में ह्यूमनॉइ़ड व्योममित्र की पहली झलक सामने आई थी। व्योममित्र संस्कृत के दो शब्दों व्योम यानी आकाश या अंतरिक्ष और मित्र से मिलकर बना है।
ISRO का स्पेस मिशन कैलेंडर
- 2024-25 में इंसान को चंद्रमा की कक्षा में घुमाकर (लूनर फ्लाईबाई कराकर) वापस लाने का प्लान।
- 2026-27 में चंद्रयान-4 मिशन लांच करेगा। चंद्रमा की सतह से सैंपल (कलेक्शन/रिटर्न) लाने की योजना है। इसके बाद चंद्रयान-5 होगा, जो लूपेक्स मिशन कहलाएगा।
- 2028 में भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन का मॉड्यूल-1 स्पेस में भेजा जाएगा। इस दौरान स्वदेशी स्पेसक्राफ्ट डॉकिंग एक्सपेरिमेंट (स्पाडैक्स) का डेमो भी होगा। इसमें स्पेस में घूमते दो स्पेसक्राफ्ट को आपस में जोड़ा जा सकेगा।
- 2031 चंद्रमा पर ह्यूमनॉइड मिशन भेजा जाएगा।
- 2035 में भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन स्थापित करने की योजना है।
- 2037-38 में चंद्रमा की सतह पर भारतीय रोबोटिक ह्यूमनॉइड उतारने का प्लान। शुक्र ग्रह के अध्ययन के लिए शुक्रयान भेजेंगे।
- 2040 में चंद्रमा की सतह पर भारतीय के कदम रखने की योजना है।
क्या है मिशन गगनयान गगनयान भारत का पहला मानव अंतरिक्ष उड़ान मिशन है जिसके तहत चा र एस्ट्रोनॉट्स अंतरिक्ष में जाएंगे। यह 3 दिन का मिशन होगा, जिसके तहत एस्ट्रोनॉट्स के दल को 400 KM ऊपर पृथ्वी की कक्षा में भेजा जाएगा।इसके बाद क्रू मॉड्यूल को सुरक्षित रूप से समुद्र में लैंड कराया जाएगा। अगर भारत अपने मिशन में कामयाब रहा तो वो ऐसा करने वाला चौथा देश बन जाएगा। इससे पहले अमेरिका, चीन और रूस ऐसा कर चुके हैं।

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स्वतंत्रता दिवस के मौके पर ISRO ने गगनयान मिशन के एस्ट्रोनॉट्स की ट्रेनिंग का एक वीडियो जारी किया था। वीडियो में दिख रहा था कि एस्ट्रोनॉट्स को स्पेस जैसी एक सिमुलेटेड कंडीशन में ट्रेनिंग दी जा रही है। एस्ट्रोनॉट्स स्पेस मॉड्यूल के भीतर योग करते भी दिख रहे थे। पूरी खबर पढ़ें…
