ध्रांगध्रा तालुका के हरिपर गांव की सीमा के पास जंगल में दफनाया गया था बच्ची को।
गुजरात के सुरेंद्रनगर जिले में शर्मसार कर देने वाली एक घटना सामने आई है। यहां एक अज्ञात महिला 3 दिन की नवजात बच्ची को जमीन में गाड़ कर फरार हो गई। महिला ने बच्ची को जमीन में इस तरह दफनाया था कि वह सांस लेती रहे। इसी दौरान चरवाहों ने बच्ची की आवाज सुन
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मवेशी चरा रहे दो चरवाहों ने बच्ची की आवाज सुनी
सुरेंद्रनगर के गांधी अस्पताल में एडमिट बच्ची।
बच्ची को ध्रांगध्रा तालुका के हरिपर गांव की सीमा के पास जंगल में दफनाया गया था। बच्ची को देखने वाले चरवाहे रबारी कूकाभाई तेजाभाई और नरशीभाई ठाकोर ने बताया कि हम दोनों गांव की सीमा के पास अपने मवेशी चरा रहे थे। तभी बच्चे के रोने की आवाज सुनी। हम दौड़कर वहां पहुंचे तो देखा कि बच्ची जमीन में गड़ी हुई थी। उसका सिर जमीन से बाहर था, जिससे कि वह सांस ले सके। हमने बच्ची को उठाया और दौड़कर गांव पहुंचे। पूरी बात गांव के लोगों को बताई। फिर सरपंच ने पुलिस को सूचना दी।
बच्ची अब पूरी तरह स्वस्थ

बच्ची को 48 घंटों के लिए ऑक्सीजन पर रखा गया है।
इसके बाद बच्ची को प्राथमिक चिकित्सालय ले गए और यहां से उसे 108 एंबुलेंस से सुरेंद्रनगर के सिविल अस्पताल भेज दिया गया। मिली जानकारी के अनुसार सुरेंद्रनगर के गांधी अस्पताल में एडमिट बच्ची डॉक्टर्स की निगरानी हैं। बच्ची खतरे से बाहर है। फिलहाल उसे ऑक्सीजन पर रखा गया है। डॉक्टर्स ने बताया कि बच्ची का जन्म दो या तीन पहले ही हुआ है।
ऑटो वाले की पहचान हुई, महिला की तलाश जारी

सुरेंद्रनगर का गांधी अस्पताल, जहां बच्ची एडमिट है।
ध्रांगध्रा पुलिस थाने से मिली जानकारी के अनुसार कुछ घंटो पहले ही घटना वाली जगह एक ऑटो रिक्शा रुका था। पुलिस ने ऑटो की पहचान कर ली है। अब इसकी जांच जारी है कि उसमें बैठी महिला कौन थी और कहां से आई थी। गांव के आसपास के सीसीटीवी की जांच के अलावा आसपास के अस्पतालों से भी जानकारी ली जा रही है।
