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श्रीनगर3 घंटे पहले
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गुलाम नबी आजाद ने 26 अगस्त 2022 को कांग्रेस के सभी पदों से इस्तीफा दिया था और एक महीने बाद अपनी नई पार्टी बनाई थी।
जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री गुलाम नबी आजाद ने रविवार 1 अक्टूबर को खुद को उपराज्यपाल बनाए जाने की अफवाहों को खारिज कर दिया। कुछ खबरों में कहा जा रहा था कि गुलाम नबी को जम्मू-कश्मीर का लेफ्टिनेंट गवर्नर बनाया जाने वाला है। आजाद ने कहा- मुझे जम्मू-कश्मीर का उपराज्यपाल बनने में कोई दिलचस्पी नहीं है, ना ही मुझे काम की तलाश है। मैं कश्मीर के लोगों की सेवा करना चाहता हूं।
आजाद अपनी डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव आजाद पार्टी (DPAP) के स्थापना दिवस पर एक रैली को संबोधित कर रहे थे। आजाद ने कहा कि मैं लोगों से अनुरोध करूंगा कि वे अफवाह फैलाने वालों पर भरोसा ना करें, जो अति उत्साह में काम कर रहे हैं।
भाजपा के कहने पर जम्मू-कश्मीर लौटा हूं- आजाद
जब मैं 2005 में मुख्यमंत्री बनकर यहां आया था, तो मैंने लोगों की सेवा करने के लिए दो बेशकीमती केंद्रीय मंत्रालयों को छोड़ दिया था और आज भी ऐसा नहीं है कि मेरे पास काम नहीं था। कुछ लोग यह बताना चाह रहे हैं कि मैं पुनर्वास की तलाश में जम्मू आया हूं। उन्होंने जम्मू लौटने पर हो रही आलोचना पर कहा कि वे भाजपा के कहने पर जम्मू-कश्मीर की राजनीति में लौटे हैं।
बेरोजगारी-मुद्रास्फीति कश्मीर की 2 बड़ी समस्याएं
आजाद ने कहा कि बेरोजगारी और मुद्रास्फीति जम्मू-कश्मीर की दो मुख्य समस्याएं हैं, जिनका समाधान वह टूरिज्म को बढ़ावा देकर करना चाहते हैं। महंगाई बढ़ रही है। यह सच है कि मुद्रास्फीति केवल भारत के लिए नहीं है। यूरोप में मुद्रास्फीति सबसे ज्यादा है, लेकिन उनके पास इससे निपटने के अन्य साधन भी हैं। हम एक गरीब राज्य हैं।

पार्टी स्थापना दिवस का आयोजन जवाहर नगर म्युनिसिपल पार्क श्रीनगर में हुआ।
उन्होंने कहा, ” बेरोजगारी बढ़ रही है। कोई नौकरियां नहीं हैं। सरकार वेकैंसी ला रही है, लेकिन इंटरव्यू नहीं हो रहे हैं। पढ़े-लिखे लोगों के पास कोई नौकरी नहीं है और उनके माता-पिता ने उनकी शिक्षा पर अपनी सेविंग्स खर्च कर दी है।
गुलाम नबी ने यह भी कहा- मुख्यमंत्री के रूप में मेरी योजना जम्मू-कश्मीर के हर जिले में 10 से 12 टूरिज्म स्पॉट बनाने और लोगों को होमस्टे शुरू करने के लिए लोन दिलाने की योजना थी, जिससे उन्हें रोजगार मिल सकें।
370 खत्म करना बड़ी गलती थी
आजाद ने 2019 में अनुच्छेद 370 और अनुच्छेद 35ए को खत्म करने पर कहा कि यह एक बड़ी गलती थी। पिछले सालों में कुछ राजनैतिक गलतियां हुईं, जिन्होंने कश्मीर को आगे बढ़ने के बजाय पीछे धकेल दिया। पिछले नौ साल में एक और बड़ी गलती हुई- धारा 370 और धारा 35ए हटाई गई।
आजाद बोले- अनुच्छेद 35ए और अनुच्छेद 35बी स्वतंत्रता के बाद लागू नहीं किया गया था। इसे 1925 में महाराजा (हरि सिंह) लाए थे। मैंने संसद में भी कहा था कि अगर भाजपा को पता होता तो वे इसे नहीं छूते। इस गलती ने हमें और पीछे धकेल दिया। इस बात को लेकर अनिश्चितता है कि जमीन हमारे पास रहेगी या नहीं।
ड्रग्स का कारोबार करने वालों को फांसी पर लटकाया जाए
आजाद ने पार्टी नेताओं से विरोधियों पर निजी हमले नहीं करने को कहा। उन्होंने कहा, ”मैंने पहले भी कहा है कि हमारे साथ राजनीतिक धोखाधड़ी हुई है, लेकिन मैं किसी की शक्ल-सूरत पर कमेंट क्यों करूं?”
उन्होंने जम्मू-कश्मीर में ड्रग माफिया चलाने वालों के लिए मौत की सजा की मांग की। आजाद बोले- यह एक बड़ी समस्या बन गई है। नशे का कारोबार करके कई लोग करोड़पति बन गए हैं। उन्हें फांसी पर लटकाया जाना चाहिए।
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गुलाम नबी बोले- हिंदू धर्म इस्लाम से बहुत पुराना

जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री गुलाम नबी आजाद ने कहा कि हिंदू धर्म इस्लाम से कहीं ज्यादा पुराना है। हिंदू धर्म सबसे पुराना धर्म है। केवल 10-20 मुसलमान मुगल सेना का हिस्सा बनकर भारत आए थे, बाकी का धर्म परिवर्तन कर दिया गया। पढ़ें पूरी खबर…
UCC लाना 370 हटाने जैसा आसान नहीं

गुलाम नबी ने केंद्र सरकार को देश में समान नागरिक संहिता (UCC) न लागू करने की सलाह दी। आजाद ने कहा कि UCC को लागू करना कश्मीर से अनुच्छेद 370 को खत्म करने जितना आसान नहीं होगा। इसे लागू करने का कोई सवाल ही नहीं है। क्योंकि इसमें सभी धर्मों के लोग शामिल हैं। पढ़ें पूरी खबर…
