POLAR BEAR: 8 साल बाद पहली बार दिखा था दुर्लभ सफेद भालू, बूढ़ी महिला की फंसी जान, तो पुलिस ने मार दी गोली

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नई दिल्ली. आइसलैंड में काफी लंबे समय बाद दिखाई देने वाले एक सफेद भालू (Polar Bear) को इसलिए गोली मार दी गई क्योंकि उससे स्थानीय लोगों को खतरा था. बताया जा रहा है कि इनवायरमेंट एजेंसी से जब इस पोलर बीयर को लेकर सलाह मशविरा किया गया, तो वह भी जानवर को उस जगह से दूसरी जगह पर भेजने के खिलाफ था, जिसके बाद 19 सितंबर को यह कदम उठाना पड़ा.

एपी ने वेस्टफॉर्ड्स पुलिस चीफ हेल्गी जेनसन के हवाले से कहा, “हम ऐसा नहीं करना चाहते थे. हमें यह बिल्कुल पसंद नहीं.” उन्होंने आगे कहा कि भालू एक समर हाउस के बहुत करीब था, जहां एक बूढ़ी औरत थी. उस समय अकेली महिला ने डर के मारे खुद को ऊपर की मंजिल पर बंद कर लिया क्योंकि भालू उसके कचरे में कुछ खोजबीन कर रहा था. डर के मारे बुजुर्ग महिला ने सैटेलाइट लिंक के ज़रिए रेक्जाविक में अपनी बेटी से संपर्क किया.

यह बताते हुए कि गर्मियों में रहने वाले अन्य लोग पहले ही उस इलाके को छोड़ चुके थे और महिला जानती थी कि ऐसा कोई खतरा सामने आ सकता है, जेनसन ने कहा, “लेकिन फिर भी वह वहीं रुकी रही.” आइसलैंडिक इंस्टीट्यूट ऑफ नेचुरल हिस्ट्री में साइंटिफिक कलेक्शन की डायरेक्टर अन्ना स्वेन्सडॉटिर के मुताबिक, सफेद भालू आइसलैंड के मूल निवासी नहीं हैं, लेकिन कभी-कभी ग्रीनलैंड से बर्फ के टुकड़ों पर यात्रा करके आइसलैंड के तटों पर आ जाते हैं. पिछले कुछ हफ़्तों में उत्तरी तट पर कई आईसरॉक देखे गए हैं.

19 सितंबर को मारा गया भालू आइसलैंड में 2016 के बाद पहली बार देखा गया था. नौवीं शताब्दी के बाद से यह मौका सिर्फ़ 600वीं बार आया था. रिपोर्ट में कहा गया है कि भालू का वज़न 150 से 200 किलोग्राम के बीच होने का अनुमान है, जिसे आगे की स्टडी के लिए आइसलैंडिक इंस्टीट्यूट ऑफ़ नेचुरल हिस्ट्री में ले जाया जाएगा. एपी रिपोर्ट के अनुसार, हालांकि सफेल भालू, जिसे ध्रुवीय भालू भी कहते है देश में संरक्षित प्रजाति है, लेकिन यदि वे मनुष्यों या पशुओं के लिए खतरा पैदा करते हैं तो अधिकारी घातक कार्रवाई कर सकते हैं.

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