Supreme Cout; L Murugan Defamation Complaint Case | BJP | सुप्रीम कोर्ट बोला- राजनीति में संवेदनशील नहीं हो सकते: केंद्रीय मंत्री ने DMK की ट्रस्ट पर आरोप लगाए थे; कोर्ट बोला- इसमें मानहानि का सवाल कहां

नई दिल्ली22 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

भारतीय जनता पार्टी के नेता एल मुरुगन, केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण राज्य मंत्री भी हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण राज्य मंत्री एल मुरुगन से कहा कि राजनीति में आप संवेदनशील नहीं हो सकते। जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस केवी विश्वनाथन की बेंच ने 19 सितंबर की सुनवाई के दौरान मुरुगन के वकील ने कहा, ‘इस मामले में मानहानि का सवाल ही कहां है?’

ट्रस्ट के वकील ने मामले में स्थगन की मांग की थी। ट्रस्ट के वकील की अपील पर मामले की सुनवाई 4 हफ्ते बाद होगी। कोर्ट ने मुरासोली ट्रस्ट से भी जवाब मांगा था।

मामला दिसंबर 2020 का है, जब एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुरुगन ने चेन्नई की मुरासोली ट्रस्ट के खिलाफ आरोप लगाया था कि मुरासोली तमिलनाडु में दलितों के लिए बनी जमीन पर चल रहा है।

मुरुगन ने मद्रास हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती दी थी मुरुगन ने मद्रास हाईकोर्ट के 5 सितंबर 2023 के आदेश को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाई थी। हाईकोर्ट ने उनके खिलाफ कार्यवाही को रद्द करने से इनकार कर दिया गया था। कोर्ट ने कहा था- मुरुगन ने आम जनता की नजर में मुरासोली ट्रस्ट की प्रतिष्ठा खराब करने के लिए बयान दिए थे।

हालांकि मुरुगन ने अपना पक्ष रखते हुए कहा था कि मानहानि का बयान ट्रस्ट के खिलाफ नहीं दिया गया था, इसलिए कोई मामला नहीं बनता।

27 सितंबर 2023 को सुप्रीम कोर्ट याचिका पर सुनवाई के लिए तैयार हो गया था। साथ ही चेन्नई की एक विशेष अदालत की कार्यवाही पर भी रोक लगा दी थी।

मुरुगन के वकील ने दावा किया था कि यह बयान मानहानि के दायरे में नहीं आता। यह मामला न्याय प्रक्रिया का दुरुपयोग है।

मुरुगन तमिलनाडु भाजपा के सीनियर लीडर हैं। केंद्र में मंत्री पद संभालने से पहले वह तमिलनाडु में BJP अध्‍यक्ष थे। मुरुगन को BJP ने मध्‍य प्रदेश से राज्‍यसभा भेजा है।

तमिलनाडु सरकार ने मद्रास हाईकोर्ट को बताया था कि राजस्व विभाग के मुताबिक कोडम्बक्कम में जिस जगह मुरासोली ऑफिस बना है। वह अंजुगम प्रकाशन की है, पंचमी लैंड नहीं है। अंजुगम प्रकाशन ने पार्वती माधवन नायर से जमीन खरीदी थी, जिन्होंने इसे एक जर्मन फर्म से खरीदा था।

खबरें और भी हैं…

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *