नई दिल्ली2 मिनट पहले
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पुणे के बीजे मेडिकल कॉलेज में महाराष्ट्र स्टेट एसोसिएशन ऑफ रेजिडेंशियल डॉक्टर्स (सेंट्रल-एमएआरडी) के मेंबर्स ने शुक्रवार (16 अगस्त) को कोलकाता रेप-मर्डर घटना के विरोध में प्रदर्शन किया।
कोलकाता में ट्रेनी डॉक्टर से रेप-मर्डर की घटना के विरोध में देश के सभी अस्पतालों में आज डॉक्टरों की हड़ताल है। देश में मेडिकल स्टाफ की सबसे बड़ी संस्था इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) ने शनिवार (17 अगस्त) सुबह 6 बजे से रविवार सुबह 6 बजे, यानी 24 घंटे के लिए बंद की घोषणा की है।
इस दौरान सभी प्राइवेट और सरकारी अस्पतालों में इमरजेंसी सेवाओं को छोड़कर सभी कामकाज बंद रहेंगे। IMA ने 15 अगस्त को हड़ताल की जानकारी दी थी। एसोसिएशन ने कहा कि हड़ताल के दौरान ओपीडी काम नहीं करेंगे। इमरजेंसी के अलावा कोई दूसरी सर्जरी नहीं की जाएंगी।
9 अगस्त को कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज में ऑन ड्यूटी पोस्ट ग्रेजुएट ट्रेनी डॉक्टर के साथ रेप किया गया और हत्या कर दी गई। इस घटना के बाद देश भर में डॉक्टरों की हड़ताल और विरोध-प्रदर्शन जारी है।
डॉक्टरों की सुरक्षा को लेकर IMA की 5 मांगें

IMA ने शुक्रवार (16 अगस्त) को प्रेस रिलीज के जरिए अपनी 5 मांगें बताईं।
IMA ने कोलकाता की घटना के बाद देश में डॉक्टरों और अस्पतालों की सुरक्षा के लिए सरकार से एक केंद्रीय कानून बनाने सहित 5 मांगे की हैं। एसोसिएशन की मांगें पढ़िए-
1. डॉक्टरों और अस्पतालों के खिलाफ हिंसा को रोकने के लिए एक पॉलिसी बनाई जाए। एक केंद्रीय कानून बने, जिसमें 2019 के प्रस्तावित हॉस्पिटल प्रोटेक्शन बिल में एपिडेमिक डिजीज एक्ट 1897 में 2023 में किए गए संशोधन शामिल हो। IMA का मानना है कि इससे 25 राज्यों में मौजूदा कानून को मजबूत मिलेगी। IMA ने यह भी सुझाव दिया है कि COVID-19 महामारी के दौरान लागू किए गए अध्यादेश के समान ही एक अध्यादेश इस स्थिति में ठीक रहेगी।
2. सभी अस्पतालों में एयरपोर्ट की तरह सुरक्षा प्रोटोकॉल हो। जरूरी सुरक्षा सुविधाओं के साथ अस्पतालों को सेफ जोन घोषित किया जाए। CCTV, सिक्योरिटी गार्ड्स की तैनाती और प्रोटोकॉल का पालन किया जाए।
3. IMA ने बताया कि कोलकाता रेप-मर्डर की पीड़ित 36 घंटे की ड्यूटी शिफ्ट पर थीं। आराम करने के लिए कोई जगह नहीं होने के कारण वह सेमिनार हॉल में गई थीं। अस्पतालों में डॉक्टरों के लिए सुरक्षित जगहों और रेस्ट एरिया की कमी को तुरंत दूर किया जाए।
4. कोलकाता रेप-मर्डर केस की एक तय समय सीमा में प्रोफेशनल जांच हो और पीड़ित को न्याय मिले। आरोपियों की पहचान करके उन्हें कड़ी से कड़ी सजा मिले।
5. पीड़ित से जिस तरह क्रूरता की गई, उसके हिसाब से उनके परिवार को सही और सम्मानजनक मुआवजा दिया जाए।
