आखिरकार नींद से जगी बांग्लादेश की नई सरकार, हिंदुओं के खिलाफ हो रहे अत्याचार पर तोड़ी चुप्पी

बांग्लादेश में पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के इस्तीफा देने और देश छोड़कर भारत आने के बाद हिंदुओं समेत अन्य अल्पसंख्यकों पर हिंसा की घटनाएं बढ़ गई हैं। अब तक कई हिंदुओं की मौत हो चुकी है, जिसकी वजह से पूरी दुनिया में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। कई दिनों से हो रहे हमलों के बाद अब बांग्लादेश की नई अंतरिम सरकार ने चुप्पी तोड़ी है। पड़ोसी देश की सरकार ने रविवार को कहा कि वह हिंदुओं और अन्य धार्मिक अल्पसंख्यकों पर हो रहे हमलों को हल करने के लिए काम कर रही है। हिंदू, ज्यादातर मुस्लिम बांग्लादेश में सबसे बड़ा अल्पसंख्यक धर्म है और उन्हें हसीना की पार्टी, अवामी लीग का दृढ़ समर्थन आधार माना जाता है।

हसीना के अचानक इस्तीफे देने और सोमवार को भारत पहुंचने के बाद उनके 15 साल के शासन का अंत हो गया था। इसके बाद, पड़ोसी देश के हिंदू घरों, मंदिरों और व्यवसायों पर कई हमले हुए। बांग्लादेश की अंतरिम कैबिनेट ने अपनी नियुक्ति के बाद अपने पहले आधिकारिक बयान में कहा, “कुछ स्थानों पर धार्मिक अल्पसंख्यकों पर हमलों को गंभीर चिंता के साथ देखा गया है।” कैबिनेट ने कहा कि वह इस तरह के जघन्य हमलों को हल करने के तरीके खोजने के लिए प्रतिनिधि निकायों और अन्य संबंधित समूहों के साथ तुरंत बैठक करेगी।

नोबेल शांति पुरस्कार विजेता मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली सरकार ने हसीना के जाने के बाद हुए प्रदर्शनों के दौरान मारे गए प्रदर्शनकारियों के परिवारों के लिए सहायता का ऐलान किया। बांग्लादेश में आरक्षण पर आए कोर्ट के फैसले के बाद जुलाई महीने से विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए थे, जिसमें अब तक 450 लोगों की जान जा चुकी है। सरकार ने यह भी कहा कि वह सप्ताह के अंत तक राजधानी ढाका में मेट्रो को फिर से खोल देगी और जल्द ही एक नए केंद्रीय बैंक गवर्नर की नियुक्ति करेगी, जो हसीना के एक वफादार को इस्तीफा देने के लिए मजबूर करेगा।

मीडिया संस्थानों को भी नई सरकार की चेतावनी

वहीं, बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने दुष्प्रचार रोकने के उद्देश्य रविवार को मीडिया संस्थानों को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर उन्होंने झूठे या भ्रामक समाचार प्रकाशित या प्रसारित किए तो उन्हें बंद कर दिया जाएगा। अंतरिम सरकार के गृह मामलों के सलाहकार ब्रिगेडियर जनरल (सेवानिवृत्त) एम. सखावत हुसैन ने राजारबाग केंद्रीय पुलिस अस्पताल में घायल पुलिसकर्मियों से मुलाकात के दौरान कहा, ”जब मीडिया सच्चाई को सामने नहीं लाता तो राष्ट्र लड़खड़ा जाता है।” ‘ढाका ट्रिब्यून’ समाचार पत्र की खबर के अनुसार उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मीडिया ने भ्रामक खबरें प्रसारित कीं तो उन्हें बंद कर दिया जाएगा। हुसैन ने मीडिया पर सच्चाई पेश न करने का आरोप लगाते हुए कहा, ”जब मीडिया ईमानदारी से खबरें पेश करने में विफल रहता है तो देश की स्थिति खराब हो जाती है।”

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