उनके साथ करार हुआ था… सेना में भर्ती पर रूस ने तोड़ी चुप्‍पी, विदेश मंत्री के बयान के अगले दिन क्‍या कहा?

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हाइलाइट्स

रूस दूतावास की तरफ से एक प्रेस रिलीज जारी की गई है.रूस का दावा है कि उनकी आर्मी में भारतीय अनुबंध के तहत आए.किसी भारतीय को फर्जी तरीके से धोखाधड़ी कर भर्ती नहीं किया गया.

नई दिल्‍ली. रूस की सेना इस वक्‍त यूक्रेन की धरती पर दिन-रात गोले बारूद बरसा रही है. इन सबके बीच रूसी सेना में सेवाएं दे रहे भारतीय नागरिक भी युद्ध में फंस गए हैं. विदेश मंत्री एस जयशंकर ने एक दिन पहले संसद में यह जानकारी दी थी कि अभी भी 69 ऐसे भारतीय नागरिक रूस की सेना में काम कर रहे हैं, जिन्‍हें गलत तरीके से भर्ती किया गया था. अब इस मामले में रूस की तरफ से भी एक आधिकारिक बयान सामने आया है. भारत में मौजूद रूसी दूतावास ने साफ किया कि उनकी सेना में मौजूद भारतीयों ने खुद अपनी इच्‍छा से करार किया था.

रूसी दूतावास की तरफ से जारी प्रेस रिलीज में कहा गया कि मीडिया ने हमसे रूस की सेना में भारतीयों की मौजूदगी के सवाल पर जवाब देने का अनुरोध किया गया. यूक्रेन में मिलिट्री ऑपरेशन के दौरान रूसी सेना में मौजूद भारतीयों को हुए नुकसान पर हम अपनी संवेदनाएं व्‍यक्‍त करते हैं. दोनों देशों की एजेंसियां अपनी मर्जी से रूसी सेना के साथ अनुबंध करने वाले भारतीयों की पहचान करने और उन्‍हें सेवाओं से मुक्‍त करने के लिए मिलकर काम कर रही हैं. अनुबंध और उनके भुगतान से जुड़ी सभी शर्तों का पूरी तरह से पालन होगा.

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भारतीयों की भर्ती पर लगा दी रोक…
रूस के दूतावास की तरफ से आगे कहा गया कि इस साल अप्रैल के बाद से रूस के रक्षा मंत्रालय ने सेना में भारत सहित कई देशों के लोगों के भर्ती के अनुबंध नहीं किए हैं. दूतावास यह स्‍पष्‍ट कर देना चाहता है कि रूस की सरकार ने किसी भी वक्‍त ऐसा पब्लिक कैंपेन नहीं चलाया है, जिसके तहत रूस की सेना के लिए गलत तरीके से भारतीयों की भर्ती की जाए.

Tags: Russia News, Russia ukraine war, S Jaishankar

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