Jammu Kashmir Terror Attacks Security; Assam Rifles Battalion | Manipur | मणिपुर से जम्मू-कश्मीर जाएंगी असम राइफल्स की 2 बटालियन: ओडिशा से भी वापस बुलाए गए थे बीएसएफ के जवान, बढ़ती टेरर एक्टिविटीज के चलते फैसला

नई दिल्ली43 मिनट पहले

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जम्मू-कश्मीर में बीते एक महीने में 15 जवान शहीद हुए हैं।

मणिपुर में तैनात असम राइफल्स की दो बटालियन को जम्मू-कश्मीर में तैनात किया जाएगा। सूत्रों के मुताबिक राज्य में बढ़ती टेरर एक्टिविटी के चलते 1500 जवानों को भेजा जा रहा है। मणिपुर में इन जवानों की जगह CRPF की तैनाती की जाएगी।

इससे पहले जम्मू कश्मीर की सुरक्षा बढ़ाने के लिए दो हजार जवानों वाली बीएसएफ की दो बटालियन को ओडिशा से वापस जम्मू-कश्मीर बुलाया गया था। इन जवानों को ओडिशा में नक्सली विरोधी अभियान में तैनात किया गया था।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले महीने जम्मू-कश्मीर में बढ़ती आतंकी घटनाओं के बीच एक सुरक्षा बैठक की थी। इस बैठक में गृहमंत्री अमित शाह और NSA अजीत डोभाल भी मौजूद थे।

असम राइफल्स भारत-म्यांमार बॉर्डर की सुरक्षा करती है
असम राइफल्स का प्रशासनिक नियंत्रण गृह मंत्रालय और संचालन नियंत्रण सेना के पास है। यह 1,600 किलोमीटर लंबी भारत-म्यांमार सीमा की रक्षा करता है, जिसमें से लगभग 400 किलोमीटर मणिपुर में है, जहां यह आतंकवाद विरोधी बल के रूप में भी कार्य करता है। मणिपुर में BSF की कुछ बटालियन तैनात हैं, लेकिन उन्हें विशेष रूप से भारत-म्यांमार सीमा पर तैनात नहीं किया गया है।

सरकार ने ओडिशा से जम्मू भेजीं BSF की 2 बटालियन
जम्मू-कश्मीर में बढ़ती आतंकी घटनाओं के बीच सरकार ने BSF की 2 बटालियन को ओडिशा से जम्मू भेजा है। इनमें 2 हजार से ज्यादा जवान हैं। BSF बटालियन को सांबा और जम्मू-पंजाब बॉर्डर पर तैनात किया जा सकता है। दिल्ली और जम्मू में सिक्योरिटी फोर्स के अधिकारियों की बैठकों के बाद जम्मू में BSF की तैनाती बढ़ाने का फैसला लिया गया है। पहले इन जवानों के छत्तीसगढ़ भेजा जाना था।

डोडा में 15 जुलाई को मुठभेड़ में 5 जवान शहीद हुए थे

डोडा में ही 15 जुलाई को आतंकियों से मुठभेड़ में सेना के एक कैप्टन और पुलिसकर्मी समेत 5 जवान शहीद हो गए थे। 16 जुलाई को डोडा के डेसा फोरेस्ट बेल्ट के कलां भाटा में रात 10:45 बजे और पंचान भाटा इलाके में रात 2 बजे फिर फायरिंग हुई थी। इन्हीं घटनाओं के बाद सर्च ऑपरेशन चलाने के लिए सेना ने जद्दन बाटा गांव के सरकारी स्कूल में अस्थायी सुरक्षा शिविर बनाया था।

डोडा जिले को 2005 में आतंकवाद मुक्त घोषित कर दिया गया था। 12 जून के बाद से लगातार हो रहे हमलों में 5 जवान शहीद हुए, 9 सुरक्षाकर्मी घायल हुए। जबकि तीन आतंकवादी मारे गए। पूरी खबर पढ़ें…

8 जुलाई: कठुआ में आतंकी हमले में 5 जवान शहीद

जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले में 8 जुलाई को आतंकियों के हमले में जूनियर कमीशंड ऑफिसर (JCO) समेत 5 जवान शहीद हो गए। आतंकियों ने पहाड़ी से घात लगाकर सेना के ट्रक पर पहले ग्रेनेड फेंका, फिर स्नाइपर गन से फायरिंग की। सेना ने भी काउंटर फायरिंग की, लेकिन आतंकी जंगल में भाग गए। पूरी खबर पढ़ें…

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