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3 घंटे पहले
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पुलिस का कहना है कि धालीवाल और छह अन्य के खिलाफ कुल 54 आरोप दर्ज किए गए हैं।
कनाडा में 6 भारतवंशी लोगों को गिरफ्तार किया है। इन पर जबरन वसूली रैकेट चलाने का आरोप है। गिरफ्तार किए गए लोगों में एक महिला भी शामिल है। इसके अलावा सातवें शख्स की गिरफ्तारी के लिए भी वारंट जारी किया गया है।
रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस ने 25 जुलाई को एडमॉन्टन में 6 जगहों पर छापेमारी कर इन्हें गिरफ्तार किया। इसमें 100 से भी अधिक पुलिस शामिल थे। गिरफ्तार किए गए लोगों की पहचान मनिंदर सिंह धालीवाल (34), जशनदीप कौर (19), गुरकरण सिंह (19), मानव हीर (19), परमिंदर सिंह (21) और दिवनूर अष्ट (19) और एक 17 साल के नाबालिग के रूप में हुई है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक ये लोग एशियाई बिजनेसमैन को निशाना बनाकर अपना रैकेट चलाते थे। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ये सभी लोग पंजाब के हैं।
शहर में अक्टूबर के बाद जबरन वसूली के 40 मामले
पुलिस के मुताबिक मनिंदर सिंह धालीवाल इस ग्रुप का सरगना है और फरार चल रहा है। वह ग्रुप में और लोगों की भर्ती करता था और जबरन वसूली से जुड़े प्लान तैयार करता था। पुलिस को शक है कि उसने अपना हुलिया बदल लिया है।
इन सातों आरोपियों पर कुल 54 आरोप लगाए गए हैं। इनमें जबरन वसूली, आगजनी, जानबूझकर आग लगाना, तोड़फोड़, लोगों के घरों में घुसना, हथियार से हमला करना जैसे आरोप शामिल हैं।
एडमॉन्टन पुलिस पिछले साल अक्टूबर से अब तक हुए जबरन वसूली की 40 घटनाओं में इन लोगों के जुड़े होने की कड़ी तलाश रही है। इनमें से 26 घटनाओं में आरोप तय किए जा चुके हैं।
सबसे हालिया घटना शुक्रवार की है जब एडमॉन्टन में जबरन वसूली के दौरान एक अपार्टमेंट में आग लगा दी गई। इससे पहले भी शहर में कई घरों में आग लगाई जा चुकी है। इसलिए पुलिस ने इसे प्रोजेक्ट गैसलाइट नाम दिया है।

मनिंदर सिंह धालीवाल ग्रुप का सरगना बताया जा रहा है। इस पर हुलिया बदलकर फरार होने का शक है।
पुलिन ने प्रोजेक्ट गैसलाइट नाम दिया
पुलिस प्रमुख डेल मैकफी ने कहा कि आग लगाने या फिर जबरन वसूली से एक व्यक्ति नहीं बल्कि पूरे समुदाय में भय का माहौल पैदा होता है। अब इन घटनाओं को रोकने का समय आ गया है। अब पुलिस ऐसी घटनाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगी। जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराया जाएगा।
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