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सिडनी1 घंटे पहले
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ऑस्ट्रेलियाई वैज्ञानिकों की स्पेशल फोर्स ने जहाज को ढूंढ लिया।
ऑस्ट्रेलिया ने 21 लोगों की जान लेने वाले एमवी नूनगाह जहाज को 55 साल बाद ढूंढ निकाला है। BBC के मुताबिक यह जहाज 23 अगस्त 1969 को न्यू साउथ वेल्स से टाउन्सविले की ओर निकला था। इसे लगभग 1300 किमी की दूरी तय करनी थी।
जहाज पर 52 लोग सवार थे, जो स्टील से भरे कंटेनर ले जा रहे थे। ये 25 अगस्त तक 315 किलोमीटर आगे निकल गया था तभी उसका सामना एक खतरनाक तूफान से हुआ। इसकी रफ्तार 110 किलोमीटर प्रति घंटा से भी ज्यादा थी जिसे जहाज संभाल नहीं पाया और वह डूब गया।
जहाज के डूब जाने के बाद ऑस्ट्रेलियाई सेना ने इतिहास की सबसे बड़ी समुद्री खोज की। सेना विमान, हेलीकॉप्टर और जहाजों से एमवी नूनगाह को तलाशने निकल पड़ी। कुछ ही घंटों में जहाज को ढूंढ निकाला गया और 5 क्रू मेंबर्स समेत 26 लोगों को बचाया लिया गया।

ये एमवी नूनगाह जहाज का बाहरी हिस्सा है जो पूरी तरह से सुरक्षित है।

ये ऑस्ट्रेलिया का स्पेशल हाई-टेक जहाज है, जिसकी मदद से एमवी नूनगाह जहाज को ढूंढा गया।
जहाज आज भी लोगों के लिए एक रहस्य
ऑस्ट्रेलियाई सेना को जहाज डूबने के 12 घंटे बाद भी लोग लकड़ी के सहारे तैरते हुए मिले थे। तब से जहाज लोगों के लिए एक रहस्य बना हुआ था।
जहाज की पता लगाने के लिए पिछले महीने कॉमनवेल्थ साइंटिफिक एंड इंडस्ट्रियल रिसर्च ऑर्गनाइजेशन (CSIRO) के वैज्ञानिकों ने तलाश शुरू की थी। इसके लिए लोकेशन पर एक हाई-टेक जहाज भेजा गया था।
जमीन से 170 मीटर नीचे मिला जहाज का मलबा
वैज्ञानिकों के मुताबिक उन्हें जमीनी सतह से 170 मीटर नीचे जहाज का मलबा मिला है। इस जहाज का डिजाइन और आकार एमवी नूनगाह जहाज से मिलता है, जो काफी तक पहले की तरह बरकरार है। अब सिडनी प्रोजेक्ट के तहत जहाज की जांच की जाएगी।
प्रोजेक्ट के तहत जहाज के डूबने के सटीक कारणों का पता लगाया जाएगा। CSIRO ने कहा कि आज भी उस त्रासदी की याद लोगों के बीच ताजा है। हमें उम्मीद है कि जहाज के मिलने से अपनों को खोने वाले लोगों को राहत मिलेगी।
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