Pakistan government will ban Imran’s party | इमरान की पार्टी पर बैन लगाएगी पाकिस्तान सरकार: राजद्रोह में शामिल होने का आरोप, सरकार बोली- पाकिस्तान और PTI एक साथ नहीं रह सकते

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4 मिनट पहले

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पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को 2 दिन पहले ही एक नए मामले में गिरफ्तार किया गया है।

शहबाज सरकार पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) पर बैन लगाने जा रही है। सोमवार को शहबाज सरकार में आईटी मंत्री अताउल्लाह तरार ने बैन की घोषणा करते हुए कहा कि सरकार ने देशद्रोही गतिविधियों में शामिल होने के चलते पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ को बैन करने का फैसला किया है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान और PTI एक साथ नहीं रह सकते हैं।

सरकार ने ये फैसला उस वक्त किया है जब PTI के फाउंडर और पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान एक साल से जेल में हैं। 2 दिन पहले इमरान खान इद्दत मामले में बरी होने के बाद सभी मामलों में रिहा हो गए थे। लेकिन वे जेल से बाहर आ पाते इसके पहले ही NAB की टीम ने उन्हें एक और मामले में जेल से गिरफ्तार कर लिया था।

खान के साथ उनकी पत्नी बुशरा बीबी को भी जेल से ही गिरफ्तार कर लिया गया। उन्हें तोशाखाना से जुड़े नए मामले में गिरफ्तार करने नेशनल अकाउंटेबिलिटी (NAB) की टीम अडियाला जेल पहुंची थी।

इमरान 3 अलग-अलग मामलों में 350 दिनों से रावलपिंडी की अदियाला जेल में हैं। इस्लामाबाद की स्थानीय कोर्ट ने उन्हें 5 अगस्त, 2023 को तोशाखाना के एक दूसरे केस में दोषी करार दिया था। इसके बाद उन्हें इस्लामाबाद के जमान पार्क स्थित उनके घर से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। बाद में उन्हें 2 और मामलों में दोषी करार दिया गया था। उन्हें तीनों मामले में रिहाई मिल चुकी है।

इमरान खान अपनी पत्नी बुशरा बीबी के साथ। इद्दत केस की सुनवाई के लिए लाहौर हाईकोर्ट पहुंचे थे। (फाइल फोटो)

इमरान खान अपनी पत्नी बुशरा बीबी के साथ। इद्दत केस की सुनवाई के लिए लाहौर हाईकोर्ट पहुंचे थे। (फाइल फोटो)

खान पर 100 से ज्यादा मामले
खान की पहले से ही रिहाई मुमकिन नजर नहीं आ रही थी। उन पर 100 से अधिक मामले दर्ज हैं। अंग्रेजी अखबार डॉन के मुताबिक, अगर इमरान जेल से बाहर आते हैं तो, वे पाकिस्तान में दोबारा चुनाव की मांग को उठाएंगे।

इस साल हुए आम चुनाव में इमरान की तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी आधिकारिक तौर पर हिस्सा नहीं ले पाई थी। इमरान खान के एक्स (ट्विटर) अकाउंट पर 5 जुलाई को हुई एक पोस्ट में इस साल 8 फरवरी को हुए आम चुनावों को फर्जी बताया गया था। ऐसे में शहबाज सरकार या फौज नहीं चाहेगी की खान किसी भी कीमत पर रिहा हों।

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