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नई दिल्ली: ऑस्ट्रिया में कदम रखते ही पीएम मोदी पंडित नेहरू और इंदिरा गांधी की फेहरिस्त में शामिल हो चुके हैं. रूस की सफल यात्रा के बाद अब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ऑस्ट्रिया के दौरे पर हैं. पीएम मोदी की यह ऑस्ट्रिया यात्रा काफी अहम है. 41 सालों में भारत की ओर से किसी प्रधानमंत्री की यह पहली ऑस्ट्रिया यात्रा है. पीएम मोदी से पहले इंदिरा गांधी ने 1971 और 1983 में इस देश की यात्रा की थी. वहीं, साल 1949 में राजनयिक संबंध स्थापित होने के बाद जवाहर लाल नेहरू ने प्रधानमंत्री के रूप में 1955 में ऑस्ट्रिया की पहली यात्रा की थी. प्रधानमंत्री मोदी की यह आधिकारिक यात्रा 9 और 10 जुलाई को ऐसे वक्त में रही है, जब भारत और ऑस्ट्रिया अपने राजनयिक संबंधों के 75 वर्ष पूरे कर रहे हैं.
पीएम मोदी मंगलवार को रूस की यात्रा के बाद सीधे ऑस्टिया पहुंचे. वहां ऑस्ट्रिया के विदेश मंत्री अलेक्जेंडर शैलेनबर्ग ने पीएम मोदी का गर्जमोशी से स्वागत किया. उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट लिखा, ‘भारत और ऑस्ट्रिया के बीच राजनयिक संबंधों के 75 वर्ष पूरे होने पर भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ऑस्ट्रिया की ऐतिहासिक यात्रा पर हार्दिक स्वागत है. हमारे देशों के बीच साझेदारी वैश्विक सुरक्षा, स्थिरता और समृद्धि के लिए संयुक्त प्रतिबद्धता पर आधारित है.’
पीएम मोदी का स्वागत
वहीं, ऑस्ट्रियाई चांसलर कार्ल नेहमर ने भी पीएम मोदी का स्वागत किया. उन्होंने एक्स पर पोस्ट किया, ‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, वियना में आपका स्वागत है! ऑस्ट्रिया में आपका स्वागत करना हमारे लिए खुशी और सम्मान की बात है. ऑस्ट्रिया और भारत मित्र और साझेदार हैं. मैं आपकी यात्रा के दौरान हमारी राजनीतिक और आर्थिक चर्चाओं की प्रतीक्षा कर रहा हूं.’ उन्होंने पीएम मोदी के साथ अपनी सेल्फी भी पोस्ट की है. पीएम मोदी ऑस्ट्रियाई चांसलर के निमंत्रण पर आज ऑस्ट्रिया की यात्रा पर हैं.
पीएम मोदी ने चांसलर को कहा थैंक्यू
पीएम मोदी ने भी गर्मजोशी से स्वागत के लिए ऑस्ट्रियाई चांसलर कार्ल नेहमर को धन्यवाद दिया. पीएम मोदी ने एक्स पर लिखा, ‘चांसलर कार्ल नेहमर, गर्मजोशी से स्वागत के लिए धन्यवाद. मैं हमारी चर्चा का इंतजार कर रहा हूं. हमारे देश वैश्विक भलाई को आगे बढ़ाने के लिए मिलकर काम करना जारी रखेंगे.’ पीएम मोदी के इस पोस्ट में कई तस्वीरें संलग्न हैं.’ पीएम मोदी जब ऑस्ट्रिया पहुंचे तो विदेश मंत्री अलेक्जेंडर शैलेनबर्ग ने उनकी आगवानी की. इस दौरान ऑस्ट्रिया में इंडियन एंबेसडर शंभु कुमारन भी मौजूद रहे.
पीएम मोदी की यात्रा से रिश्ते होंगे मजबूत
पीएम मोदी की इस यात्रा से भारत और ऑस्ट्रिया के बीच रिश्ते और मजबूत होंगे. भारत और ऑस्ट्रिया के बीच नेताओं, मंत्रियों और सांसदों के स्तर पर यात्राओं का नियमित आदान-प्रदान होता रहा है. पीएम मोदी से पहले इंदिरा गांधी ने प्रधानमंत्री के रूप में 1971 में ऑस्ट्रिया की अपनी पहली यात्रा की थी. इसके बाद 1980 में तत्कालीन ऑस्ट्रियाई चांसलर ब्रूनो क्रेस्की की भारत यात्रा हुई थी. वर्ष 1983 में इंदिरा गांधी की ऑस्ट्रिया की दूसरी यात्रा के बाद 1984 में तत्कालीन ऑस्ट्रियाई चांसलर फ्रेड सिनोवाट्ज़ की भारत यात्रा हुई थी.
इंदिरा गांधी कब-कब गईं
मामले की जानकारी रखने वाले लोगों ने बताया कि इंदिरा गांधी 1983 की अपनी यात्रा के दौरान 16-18 जून तक वियना में थीं. हालांकि, इंदिरा गांधी की यात्रा के बाद भारत से किसी प्रधानमंत्री ने ऑस्ट्रिया की यात्रा नहीं की, लेकिन राष्ट्रपति स्तर की यात्राएं जरूर हुईं. भारतीय विदेश मंत्रालय की वेबसाइट पर दी गई जानकारी के अनुसार, 1999 में तत्कालीन राष्ट्रपति के. आर. नारायणन ने ऑस्ट्रिया की यात्रा की. इसके बाद 2005 में ऑस्ट्रिया के तत्कालीन राष्ट्रपति हेंज फिशर ने भारत की यात्रा की थी. वर्ष 2010 में तत्कालीन ऑस्ट्रियाई उप-चांसलर जोसेफ प्रोल भारत आए और इसके बाद 2011 में तत्कालीन राष्ट्रपति प्रतिभा देवीसिंह पाटिल ने ऑस्ट्रिया की यात्रा की.
पीएम मोदी की यह आत्रा क्यों अहम?
प्रधानमंत्री मोदी की यह ऑस्ट्रिया यात्रा इसलिए भी अहम है, क्योंकि भारत और ऑस्ट्रिया के राजनयिक संबंधों के 75 साल पूरे हो रहे हैं. पीएम मोदी की इस यात्रा से दोनों देशों के बीच संबंध और प्रगाढ़ होंगे और सहयोग के नए रास्ते तलाशे जाएंगे. ऑस्ट्रियाई चांसलर नेहमर ने कहा था, ‘यह यात्रा एक विशेष सम्मान है, क्योंकि यह 40 से अधिक वर्षों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की मेरे देश की पहली यात्रा है. यह इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि हम भारत के साथ राजनयिक संबंधों के 75 साल पूरे होने का जश्न मना रहे हैं.
कारोबारी नजरिए से भी अहम
रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार धीरे-धीरे बढ़ रहा है. फाइनेंशियल एक्सप्रेस के अनुसार, भारत और ऑस्ट्रिया के बीच द्विपक्षीय व्यापार 2023 में 2.93 बिलियन डॉलर था. भारत ऑस्ट्रिया को इलेक्ट्रॉनिक्स, कपड़ा, परिधान, जूते और रसायन निर्यात करता है. वहीं, वियना भारत को मशीनरी, ऑटोमोटिव पार्ट्स और रसायन भेजता है. ऐसे में दोनों देशों के बीच कारोबारी नजरिए से भी यह यात्रा काफी अहम होने वाली है. पीएम मोदी इस दौरान सीईओ से भी मिलेंगे.
Tags: PM Modi, World news
FIRST PUBLISHED : July 10, 2024, 06:45 IST
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