बारिश की संभावना।
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एक बार फिर भारत के अधिकांश क्षेत्रों में मानसून ने रफ्तार पकड़ ली है। यही वजह है कि अधिकांश राज्यों में मानसूनी बारिश का दौर शुरू हो चुका है। इस बारिश से एक तरफ लोगों को गर्मी से छुटकारा मिला है, तो वहीं दूसरी तरफ मूसलाधार बारिश से कई जगह बाढ़ भी आ गई है।
मौसम विज्ञान विभाग का कहना है कि पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत में शुक्रवार को भारी से बहुत भारी बारिश होने और उसके बाद इसकी तेजी में कमी होने की संभावना है। कोंकण, मध्य महाराष्ट्र और तटीय कर्नाटक में 13-15 जुलाई के दौरान भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। अगले 5 दिनों के दौरान गोवा में भी भारी बारिश की संभावना है। जबकि पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में 13 जुलाई और 12 जुलाई से 16 जुलाई तक पूर्वी उत्तर प्रदेश में भारी बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग ने बुधवार को उत्तर बंगाल में 13 जुलाई तक मूसलाधार बारिश का अनुमान जताया है।
मौसम विभाग का कहना है कि बारिश कराने वाली मानसून की ट्रफ लाइन अभी सामान्य स्थिति में है। अभी यह ट्रफ लाइन जैसलमेर, कोटा, शिवपुरी, डाल्टनगंज, पुरुलिया, कोंटाई से होकर गुजर रही है। अगले दो दिनों के दौरान इसके उत्तर दिशा में जाने की संभावना है, जिससे उन इलाकों में बारिश की गतिविधि तेज होगी। जब ये ट्रफ लाइन उत्तर दिशा की ओर बढ़ेगी तो देश के पूर्वोत्तर हिस्से में भारी से अति भारी बारिश होने की संभावना है। सक्रिय मानसून और बिहार और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल से होते हुए पूर्वोत्तर उत्तर प्रदेश से पूर्वोत्तर असम तक एक पूर्व-पश्चिम ट्रफ लाइन के कारण 13 जुलाई तक उत्तर बंगाल में भारी से बहुत भारी बारिश और कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश होने की संभावना है।
