China US Teachers Attack Video; Beishan Park | Jilin City | चीन में अमेरिका के 4 टीचर्स पर चाकू से हमला: VIDEO में खून से लथपथ जमीन पर पड़े दिखे लोग, दिनदहाड़े पार्क में हुआ अटैक

[ad_1]

जिलिन शहर, चीन16 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

फुटेज में घायल अमेरिकी टीचर्स जमीन पर पड़े दिख रहे हैं।

चीन के जिलिन शहर में अमेरिका के 4 कॉलेज टीचर्स पर सोमवार को चाकू से हमला हुआ। अटैक में महिला टीचर समेत सभी बुरी तरह से घायल हो गए, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। CNN की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी राज्य आयोवा के कॉर्नेल कॉलेज से आए सभी टीचर्स एक पब्लिक पार्क में मौजूद थे, जब उन पर हमला किया गया।

सोशल मीडिया पर शेयर किए जा रहे वीडियो में खून से लथपथ घायल टीचर्स जमीन पर लेटे नजर आ रहे हैं। हमला किसने और क्यों किया, इसकी जानकारी सामने नहीं आई है। रिपोर्ट के मुताबिक, वीडियो चीन के बेइशान पार्क का है। अमेरिका के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि उन्हें मामले की जानकारी मिली है और वे इस पर नजर बनाए हुए हैं।

अमेरिका के कॉर्नेल कॉलेज ने कहा है कि वह सभी घायलों के संपर्क में है।

अमेरिका के कॉर्नेल कॉलेज ने कहा है कि वह सभी घायलों के संपर्क में है।

पार्टनरशिप प्रोग्राम के लिए चीन गए थे टीचर्स
अमेरिकी टीचर्स चीन की बेइहुआ यूनिवर्सिटी के साथ एक पार्टनरशिप प्रोग्राम के तहत चीन आए थे। कॉर्नेल कॉलेज ने बताया कि इस प्रोग्राम में किसी भी छात्र ने हिस्सा नहीं लिया। कॉलेज प्रशासन ने कहा है कि हमले के बाद से वे सभी टीचर्स के संपर्क में हैं। उन्हें जरूरी मदद पहुंचाई जा रही है।

आयोवा के स्टेट रिप्रेजेंटेटिव एडम जैबनर ने CNN को बताया कि घायल हुए टीचर्स में उनका भाई डेविड जैबनर भी शामिल है। यह दूसरी बार है जब डेविड चीन गया था। हमले के बाद उसका इलाज किया जा रहा है।

चीन में सार्वजनिक जगहों पर होती रहती है चाकूबाजी
​​​​​​​चीन दुनिया के उन देशों में शामिल है, जहां हिंसक अपराध की दर सबसे कम है। यहां बंदूक के इस्तेमाल को लेकर कड़े नियम हैं। हालंकि, देश में अकसर चाकूबाजी की घटनाएं होती रहती हैं। इससे पहले भी चीन में कई बार सार्वजनिक जगहों जैसे स्कूल, अस्पतालों और पार्कों में चाकूबाजी हो चुकी है। मई में यूनान प्रांत के एक अस्पताल में हुए हमले में 2 लोगों की मौत हुई थी, जबकि 21 घायल हुए थे।

हालांकि, विदेशी नागरिकों पर सार्वजनिक तौर पर हमले के ज्यादा मामले सामने नहीं आए हैं। चीन में कोरोना की वजह से विदेशी यात्रियों पर 3 साल तक पाबंदी लगी हुई थी। इसे 2023 में हटा दिया गया था। इसके बाद से चीन विदेशी यात्रियों को वापस लाने की कोशिश कर रहा है।

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग पिछले साल नवंबर में अमेरिका के दौरे पर गए थे।

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग पिछले साल नवंबर में अमेरिका के दौरे पर गए थे।

‘5 साल में 50 हजार अमेरिकियों को स्टडी प्रोग्राम के लिए चीन बुलाएंगे’
​​​​​​​
चीन और अमेरिका लगातार शैक्षणिक स्तर पर सहयोग बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग पिछले साल नवंबर में अमेरिका के दौरे पर गए थे। इस दौरान उन्होंने घोषणा की थी कि वे अगले 5 साल में अमेरिका के 50 हजार लोगों को स्टडी प्रोग्राम के तहत चीन आने का न्योता देंगे।

अमेरिका के कॉर्नेल कॉलेज और चीन की बेइहुआ यूनिवर्सिटी के बीच साल 2018 में पार्टनरशिप हुई थी। इसके तहत चीन के संस्थान आयोवा के स्कूलों से आने वाले टीचर्स और बच्चों के ट्रैवल और पढ़ाई का खर्च उठाएंगे। उन्हें कंप्यूटर साइंस, मैथ्स और फिजिक्स की पढ़ाई कराई जाएगी।

खबरें और भी हैं…

[ad_2]

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *