Israel UN Blacklisting; Child-Killing List of Shame | Gaza Strikes | UN ने इजराइल को ब्लैकलिस्ट किया: गाजा में बच्चों पर हो रहे जुल्म देख लिया फैसला, नेतन्याहू बोले- ऐसा करके UN इतिहास में ब्लैकलिस्ट हुआ

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6 मिनट पहले

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UNICEF के आंकड़ों के मुताबिक, गाजा में हर 10 में से 9 बच्चों खाने की कमी के बीच जिंदगी गुजार रहे हैं।

गाजा में हमलों के बीच इजराइल पर लग रहे मानवाधिकारों के उल्लंघन के आरोपों को देखते हुए UN ने उसे ब्लैकलिस्ट कर दिया है। टाइम्स ऑफ इजराइल की रिपोर्ट के मुताबिक, संयुक्त राष्ट्र (UN) ने इजराइल के अलावा हमास और फिलिस्तीनी जिहाद को ‘लिस्ट ऑफ शेम’ (शर्मनाक सूची) में शामिल किया है।

UN सेक्रेटरी जनरल एंटोनियो गुटेरेस के ऑफिस ने अपनी वार्षिक रिपोर्ट के साथ यह लिस्ट फाइनल की। इसके बाद इजराइल के राजूदत गिलाद एर्दन को इसकी जानकारी दी गई। जंग के बीच गाजा में बच्चों पर हो रहे जुल्म को देखते हुए यह फैसला किया गया है। इसी के साथ इजराइल पहला लोकतांत्रिक देश है, जिसे इस लिस्ट में जोड़ा गया है।

इजराइल के PM नेतन्याहू ने कहा है कि UN सेक्रेटरी जनरल गुटेरेस आतंकवाद और इजराइल के खिलाफ नफरत को बढ़ावा दे रहे हैं।

इजराइल के PM नेतन्याहू ने कहा है कि UN सेक्रेटरी जनरल गुटेरेस आतंकवाद और इजराइल के खिलाफ नफरत को बढ़ावा दे रहे हैं।

नेतन्याहू बोले- ऐसा करके इतिहास में ब्लैकलिस्ट हुआ UN
रिपोर्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा, “UN ने हमास की बेतुके दावों के आधार पर इस लिस्ट में हमारा नाम जोड़ा है। ऐसा करके सेक्रेटरी जनरल एंटोनियो गुटेरेस ने खुद को इतिहास में ब्लैकलिस्ट करवा लिया है। वे आतंकवाद और इजराइल के खिलाफ नफरत को बढ़ावा देते हैं।”

नेतन्याहू ने कहा, “इजराइली डिफेंस फोर्स IDF पूरी दुनिया में सबसे ज्यादा इंसानियत रखने वाली सेना है। UN का कोई भी फैसला इस हकीकत को नहीं बदल सकता।”

दूसरी तरफ UN में फिलिस्तीन के प्रतिनिधि रियाद मनसूर ने कहा है कि इजराइल को लिस्ट ऑफ शेम में जोड़ने से उन बच्चों को दूसरा जीवन नहीं मिल सकता, जिनकी इजराइल के हमले में मौत हो गई। फिर भी यह इजराइल के अत्याचार के खिलाफ विरोध दर्ज कराने के लिए एक अहम कदम है।

पिछले साल रूस को लिस्ट में जोड़ा गया था
इजराइल और हमास के अलावा अब तक UN की लिस्ट में रूस, अफगानिस्तान, इराक, मयांमार, सीरिया, यमन, सोमालिया, ISIS और अलकायदा का नाम शामिल है। पिछले साल यूक्रेन में जंग के बीच बच्चों पर हुए अत्याचार को देखते हुए रूस को इस सूची में जोड़ा गया था।

इससे पहले इजराइल और फिलिस्तीन में विवाद के बीच UN की रिपोर्ट में कई बार इसका जिक्र किया गया है। हालांकि, अब तक कभी भी इन्हें लिस्ट में नहीं जोड़ा गया। अलजजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, 7 अक्टूबर को शुरू हुई इजराइल-हमास जंग में अब तक 37 हजार 700 फिलिस्तीनियों की मौत हुई है। इनमें 15 हजार 571 बच्चे शामिल हैं।

गाजा में इजराइल के हमलों के बीच अब तक 15 हजार से ज्यादा बच्चों की मौत हो गई है। (फाइल)

गाजा में इजराइल के हमलों के बीच अब तक 15 हजार से ज्यादा बच्चों की मौत हो गई है। (फाइल)

गाजा में अकाल का खतरा, 23 लाख लोग भुखमरी की कगार पर
UN एक्सपर्ट्स के मुताबिक, गाजा में खाना, पानी, दवाइयों और दूसरे जरूरी सामानों की सप्लाई पर इजराइल की पाबंदी की वजह से वहां मानवीय संकट बढ़ गया है। गाजा के कई हिस्से में अकाल का खतरा है। इस हफ्ते की शुरुआत में UNICEF ने बताया था कि जंग के बीच 10 में से 9 फिलिस्तीनी बच्चे गंभीर खाद्य गरीबी में जिंदगी गुजार रहे हैं।

UN के मुताबिक गाजा की 23 लाख से ज्यादा आबादी भुखमरी के कगार पर है। सबसे बुरी स्थिति युद्ध के बीच जन्मे बच्चों की है। अप्रैल में गाजा के अस्पतालों में कुपोषण से 12 साल से कम उम्र के 30 बच्चों की मौत हो गई थी।

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