Afghanistan Flood Rainfall Video Update; Baghlan | Badakhshan Ghor Herat | अफगानिस्तान में बारिश-बाढ़ से 370 की मौत: 1600 लोग घायल, 6 हजार घर बहे; तालिबान सरकार ने मदद के लिए सेना तैनात की

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काबुल20 मिनट पहले

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अफगानिस्तान के बदख्शां, घोर, बगलान और हेरात में 2000 से ज्यादा घर बहे।

अफगानिस्तान में तीन हफ्तों से हो रही भारी बारिश के कारण 370 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई है और 1600 लोग घायल हैं। तालिबानी अधिकारियों के मुताबिक, सबसे ज्यादा नुकसान घोर प्रांत में हुआ है। यहां शनिवार (18 मई) को बाढ़ से 60 लोगों की मौत हो गई। हालात की गंभीरता को देखते हुए तालिबानी सरकार ने वायुसेना को लोगों की मदद के लिए भेज दिया है।

तालिबान के प्रवक्ता मावलवी अब्दुल ने बताया कि इलाके में अभी भी कई लोग लापता हैं। खराब मौसम के कारण घायलों तक मदद पहुंचाने में बचाव दल को काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। अफगानिस्तान के बदख्शां, घोर, बगलान और हेरात समेत पूरे अफगानिस्तान में अब तक 6 हजार से ज्यादा घर बह चुके हैं।

वर्ल्ड फूड प्रोग्राम (WFP) ने 12 मई को बताया था कि अचानक आई बाढ़ ने अफगानिस्तान को तबाह कर दिया। अकेले बगलान में 300 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। वहां अभी भी 100 से ज्यादा लोग लापता हैं।

अफगानिस्तान में जिन इलाकों में बाढ़ का पानी कम हो गया, वहां लोग फिर से सामान्य जीवन की तरफ लौटने की कोशिश कर रहे हैं।

अफगानिस्तान में जिन इलाकों में बाढ़ का पानी कम हो गया, वहां लोग फिर से सामान्य जीवन की तरफ लौटने की कोशिश कर रहे हैं।

अफगानिस्तान के ज्यादातर राज्यों में इमरजेंसी जैसे हालात
अमेरिकी न्यूज चैनल CNN के मुताबिक, अफगानिस्तान में बाढ़ के कारण अलग-अलग जिलों में हजारों घर, हजारों हेक्टेयर कृषि भूमि और सैकड़ों जानवर बह चुके हैं। अंतरराष्ट्रीय बचाव समिति (IRC) के मुताबिक, अफगानिस्तान के ज्यादातर राज्यों में इमरजेंसी जैसे हालात हैं। कई टीमें राहत बचाव कार्य में लगी हैं।

फिरोज-कोह शहर में 4 हजार से ज्यादा घरों को नुकसान पहुंचा हैं। वहां लगभग 2 हजार दुकानें और 2 हजार घर बह चुके हैं। इसके अलावा 300 से ज्यादा जानवरों की मौत हुई है। UN डेवलपमेंट प्रोग्राम (UNDP) के मुताबिक, वे अफगानिस्तान की सरकार के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। UNDP ने राहत सामग्री पहुंचाने के लिए कई अंतरराष्ट्रीय NGO से संपर्क किया है।

UNDP ने अब तक 300 से ज्यादा अस्थाई घर बनाए हैं। कई इलाकों में पिछले 3 हफ्तों से बिजली नहीं है। पिछले महीने भी भारी बारिश के कारण अफगानिस्तान में 70 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी। विशेषज्ञों ने बारिश के पीछे की वजह क्लाइमेट चेंज को बताया है।

अफगानिस्तान में दो दिनों तक भारी बारिश होगी

अफगानिस्तान के मौसम विभाग के मुताबिक, खतरा अभी टला नहीं है। वहां 19 और 20 मई को भी भारी बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग ने 16 शहरों में को अलर्ट मोड पर रहने को कहा है। बाढ़ के कारण घोर में 800 साल पुरानी जाम की मीनार को नुकसान पहुंचाया है। ये दुनिया की दूसरी सबसे ऊंची मीनार है।

BBC के मुताबिक, अफगानिस्तान में बाढ़ से खेती की जमीन पर कीचड़ ने सारी फसलों को बर्बाद कर दिया है। अफगानिस्तान की 80% आबादी खेती पर निर्भर है। तालिबान सरकार ने अंतररार्ष्ट्रीय संस्था से मदद मांगी हैं। सरकार का कहना है कि अगर मदद नहीं की गई तो हजारों लोग भूखे मर जाएगे।

तस्वीरों में देखिए बाढ़ का कहर…

अफगानिस्तान के बगलान में नदी का पानी रिहायशी इलाके में घुस गया।

अफगानिस्तान के बगलान में नदी का पानी रिहायशी इलाके में घुस गया।

अफगानिस्तान में अभी भी ज्यादातर नदियां उफान पर हैं।

अफगानिस्तान में अभी भी ज्यादातर नदियां उफान पर हैं।

बगलान के पूरे शहर में बाढ़ का पानी घुस गया।

बगलान के पूरे शहर में बाढ़ का पानी घुस गया।

अफगानिस्तान में लगातार आ रही बाढ़ की वजह से जमीन ने पानी सोखना बंद कर दिया है।

अफगानिस्तान में लगातार आ रही बाढ़ की वजह से जमीन ने पानी सोखना बंद कर दिया है।

सामंगन जिले में बाढ़ का पानी रिहायशी इलाकों में घुस गया।

सामंगन जिले में बाढ़ का पानी रिहायशी इलाकों में घुस गया।

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